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Gurugram News: चार दिन से खराब श्रेणी में हवा
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संवाद न्यूज एजेंसी
मानेसर। जिले की हवा लगातार चार दिन से खराब श्रेणी में बनी हुई है। वायु गुणवत्ता में लगातार गिरावट के कारण लोगों की परेशानी बढ़ने लगी है। खासकर सांस से जुड़ी बीमारी से पीड़ित मरीजों के लिए खराब हवा चिंता का कारण बन रही है। शहर में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए प्रशासन की ओर से अभी तक ठोस कदम नजर नहीं आ रहे हैं।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, 24 सितंबर को गुरुग्राम का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 237 दर्ज किया गया। वहीं, विकास सदन क्षेत्र में एक्यूआई 338 रहा, जो बहुत खराब श्रेणी में आता है। दूसरी ओर मानेसर में एक्यूआई 155 दर्ज किया गया, जो मॉडरेट श्रेणी में है। पिछले दो दिनों से मानेसर की हवा इसी श्रेणी में बनी हुई है।
शहर में कई जगह खुले में कूड़ा या अन्य सामान जलाने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इसके अलावा जर्जर सड़कों से उड़ने वाली धूल और निर्माणाधीन साइटों पर प्रदूषण नियंत्रण के नियमों का पालन नहीं होने से भी स्थिति खराब हो रही है। अगर समय रहते प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में लोगों को और परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
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मानेसर। जिले की हवा लगातार चार दिन से खराब श्रेणी में बनी हुई है। वायु गुणवत्ता में लगातार गिरावट के कारण लोगों की परेशानी बढ़ने लगी है। खासकर सांस से जुड़ी बीमारी से पीड़ित मरीजों के लिए खराब हवा चिंता का कारण बन रही है। शहर में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए प्रशासन की ओर से अभी तक ठोस कदम नजर नहीं आ रहे हैं।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, 24 सितंबर को गुरुग्राम का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 237 दर्ज किया गया। वहीं, विकास सदन क्षेत्र में एक्यूआई 338 रहा, जो बहुत खराब श्रेणी में आता है। दूसरी ओर मानेसर में एक्यूआई 155 दर्ज किया गया, जो मॉडरेट श्रेणी में है। पिछले दो दिनों से मानेसर की हवा इसी श्रेणी में बनी हुई है।
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शहर में कई जगह खुले में कूड़ा या अन्य सामान जलाने की घटनाएं सामने आ रही हैं। इसके अलावा जर्जर सड़कों से उड़ने वाली धूल और निर्माणाधीन साइटों पर प्रदूषण नियंत्रण के नियमों का पालन नहीं होने से भी स्थिति खराब हो रही है। अगर समय रहते प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में लोगों को और परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
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