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अड़बर तबलीगी जलसा: शांति, भाईचारे और गंगा-जमुनी तहजीब का संगम
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जलसे में उमड़ रही भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। अड़बर गांव में 4 अप्रैल से शुरू हुआ तबलीगी जलसा शांति, सद्भाव और भाईचारे के संदेश के साथ जारी है। इस धार्मिक आयोजन में मेवात समेत कई राज्यों से लाखों लोग पहुंच रहे हैं। जलसे को लेकर प्रशासन और आयोजन समिति पूरी तरह अलर्ट मोड पर है, जहां सुरक्षा, ट्रैफिक और भीड़ प्रबंधन के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
जलसे में उमड़ रही भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। करीब 150 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है और 10 स्थानों पर नाके लगाए गए हैं। इसके अलावा, भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हजारों वालंटियर्स भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं, जो लोगों को मार्गदर्शन देने और व्यवस्था बनाए रखने में जुटे हैं। जलसे के दौरान आसपास के क्षेत्रों में जाम की स्थिति न बने, इसके लिए कमेटी ने कई वैकल्पिक रास्ते तैयार किए हैं। वाहनों की आवाजाही को सुचारु बनाए रखने के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए गए हैं। फोर व्हीलर और टू व्हीलर के लिए अलग-अलग पार्किंग की व्यवस्था की गई है, जिससे यातायात सुगम बना रहे। इस विशाल जलसे के लिए करीब 400 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है, जिसमें 20 एकड़ से अधिक क्षेत्र में भव्य पंडाल लगाया गया है। कई पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए चार वजूखाने और चार स्थानों पर वाशरूम की व्यवस्था की गई है।
महिलाओं ने लाखों लोगों के लिए बनाई चूल्हे की रोटी
जलसे में एक खास पहल देखने को मिल रही है, जहां आसपास के गांवों की महिलाएं अपने घरों में रोटियां बनाकर जलसे में भेज रही हैं। नूंह के कई गांवों से हर घर से बनी चूल्हे की रोटियां यहां पहुंच रही हैं, जो इस आयोजन की सामाजिक एकता और सहयोग की भावना को दर्शाती हैं। आयोजकों के अनुसार रविवार तक करीब चार लाख लोग जलसे में शामिल हो चुके हैं। मेवाती युवाओं का कहना है कि तबलीगी जलसा हमेशा समाज को जोड़ने और सकारात्मक संदेश देने का काम करता है। इस जलसे की खासियत यह है कि इसमें हिंदू समाज के लोग भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। कई जगहों पर हिंदू समाज द्वारा भोजन, पानी और अन्य सुविधाएं निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। समाजसेवी कमांडो हिदायत खान ने कहा कि मेवात हमेशा से भाईचारे की मिसाल रहा है और इस तरह के आयोजन सामाजिक एकता को मजबूत करते हैं। भाजपा जिला पार्षद तौफीक हिंगनपुर ने जलसे के सफल आयोजन पर क्षेत्रवासियों को बधाई दी।
आज होगा समापन, बड़ी दुआ की तैयारी
आयोजकों के अनुसार 6 अप्रैल को जलसे का समापन होगा, जिसमें बड़े स्तर पर दुआ कराई जाएगी। इस दौरान और अधिक संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है, जिसके लिए प्रशासन और कमेटी ने अतिरिक्त तैयारियां शुरू कर दी हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। अड़बर गांव में 4 अप्रैल से शुरू हुआ तबलीगी जलसा शांति, सद्भाव और भाईचारे के संदेश के साथ जारी है। इस धार्मिक आयोजन में मेवात समेत कई राज्यों से लाखों लोग पहुंच रहे हैं। जलसे को लेकर प्रशासन और आयोजन समिति पूरी तरह अलर्ट मोड पर है, जहां सुरक्षा, ट्रैफिक और भीड़ प्रबंधन के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
जलसे में उमड़ रही भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। करीब 150 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है और 10 स्थानों पर नाके लगाए गए हैं। इसके अलावा, भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हजारों वालंटियर्स भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं, जो लोगों को मार्गदर्शन देने और व्यवस्था बनाए रखने में जुटे हैं। जलसे के दौरान आसपास के क्षेत्रों में जाम की स्थिति न बने, इसके लिए कमेटी ने कई वैकल्पिक रास्ते तैयार किए हैं। वाहनों की आवाजाही को सुचारु बनाए रखने के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए गए हैं। फोर व्हीलर और टू व्हीलर के लिए अलग-अलग पार्किंग की व्यवस्था की गई है, जिससे यातायात सुगम बना रहे। इस विशाल जलसे के लिए करीब 400 एकड़ भूमि चिन्हित की गई है, जिसमें 20 एकड़ से अधिक क्षेत्र में भव्य पंडाल लगाया गया है। कई पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए चार वजूखाने और चार स्थानों पर वाशरूम की व्यवस्था की गई है।
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महिलाओं ने लाखों लोगों के लिए बनाई चूल्हे की रोटी
जलसे में एक खास पहल देखने को मिल रही है, जहां आसपास के गांवों की महिलाएं अपने घरों में रोटियां बनाकर जलसे में भेज रही हैं। नूंह के कई गांवों से हर घर से बनी चूल्हे की रोटियां यहां पहुंच रही हैं, जो इस आयोजन की सामाजिक एकता और सहयोग की भावना को दर्शाती हैं। आयोजकों के अनुसार रविवार तक करीब चार लाख लोग जलसे में शामिल हो चुके हैं। मेवाती युवाओं का कहना है कि तबलीगी जलसा हमेशा समाज को जोड़ने और सकारात्मक संदेश देने का काम करता है। इस जलसे की खासियत यह है कि इसमें हिंदू समाज के लोग भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। कई जगहों पर हिंदू समाज द्वारा भोजन, पानी और अन्य सुविधाएं निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। समाजसेवी कमांडो हिदायत खान ने कहा कि मेवात हमेशा से भाईचारे की मिसाल रहा है और इस तरह के आयोजन सामाजिक एकता को मजबूत करते हैं। भाजपा जिला पार्षद तौफीक हिंगनपुर ने जलसे के सफल आयोजन पर क्षेत्रवासियों को बधाई दी।
आज होगा समापन, बड़ी दुआ की तैयारी
आयोजकों के अनुसार 6 अप्रैल को जलसे का समापन होगा, जिसमें बड़े स्तर पर दुआ कराई जाएगी। इस दौरान और अधिक संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है, जिसके लिए प्रशासन और कमेटी ने अतिरिक्त तैयारियां शुरू कर दी हैं।