{"_id":"6a2ac345a68ce32e140f79c6","slug":"anil-mandal-an-accused-in-the-manesar-workers-movement-case-granted-bail-gurgaon-news-c-24-1-fbd1020-91068-2026-06-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gurugram News: मानेसर श्रमिक आंदोलन मामले में आरोपी बनाए गए अनिल मंडल को मिली जमानत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gurugram News: मानेसर श्रमिक आंदोलन मामले में आरोपी बनाए गए अनिल मंडल को मिली जमानत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
अभियोजन पक्ष ने माना सीसीटीवी फुटेज में आरोपी दिखा नहीं
9 अप्रैल को आईएमटी मानेसर इलाके में हुई थी वारदात
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। मानेसर में 9 अप्रैल को श्रमिक आंदोलन के दौरान भड़की हिंसा के मामले में आरोपी बनाए गए श्रमिक को जिला अदालत से जमानत मिल गई। श्रमिक अनिल कुमार मंडल के अधिवक्ता की ओर से जमानत याचिका दायर कर दलील दी गई कि उसे केस में गलत फंसाया गया है। 9 अप्रैल अनिल हिरासत में है। उससे कोई हथियार या अन्य सामान भी बरामद नहीं हुआ है।
अभियोजन पक्ष ने भी दलील देकर याचिका का विरोध किया। साथ ही अभियोजन पक्ष ने ये भी माना कि कोई सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध नहीं है जिसमें ये श्रमिक कैद हुआ है। कोई ऐसी व्हाट्सएप चैट भी नहीं मिली हो जो इसके खिलाफ अहम सबूत हो। इसके मोबाइल को जांच के लिए लैब भेजा गया है। सभी पक्षों को सुनकर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ. गगन गीत कौर की अदालत ने श्रमिक की जमानत याचिका मंजूर कर दी।
यह है मामला
आईएमटी मानेसर थाना में ये एफआईआर 9 अप्रैल 2026 को दर्ज हुई थी। आईएमटी सेक्टर-7 की रिचा ग्लोबल एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड में श्रमिकों की हड़ताल को लेकर पुलिस को सूचना मिली। कंपनी के एचआर एजीएम रामवीर सिंह ने पुलिस को शिकायत दी कि कंपनी की 3 शाखा पर 3-4 दिन से श्रमिक वेतन बढ़ोतरी को लेकर हड़ताल कर रहे हैं। पुलिस की ओर से सुरक्षा के लिए टीम तैनात की गई। आरोप लगाया गया कि 9 अप्रैल की सुबह लगभग साढ़े 10 बजे अचानक से लगभग 250 श्रमिकों ने पथराव शुरू कर दिया। उग्र भीड़ ने कंपनी व कर्मचारियों के वाहनों को आग लगाते हुए पुलिस के वाहन भी क्षतिग्रस्त किए। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए फोर्स बुलाई और हालात काबू किए। इसके बाद प्राथमिकी दर्ज कर कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। अब श्रमिक अनिल कुमार मंडल को मामले में जमानत मिली है।
विज्ञापन
9 अप्रैल को आईएमटी मानेसर इलाके में हुई थी वारदात
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। मानेसर में 9 अप्रैल को श्रमिक आंदोलन के दौरान भड़की हिंसा के मामले में आरोपी बनाए गए श्रमिक को जिला अदालत से जमानत मिल गई। श्रमिक अनिल कुमार मंडल के अधिवक्ता की ओर से जमानत याचिका दायर कर दलील दी गई कि उसे केस में गलत फंसाया गया है। 9 अप्रैल अनिल हिरासत में है। उससे कोई हथियार या अन्य सामान भी बरामद नहीं हुआ है।
अभियोजन पक्ष ने भी दलील देकर याचिका का विरोध किया। साथ ही अभियोजन पक्ष ने ये भी माना कि कोई सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध नहीं है जिसमें ये श्रमिक कैद हुआ है। कोई ऐसी व्हाट्सएप चैट भी नहीं मिली हो जो इसके खिलाफ अहम सबूत हो। इसके मोबाइल को जांच के लिए लैब भेजा गया है। सभी पक्षों को सुनकर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ. गगन गीत कौर की अदालत ने श्रमिक की जमानत याचिका मंजूर कर दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
यह है मामला
आईएमटी मानेसर थाना में ये एफआईआर 9 अप्रैल 2026 को दर्ज हुई थी। आईएमटी सेक्टर-7 की रिचा ग्लोबल एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड में श्रमिकों की हड़ताल को लेकर पुलिस को सूचना मिली। कंपनी के एचआर एजीएम रामवीर सिंह ने पुलिस को शिकायत दी कि कंपनी की 3 शाखा पर 3-4 दिन से श्रमिक वेतन बढ़ोतरी को लेकर हड़ताल कर रहे हैं। पुलिस की ओर से सुरक्षा के लिए टीम तैनात की गई। आरोप लगाया गया कि 9 अप्रैल की सुबह लगभग साढ़े 10 बजे अचानक से लगभग 250 श्रमिकों ने पथराव शुरू कर दिया। उग्र भीड़ ने कंपनी व कर्मचारियों के वाहनों को आग लगाते हुए पुलिस के वाहन भी क्षतिग्रस्त किए। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए फोर्स बुलाई और हालात काबू किए। इसके बाद प्राथमिकी दर्ज कर कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। अब श्रमिक अनिल कुमार मंडल को मामले में जमानत मिली है।