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Gurugram News: पढ़ाई और नौकरी की तैयारी के बीच उलझे विद्यार्थी
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कम उपस्थिति बनी परेशानी, समय का सही तालमेल नहीं बैठा पा रहे विद्यार्थी
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। कॉलेज की पढ़ाई के साथ नौकरी की तैयारी करना विद्यार्थियों के लिए चुनौती बनता जा रहा है। एक ओर कॉलेज की नियमित कक्षाओं में शामिल होकर पाठ्यक्रम पूरा करना जरूरी है, तो दूसरी ओर प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी समय निकालना पड़ता है।
ऐसे में कई विद्यार्थी समय का सही तालमेल नहीं बैठा पाते और उनकी कॉलेज में उपस्थिति प्रभावित होने लगती है। कम उपस्थिति के कारण परीक्षा में बैठने को लेकर चिंता बढ़ जाती है। इसे देखते हुए विद्यार्थियों को नियमित रूप से कक्षाओं में आने और उपस्थिति के नियमों का पालन करने की सलाह दी जा रही है। कॉलेज में पढ़ने वाले कई विद्यार्थी नौकरी की तैयारी करते हैं। इस दौरान नियमित कक्षाओं के लिए समय निकालना मुश्किल हो जाता है। कई बार विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को अधिक समय देने के कारण कॉलेज की कक्षाओं से दूरी बना लेते हैं। इसका असर उनकी नियमित पढ़ाई पर भी पड़ रहा है।
वर्जन
यदि कोई विद्यार्थी 75 प्रतिशत अटेंडेस पूरी नहीं करता है तो उसका नाम काट दिया जाता है और चेतावनी दी जाती है। उसके बाद भी अगर कोई कक्षाएं नहीं लेता है तो प्रवेश पत्र रोक लिया जाता है। - मनीषा राणा, द्रोणाचार्य कॉलेज
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। कॉलेज की पढ़ाई के साथ नौकरी की तैयारी करना विद्यार्थियों के लिए चुनौती बनता जा रहा है। एक ओर कॉलेज की नियमित कक्षाओं में शामिल होकर पाठ्यक्रम पूरा करना जरूरी है, तो दूसरी ओर प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी समय निकालना पड़ता है।
ऐसे में कई विद्यार्थी समय का सही तालमेल नहीं बैठा पाते और उनकी कॉलेज में उपस्थिति प्रभावित होने लगती है। कम उपस्थिति के कारण परीक्षा में बैठने को लेकर चिंता बढ़ जाती है। इसे देखते हुए विद्यार्थियों को नियमित रूप से कक्षाओं में आने और उपस्थिति के नियमों का पालन करने की सलाह दी जा रही है। कॉलेज में पढ़ने वाले कई विद्यार्थी नौकरी की तैयारी करते हैं। इस दौरान नियमित कक्षाओं के लिए समय निकालना मुश्किल हो जाता है। कई बार विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को अधिक समय देने के कारण कॉलेज की कक्षाओं से दूरी बना लेते हैं। इसका असर उनकी नियमित पढ़ाई पर भी पड़ रहा है।
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यदि कोई विद्यार्थी 75 प्रतिशत अटेंडेस पूरी नहीं करता है तो उसका नाम काट दिया जाता है और चेतावनी दी जाती है। उसके बाद भी अगर कोई कक्षाएं नहीं लेता है तो प्रवेश पत्र रोक लिया जाता है। - मनीषा राणा, द्रोणाचार्य कॉलेज
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