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Gurugram News: युवक को डिजिटल अरेस्ट करके तीन दिन में ट्रांसफर कराए 2.79 लाख रुपये
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पुलिस अधिकारी बनकर अरेस्ट वारंट जारी होने का डर दिखाकर वारदात को दिया अंजाम
साइबर थाना मानेसर में प्राथमिकी दर्ज, पुलिस कर रही मामले की छानबीन
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। जालसाजों ने युवक को डिजिटल अरेस्ट करके तीन दिनों में 2,79,994 रुपये ट्रांसफर करा लिए। जालसाजों ने पुलिस अधिकारी बनकर अरेस्ट वारंट जारी होने का डर दिखाकर वारदात को अंजाम दिया। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने साइबर अपराध थाना मानेसर में प्राथमिकी दर्ज की है।
फर्रुखनगर के वार्ड-8 निवासी योगेंद्र कुमार ने बताया कि 10 अप्रैल को उनके मोबाइल पर अनजान नंबर से कॉल आई थी। कॉल करने वाले खुद को पुलिस अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके खिलाफ एक अपराध में अरेस्ट वारंट निकला है जिससे वह घबरा गए थे। इसके बाद ठग ने पीड़ित को वीडियो कॉल की और कहा कि हम आपके बैंक अकाउंट का ऑनलाइन सत्यापन करेंगे। जालसाजों ने पीड़ित को गिरफ्तारी का डर दिखाकर व डरा-धमकाकर 10 अप्रैल से 12 अप्रैल तक 2,79,994 रुपये ट्रांसफर कराए।
पीड़ित भी जालसाजों के झांसे में आकर गिरफ्तारी से बचने के लिए उनके बताए खाते में रुपये ट्रांसफर करता रहा। बाद में पीड़ित को अपने साथ हुई ऑनलाइन ठगी का एहसास हुआ तो हेल्पलाइन नंबर पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित ने साइबर पुलिस से जालसाजों के खिलाफ कार्रवाई करने व रुपये वापस दिलाने की मांग की है।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। जालसाजों ने युवक को डिजिटल अरेस्ट करके तीन दिनों में 2,79,994 रुपये ट्रांसफर करा लिए। जालसाजों ने पुलिस अधिकारी बनकर अरेस्ट वारंट जारी होने का डर दिखाकर वारदात को अंजाम दिया। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने साइबर अपराध थाना मानेसर में प्राथमिकी दर्ज की है।
फर्रुखनगर के वार्ड-8 निवासी योगेंद्र कुमार ने बताया कि 10 अप्रैल को उनके मोबाइल पर अनजान नंबर से कॉल आई थी। कॉल करने वाले खुद को पुलिस अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके खिलाफ एक अपराध में अरेस्ट वारंट निकला है जिससे वह घबरा गए थे। इसके बाद ठग ने पीड़ित को वीडियो कॉल की और कहा कि हम आपके बैंक अकाउंट का ऑनलाइन सत्यापन करेंगे। जालसाजों ने पीड़ित को गिरफ्तारी का डर दिखाकर व डरा-धमकाकर 10 अप्रैल से 12 अप्रैल तक 2,79,994 रुपये ट्रांसफर कराए।
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पीड़ित भी जालसाजों के झांसे में आकर गिरफ्तारी से बचने के लिए उनके बताए खाते में रुपये ट्रांसफर करता रहा। बाद में पीड़ित को अपने साथ हुई ऑनलाइन ठगी का एहसास हुआ तो हेल्पलाइन नंबर पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित ने साइबर पुलिस से जालसाजों के खिलाफ कार्रवाई करने व रुपये वापस दिलाने की मांग की है।
