गुरुग्राम। राम प्रस्था डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के मुख्य प्रबंध निदेशक बलवंत चौधरी और उनके दो रिश्तेदारों के खिलाफ धोखाधड़ी तथा आपराधिक षड्यंत्र के आरोप 28 अक्तूबर को तय किए जाएंगे। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीष कुमार की अदालत ने पूर्व अतिरिक्त निदेशक अमित यादव की बरी करने की याचिका खारिज करते हुए यह आदेश दिया है।
अदालत ने बलवंत चौधरी, उनके बेटे निदेशक संदीप यादव और भतीजे अतिरिक्त निदेशक अमित यादव के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया है। यह मामला सेवानिवृत्त मुख्य इंजीनियर बाबू राम गहलोत और अन्य निवेशकों की शिकायतों पर सुशांत लोक थाने में दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि वर्ष 2011 में सेक्टर-37डी में 300-500 एकड़ की आवासीय कॉलोनी बसाने का झूठा झांसा दिया गया था। निवेशकों से लाखों रुपये ऐंठे गए, लेकिन उन्हें न तो प्लॉट दिए गए और न ही उनकी रकम लौटाई गई। बलवंत चौधरी और संदीप यादव पर शिकायतकर्ताओं से सीधे संपर्क करने और परियोजना के बारे में झूठे दावे करने का आरोप है। उन्होंने बिना प्लॉट आवंटित किए ही निवेशकों से धन प्राप्त किया। रिकॉर्ड से पुष्टि होती है कि बलवंत चौधरी और संदीप यादव प्रासंगिक अवधि के दौरान नियंत्रण के पदों पर थे। कंपनी के पास उस तरह से प्लॉट आवंटित करने के लिए जमीन या अधिकार नहीं था जैसा बताया गया था। संवाद