फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Government to provide ₹7.5 lakh compensation to the family in cases of unnatural death in Delhi jails

अधिसूचना: दिल्ली की जेलों में अप्राकृतिक मौत पर सरकार परिवार को देगी 7.5 लाख रुपये का मुआवजा, फैसला जांच पर

Mon, 03 Aug 2026 04:39 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 03 Aug 2026 04:39 AM IST
सार

योजना राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप लागू की गई है। इसका उद्देश्य कस्टोडियल मौत के मामलों में पीड़ित परिवारों को समय रहते राहत देने के साथ जेल प्रशासन की जवाबदेही तय करना है।

विज्ञापन
Government to provide ₹7.5 lakh compensation to the family in cases of unnatural death in Delhi jails
तिहाड़ जेल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली सरकार ने जेलों में अभिरक्षा के दौरान होने वाली अप्राकृतिक मौतों के मामलों में मृतक कैदियों के परिजनों को 5 लाख से 7.5 लाख रुपये तक मुआवजा देने की योजना अधिसूचित की है। योजना राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप लागू की गई है। इसका उद्देश्य कस्टोडियल मौत के मामलों में पीड़ित परिवारों को समय रहते राहत देने के साथ जेल प्रशासन की जवाबदेही तय करना है।

विज्ञापन


गृह विभाग की अधिसूचना के मुताबिक, जेल के भीतर कैदियों के बीच झगड़े या जेल कर्मियों द्वारा कथित यातना अथवा मारपीट के कारण मृत्यु होने पर मृतक के निकटतम परिजन या वैधानिक उत्तराधिकारी को 7.5 लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा। वहीं जेल अधिकारियों या कर्मचारियों की लापरवाही, चिकित्सा या पैरामेडिकल स्टाफ की लापरवाही व कैदी द्वारा आत्महत्या किए जाने की स्थिति में 5 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। योजना अधिसूचना की तिथि या उसके बाद होने वाली घटनाओं पर ही लागू होगी।
विज्ञापन


इन मामलों में नहीं मिलेगा लाभ
सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्राकृतिक मृत्यु या बीमारी से हुई मौत पर कोई मुआवजा नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा जेल से फरार होने या वैध अभिरक्षा से भागने के दौरान हुई मृत्यु व किसी प्राकृतिक आपदा या अन्य विपदा के कारण हुई मौत भी इस योजना के दायरे से बाहर रहेगी। इससे योजना का दायरा केवल अप्राकृतिक और कस्टोडियल मौतों तक सीमित रहेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


जांच के बाद होगा भुगतान
हर मामले में संबंधित जेल अधीक्षक को मजिस्ट्रियल जांच रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मृत्यु के अंतिम कारण, चिकित्सा इतिहास और उपचार संबंधी पूरा रिकॉर्ड महानिदेशक कारागार को भेजना होगा। महानिदेशक कारागार की अध्यक्षता में गठित समिति इन दस्तावेजों की समीक्षा करेगी। समिति की सिफारिश के बाद प्रशासनिक सचिव के समक्ष मुआवजा स्वीकृति का प्रस्ताव भेजा जाएगा। भुगतान होने के बाद इसकी सूचना राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को भी दी जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed