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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Government introducing Delhi Land Records Bill; 'Property Aadhaar Cards' to be created for all properties

Delhi NCR News: दिल्ली लैंड रिकॉर्ड बिल ला रही सरकार, सभी संपत्तियों का बनेगा प्रॉपर्टी आधार कार्ड

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 30 Jul 2026 08:03 PM IST
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बिल के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाएगी सरकार
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राजधानी की हर आवासीय और व्यावसायिक संपत्ति का होगा ड्रोन सर्वे, मिलेगी यूनिक डिजिटल पहचान
दशकों पुराने भूमि विवाद, फर्जी दस्तावेज और स्वामित्व संबंधी उलझनों पर लगेगी लगाम

अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली की हर संपत्ति को अब स्थायी डिजिटल पहचान मिलने जा रही है। इसके लिए सरकार दिल्ली लैंड रिकॉर्ड बिल-2026 लाएगी। इसमें राजधानी की प्रत्येक आवासीय, व्यावसायिक और अन्य श्रेणी की संपत्ति का वैज्ञानिक सर्वे कर उसका डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। उसके बाद हर संपत्ति को यूनिक प्रॉपर्टी आईडी यानी प्रॉपर्टी आधार कार्ड जारी होगा। सरकार का दावा है कि इससे सालों से चले आ रहे भूमि विवाद, फर्जी रिकॉर्ड और स्वामित्व संबंधी समस्याओं के समाधान का रास्ता खुलेगा।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बृहस्पतिवार को बताया कि केंद्र सरकार की स्वामित्व योजना के तहत दिल्ली के 30 ग्रामीण गांवों में ड्रोन सर्वे कर डिजिटल प्रॉपर्टी कार्ड तैयार किए जा चुके हैं। इस प्रयोग के सकारात्मक परिणाम सामने आने के बाद अब यही व्यवस्था पूरी दिल्ली में लागू की जाएगी। इसके लिए भारतीय सर्वेक्षण विभाग की तकनीकी विशेषज्ञता और आधुनिक ड्रोन मैपिंग का इस्तेमाल होगा। सरकार का मानना है कि एक समान डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने से भविष्य में संपत्तियों की पहचान और सत्यापन आसान होगा।
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हर मंजिल का भी बनेगा डिजिटल रिकॉर्ड
प्रस्तावित कानून के तहत केवल भूखंड या भवन ही नहीं, बल्कि प्रत्येक इमारत की हर मंजिल का अलग डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। सर्वे के दायरे में आवासीय, व्यावसायिक, संस्थागत और अन्य सभी प्रकार की संपत्तियां आएंगी। सरकार का उद्देश्य है कि राजधानी की कोई भी संपत्ति डिजिटल रिकॉर्ड से बाहर न रहे। सर्वे पूरा होने के बाद प्रत्येक संपत्ति को यूनिक प्रॉपर्टी आईडी आवंटित की जाएगी।
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विवादों से लेकर खरीद-बिक्री तक मिलेगी राहत
सरकार का कहना है कि वर्षों से व्यवस्थित भूमि रिकॉर्ड नहीं होने के कारण लोगों को स्वामित्व साबित करने, खरीद-बिक्री, उत्तराधिकार, बैंक ऋण, नक्शा स्वीकृति और अदालतों में लंबित मामलों जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद प्रमाणिक डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध होगा, जिससे रिकॉर्ड संबंधी अस्पष्टता कम होगी और भूमि विवादों में उल्लेखनीय कमी आने की संभावना है। साथ ही फर्जी दस्तावेजों और एक ही संपत्ति पर कई दावों जैसी समस्याओं पर भी अंकुश लगेगा।

डिजिटल शासन की नई नींव बनेगा बिल
मुख्यमंत्री के मुताबिक, यह पहल केवल रिकॉर्ड तैयार करने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि दिल्ली में डिजिटल भूमि प्रबंधन व्यवस्था की आधारशिला बनेगी। ड्रोन सर्वे, डिजिटल मैपिंग और आधुनिक तकनीक के जरिए तैयार रिकॉर्ड से नागरिकों को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और तेज सेवाएं मिल सकेंगी।


विशेष सत्र में पेश होगा विधेयक
मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली लैंड रिकॉर्ड बिल-2026 को अंतिम रूप दिया जा रहा है। मंत्रियों के समूह की समीक्षा के बाद इसे मंजूरी की प्रक्रिया में लाया गया है। सरकार इस विधेयक को पारित कराने के लिए विधानसभा का विशेष सत्र भी बुलाएगी। कानून लागू होने के बाद चरणबद्ध तरीके से पूरी दिल्ली का वैज्ञानिक सर्वे कराया जाएगा और प्रत्येक संपत्ति को डिजिटल पहचान देने की प्रक्रिया शुरू होगी। सरकार का दावा है कि यह कदम राजधानी में भूमि रिकॉर्ड प्रबंधन को नई दिशा देने के साथ संपत्ति संबंधी व्यवस्थाओं को अधिक पारदर्शी, भरोसेमंद और तकनीक आधारित बनाएगा।
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