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UP: सौतेली मां की पिटाई से बच्ची के सीने की तीन हडि्डयां टूटीं, मर गई मां की ममता... कब्र बन गया मां का आंचल
राजू मलिक, अमर उजाला, गाजियाबाद
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 14 Jan 2026 03:55 PM IST
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सार
गाजियाबाद के मसूरी में सौतेली मां की पिटाई से मासूम बच्ची के सीने की तीन हड्डियां टूट गईं थीं। सौतेली मां ने छह वर्षीय शिफा को बेहरमी से पीटा था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर 13 चोट के निशान मिले हैं। सिर की नसें फट गईं।
Ghaziabad murder
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
गाजियाबाद के मसूरी में कीचड़ से कपड़े गंदे होने जैसी मामूली बात पर सौतेली मां ने छह वर्षीय शिफा को बेहरमी से पीटा। इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ है। एसीपी वेव सिटी प्रिया श्रीपाल के अनुसार, चिकित्सकों को बच्ची के शरीर पर डंडे से हुई पिटाई के 13 निशान मिले। उसके सीने की तीन हड्डियां टूट गई थीं। सिर की नसें भी फट गई थीं। इस कारण अंदरूनी अंगों में रक्तस्राव होने से उसकी मौत की पुष्टि हुई है।
शिफा के नाना जहीर अहमद ने उसके पिता अकरम और सौतेली मां निशा परवीन के खिलाफ हत्या का आरोप लगाकर तहरीर दी है। पुलिस ने आरोपी माता-पिता को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त डंडा बरामद कर लिया है।
एसीपी के अनुसार, जहीर अहमद ने तहरीर में बताया कि उन्होंने आठ वर्ष पूर्व बेटी तराना उर्फ गुलजार की शादी डासना कस्बा के मोहल्ला बाजीगिरान निवासी अकरम से की थी। तराना की तीन वर्ष पूर्व आग से झुलसकर मौत हो गई थी। तराना से अकरम के तीन बच्चे हुए। इनमें दो बेटियां फिजा (7) व शिफा (6) थीं, जबकि सबसे छोटा बेटा आहिल (5) है।
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शिफा के नाना जहीर अहमद ने उसके पिता अकरम और सौतेली मां निशा परवीन के खिलाफ हत्या का आरोप लगाकर तहरीर दी है। पुलिस ने आरोपी माता-पिता को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त डंडा बरामद कर लिया है।
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एसीपी के अनुसार, जहीर अहमद ने तहरीर में बताया कि उन्होंने आठ वर्ष पूर्व बेटी तराना उर्फ गुलजार की शादी डासना कस्बा के मोहल्ला बाजीगिरान निवासी अकरम से की थी। तराना की तीन वर्ष पूर्व आग से झुलसकर मौत हो गई थी। तराना से अकरम के तीन बच्चे हुए। इनमें दो बेटियां फिजा (7) व शिफा (6) थीं, जबकि सबसे छोटा बेटा आहिल (5) है।
अकरम ने पहली पत्नी की मौत के बाद दो वर्ष पहले मेरठ के किठौर निवासी निशा से शादी कर ली। निशा इन बच्चों के साथ शुरुआत से मारपीट करने लगी। जहीर का आरोप है कि रविवार तड़के तीन बजे अकरम ने उनकी नाहल निवासी बेटी तरन्नुम को फोन करके बताया कि शिफा की मृत्यु हो गई है। उसने इसकी जानकारी पिता को दी।
इस पर जहीर अपने बेटों मुजम्मिल, महताब व शादाब के साथ ही अन्य रिश्तेदारों को लेकर अकरम के घर पहुंचे। वहां देखा कि बच्ची को एक लकड़ी के तख्त पर लिटाकर कपड़े से शरीर को ढक रखा था। बच्ची के शरीर पर चोटों के निशान देखकर उन्होंने अकरम से इस बारे में पूछा तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया और मौका पाकर पत्नी निशा को लेकर भाग गया।
एसीपी ने बताया कि जहीर की तहरीर के आधार पर अकरम व निशा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
मर गई ममता... कब्र बन गया मां का आंचल
बच्चे अक्सर गलती करने के बाद मां के आंचल में छिप जाते हैं, लेकिन शिफा के लिए मां का आंचल कब्र बन गया। मासूम की गलती बस इतनी थी कि खेलते वक्त उसका पैर नाली में पड़ गया, जिससे कपड़े गंदे हो गए थे। ममता और क्षमा की प्रतिमूर्ति कही जाने वाली मां इस बात पर हैवानियत की हदें पार कर गई।
बच्चे अक्सर गलती करने के बाद मां के आंचल में छिप जाते हैं, लेकिन शिफा के लिए मां का आंचल कब्र बन गया। मासूम की गलती बस इतनी थी कि खेलते वक्त उसका पैर नाली में पड़ गया, जिससे कपड़े गंदे हो गए थे। ममता और क्षमा की प्रतिमूर्ति कही जाने वाली मां इस बात पर हैवानियत की हदें पार कर गई।
एसीपी वेब सिटी प्रियाश्री पाल के अनुसार, सौतेली मां ने छह वर्षीय शिफा को डेढ़ घंटे तक डंडे से बेरहमी से पीटा। इससे बच्ची बेहोश हो गई। उसकी चीखें सुनकर चार वर्षीय भाई रोने लगा तो उसे भी पीटकर चुप करा दिया।
इतनी क्रूरता के बाद भी आरोपी सौतेली मां का दिल नहीं पसीजा। बच्ची के बेहोश हो जाने पर उसे चारपाई पर दर्द से कराहने के लिए छोड़ दिया। पूरी रात वह तड़पती रही। सुबह उसकी हालत और बिगड़ गई। फिर भी इलाज के बजाय अंधविश्वास का सहारा लिया।
पिता और सौतेली मां उसे एक मौलवी के पास ले गए। वहां ताबीज दिया गया और धूप में सेंकने की सलाह दी गई। अमानवीयता की हद तब पार हो गई, जब 11 जनवरी की सुबह 11 बजे से दोपहर दो बजे तक मरणासन्न हालत में शिफा को अर्द्धनग्न अवस्था में छत पर लकड़ी के पटरे पर लिटाए रखा गया।
नाना बोले- वो सौतेली थी, तू तो बाप था
एसीपी के अनुसार, जांच के बाद अकरम और उसकी पत्नी निशा परवीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए मृतका के नाना जहीर को थाने बुलाया गया। ग्राम नेकपुर साबितनगर निवासी जहीर थाने में फूट-फूटकर रो पड़े। लॉकअप के पास पहुंचकर उन्होंने दामाद से कहा वो सौतेली मां थी, लेकिन तू तो बाप था।
एसीपी के अनुसार, जांच के बाद अकरम और उसकी पत्नी निशा परवीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए मृतका के नाना जहीर को थाने बुलाया गया। ग्राम नेकपुर साबितनगर निवासी जहीर थाने में फूट-फूटकर रो पड़े। लॉकअप के पास पहुंचकर उन्होंने दामाद से कहा वो सौतेली मां थी, लेकिन तू तो बाप था।
बिन मां की बेटी को पिटते देख तेरा कलेजा नहीं फटा? पूछताछ में आरोपी अकरम ने बताया कि वह बाजार में चप्पल-जूतों की फेरी लगाता है। उसकी पत्नी आए दिन बच्चों के साथ मारपीट करती थी। विरोध करने पर धमकी देती थी कि बच्चों का साथ दिया तो छोड़कर चली जाएगी।
झूठ की आड़ में जुर्म छिपाने की कोशिश
जब बच्ची की आंखों की पुतली चढ़ गई और शरीर ठंडा पड़ने लगा, तब आरोपी उसे बाइक पर बैठाकर चिकित्सक के यहां ले जाने लगे। बच्ची को सौतेली मां ने तब भी सहारा नहीं दिया। रास्ते में बच्ची बाइक से गिर गई। असंतुलित होकर दोनों आरोपी भी बाइक से गिर गए। बच्ची की मौत की सूचना पर पुलिस घर पहुंची तो दोनों ने कहा कि बेटी का एक्सीडेंट हो गया था।
जब बच्ची की आंखों की पुतली चढ़ गई और शरीर ठंडा पड़ने लगा, तब आरोपी उसे बाइक पर बैठाकर चिकित्सक के यहां ले जाने लगे। बच्ची को सौतेली मां ने तब भी सहारा नहीं दिया। रास्ते में बच्ची बाइक से गिर गई। असंतुलित होकर दोनों आरोपी भी बाइक से गिर गए। बच्ची की मौत की सूचना पर पुलिस घर पहुंची तो दोनों ने कहा कि बेटी का एक्सीडेंट हो गया था।