सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   SC slams Centre for not filing affidavit on plea to control unpredictable fluctuations in airfares

मनमाने हवाई किराये पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: सरकार से कहा- तीन बार समय दिया, फिर हलफनामा क्यों नहीं आया?

पीटीआई, नई दिल्ली। Published by: Nirmal Kant Updated Thu, 30 Apr 2026 04:21 PM IST
विज्ञापन
सार

Supreme Court: मनमाने हवाई किराये को लेकर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए केंद्र सरकार को आठ मई तक हलफनामा दाखिल करने को कहा। कोर्ट ने केंद्र से पूछा कि नोटिस जारी होने के बावजूद हलफनामा क्यों दाखिल नहीं हुआ? पढ़िए रिपोर्ट-

SC slams Centre for not filing affidavit on plea to control unpredictable fluctuations in airfares
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : पीटीआई (फाइल)
विज्ञापन

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को केंद्र सरकार को फटकार लगाई। दरअसल, सरकार ने उस याचिका पर अपना हलफनामा अब तक दाखिल नहीं किया, जिसमें देश के निजी की ओर से लगाए जाने वाले हवाई किराये और अन्य शुल्कों में अचानक उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने के लिए दिशानिर्देश देने की मांग की गई थी। 
Trending Videos


जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ सुनवाई कर रही थी। पीठ ने केंद्र से कहा कि वह एक आवेदन के साथ हलफनामा दाखिल करे और बताए कि अब तक हलफनामा क्यों नहीं दिया गया और और समय क्यों मांगा जा रहा है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


पिछले साल 17 नवंबर को कोर्ट ने केंद्र सरकार और अन्य पक्षों से एक याचिका पर जवाब मांगा था। यह याचिका सामाजिक कार्यकर्ता एस. लक्ष्मीनारायणन ने दायर की थी, जिसमें मांग की गई थी कि एक मजबूत और स्वतंत्र नियामक संस्था बनाई जाए जो विमानन क्षेत्र में पारदर्शिता और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करे।

आज मामले की सुनवाई में क्या हुआ?
गुरुवार की सुनवाई शुरू होते ही याचिकाकर्ता के वकील ने बताया कि केंद्र ने अभी तक जवाब दाखिल नहीं किया है। केंद्र के वकील ने पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति का हवाला दिया। इस पर कोर्ट ने पूछा कि आखिर ऐसा क्या है जो आपको हलफनामा दाखिल करने से रोक रहा है? केंद्र के वकील ने कहा कि नियम बनाने पर विचार चल रहा है। इस पर कोर्ट ने कहा कि आप हलफनामा दाखिल करें और सब कुछ रिकॉर्ड में रखें। तीन बार समय दिया जा चुका है, फिर भी हलफनामा क्यों नहीं आया? केंद्र ने तीन हफ्ते का समय मांगा, लेकिन कोर्ट ने यह मांग स्वीकार नहीं की और कहा कि हलफनामा अगले सप्ताह तक देना होगा।

ये भी पढ़ें: पेंशन के लिए तरसते कैंसर पीड़ित बुजुर्ग: सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख, इलाहाबाद हाईकोर्ट को जल्द सुनवाई का आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
■ शीर्ष कोर्ट ने कहा कि आपका हलफनामा अगले शुक्रवार (8 मई) तक आ जाना चाहिए।
■ अपने आदेश में कोर्ट ने कहा कि 17 नवंबर को नोटिस जारी होने के बावजूद अब तक कोई हलफनामा दाखिल नहीं किया गया है।
■ आज भी केंद्र ने और समय मांगा, जिसे कोर्ट ने स्वीकार नहीं किया।
■ कोर्ट ने निर्देश दिया कि एक सप्ताह के भीतर उचित आवेदन और हलफनामा दाखिल किया जाए, जिसमें यह बताया जाए कि देरी क्यों हुई और और समय क्यों चाहिए।
■ अगली सुनवाई 11 मई को होगी।

मनमाने हवाई किराये पर कोर्ट ने जताई थी चिंता
इससे पहले 23 फरवरी को केंद्र ने कोर्ट को बताया था कि विमानन मंत्रालय इस मामले पर विचार कर रहा है। 19 जनवरी की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने हवाई किराये में अचानक बढ़ोतरी को लेकर चिंता जताई थी और कहा था कि त्योहारों के समय किराया बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। कोर्ट ने इसे 'शोषण' बताया था और केंद्र व विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) से जवाब मांगा था। पिछले साल नवंबर में कोर्ट ने केंद्र, डीजीसीए और हवाईअड्डा आर्थिक नियामक प्राधिकरण को नोटिस जारी किया था।

याचिका में क्या कहा गया है?
याचिका में कहा गया कि निजी एयरलाइंस ने बिना किसी ठोस कारण के इकोनॉमी क्लास के लिए मुफ्त चेक-इन बैगेज 25 किलो से घटाकर 15 किलो कर दिया है, जिससे पहले की सेवा को अब कमाई का जरिया बना दिया गया है। याचिका में यह भी कहा गया कि केवल एक बैग की अनुमति और बिना किसी छूट के नई नीति यात्रियों के साथ मनमानी है। इसमें यह भी कहा गया है कि अभी हवाई किराये या अतिरिक्त शुल्क को नियंत्रित करने वाली कोई संस्था नहीं है, जिससे एयरलाइंस मनमाने तरीके से शुल्क वसूल रही हैं।



 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed