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Greater Noida: हाथरस शहरी सेंटर 4000 हेक्टेयर में बसाने की तैयारी, महायोजना 2041 बनाने के लिए कंपनी तय
अमर उजाला नेटवर्क, ग्रेटर नोएडा
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 15 Jan 2026 03:24 AM IST
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सार
महायोजना के आधार पर 4,000 हेक्टेयर में हाथरस अर्बन सेंटर विकसित किया जाएगा। करीब नौ महीने में कंपनी महायोजना तैयार कर ड्राफ्ट प्राधिकरण को सौंपेगी।
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
यमुना प्राधिकरण (यीडा) के हाथरस अर्बन सेंटर पर विकास कार्य अब शुरू किए जाने हैं। महायोजना 2041 बनाने के लिए यीडा ने कंपनी तय कर ली है। इसी महायोजना के आधार पर 4,000 हेक्टेयर में हाथरस अर्बन सेंटर विकसित किया जाएगा। करीब नौ महीने में कंपनी महायोजना तैयार कर ड्राफ्ट प्राधिकरण को सौंपेगी। शासन और प्राधिकरण के बोर्ड से इसे लागू करने के लिए मंजूरी लेकर काम शुरू कराया जाएगा।
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प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक तीन कंपनी वित्तीय बिड में शामिल हुईं थीं। आरवी इंजीनियरिंग कंसल्टेंट, एलईए एसोसिएट्स साउथ एशिया और गरूड़ा यूएवी सॉफ्टसॉल्यूशंस तकनीकी बिड में सफल रही थीं। वित्तीय बिड के आकलन के बाद आरवी इंजीनियरिंग कंसल्टेंट को महायोजना तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। महायोजना तैयार करने के साथ विकास कार्य में भी जरूरी तकनीकी सहयोग कंपनी करेगी।
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एक्सप्रेसवे के नजदीकी वाले हाथरस और सासनी के गांवों की जमीनों को इस अर्बन सेंटर में शामिल किया गया है। हरित क्षेत्र यहां 15 फीसदी से अधिक रखने के साथ सड़क नेटवर्क विकसित करने को भी प्राथमिकता दी जाएगी। शुरुआती योजना के मुताबिक यहां स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए ईकोसिस्टम विकसित किया जाना है। वहीं भविष्य की जरूरतों के लिए यहां उद्योगों को भी भूखंड विकसित कर दिए जाएंगे।
आवासीय भू-उपयोग की संपत्तियां भी यहां विकसित की जाएंगी। यहां अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करते हुए औद्योगिक शहर बसाने की तेयारी है। इससे हाथरस को प्रमुख औद्योगिक शहर के रूप में विकसित करने के अलावा आवासीय जरूरतों को भी पूरा किया जा सकेगा। इस इलाके में रोजगार के भी नए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष अवसर विकसित होंगे।
इन उद्योगों को दी जा सकती प्राथमिकता
महायोजना में कृषि-आधारित उद्योगों को बढ़ावा दिया जा सकता है। इसकी वजह हाथरस और आसपास के क्षेत्र कृषि के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जाते हैं। यहां कोल्ड स्टोर, डेयरी प्लांट, होजरी यूनिट, हस्तशिल्प और फूड प्रोसेसिंग यूनिट जैसी स्थानीय इकाइयों को प्राथमिकता दी जाएगी। अहम है कि हींग और गुलाल के लिए हाथरस पूरी दुनिया में मशहूर है।
नोएडा एयरपोर्ट से सीधी कनेक्टिविटी
अधिकारियों ने पहले पेश किए जा चुके प्रजेंटेशन में ही यह स्पष्ट कर दिया था कि हाथरस अर्बन सेंटर की कनेक्टिविटी नोएडा एयरपोर्ट से होगी। इसके लिए जरूरी सड़क नेटवर्क की योजना तैयार कर कंसल्टेंट कंपनी देगी। इससे यमुना एक्सप्रेसवे से भी यह अर्बन सेंटर जुड़ जाएगा। फिलहाल हाथरस आगरा-अलीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग, बरेली-मथुरा राष्ट्रीय राजमार्ग के अलावा राज्य राजमार्ग-एसएच 33 से जुड़ा हुआ है।