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Delhi NCR News: वर्षों की नौकरी के बाद पात्रता परीक्षा करवाने पर जीएसटीए ने उठाया सवाल
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- केंद्रीय शिक्षा मंत्री से मांगी राहत, भेजा ज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। सीटीईटी-टीईटी की अनिवार्यता से शिक्षक परेशान हैं। वर्षों की नौकरी के बाद पात्रता परीक्षा पर सवाल उठाते हुए गवर्नमेंट स्कूल टीचर्स एसोसिएशन (जीएसटीए) ने केंद्र सरकार से इस मामले में विधायी हस्तक्षेप की मांग की है। संगठन ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को प्रतिनिधित्व भेजा है और 60 हजार शिक्षकों के हित में विशेष छूट की मांग की है।
जीएसटीए के महासचिव अजय वीर यादव ने कहा कि दिल्ली सहित देशभर में हजारों शिक्षक ऐसे हैं, जिनकी नियुक्ति उस समय लागू भर्ती नियमों और पात्रता शर्तों के अनुरूप हुई थी। उन्होंने कहा कि वर्षों की नौकरी के बाद शिक्षकों को दोबारा पात्रता परीक्षा देने के लिए बाध्य करना न केवल अव्यावहारिक है, बल्कि उनके साथ अन्याय भी है।
संगठन ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि संसद अथवा अन्य विधायी माध्यम से उन शिक्षकों को संरक्षण प्रदान किया जाए, जिनकी नियुक्ति उस समय के वैध भर्ती नियमों के आधार पर हुई थी। साथ ही सेवा में कार्यरत शिक्षकों के लिए एकमुश्त विशेष छूट दी जानी चाहिए।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। सीटीईटी-टीईटी की अनिवार्यता से शिक्षक परेशान हैं। वर्षों की नौकरी के बाद पात्रता परीक्षा पर सवाल उठाते हुए गवर्नमेंट स्कूल टीचर्स एसोसिएशन (जीएसटीए) ने केंद्र सरकार से इस मामले में विधायी हस्तक्षेप की मांग की है। संगठन ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को प्रतिनिधित्व भेजा है और 60 हजार शिक्षकों के हित में विशेष छूट की मांग की है।
जीएसटीए के महासचिव अजय वीर यादव ने कहा कि दिल्ली सहित देशभर में हजारों शिक्षक ऐसे हैं, जिनकी नियुक्ति उस समय लागू भर्ती नियमों और पात्रता शर्तों के अनुरूप हुई थी। उन्होंने कहा कि वर्षों की नौकरी के बाद शिक्षकों को दोबारा पात्रता परीक्षा देने के लिए बाध्य करना न केवल अव्यावहारिक है, बल्कि उनके साथ अन्याय भी है।
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संगठन ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि संसद अथवा अन्य विधायी माध्यम से उन शिक्षकों को संरक्षण प्रदान किया जाए, जिनकी नियुक्ति उस समय के वैध भर्ती नियमों के आधार पर हुई थी। साथ ही सेवा में कार्यरत शिक्षकों के लिए एकमुश्त विशेष छूट दी जानी चाहिए।