{"_id":"69bfd1dcc4b641c1d8063f56","slug":"cold-furnaces-brought-business-to-a-standstill-gurgaon-news-c-24-1-gur1002-82795-2026-03-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gurugram News: ठंडी पड़ी भट्ठियों से थम गया व्यापार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gurugram News: ठंडी पड़ी भट्ठियों से थम गया व्यापार
विज्ञापन
विज्ञापन
गैस की किल्लत...खाली हाथ लौट रहे ग्राहक, उदास बैठा दुकानदार
कुशाल रंगा
बादशाहपुर। पिछले कई दिन से गैस सिलिंडर की भारी किल्लत ने शहर के छोटे व्यापारियों, ठेले वालों और टपरी संचालकों की कमर तोड़ दी है। जो सड़कें शाम होते ही चाय की खुशबू और खाने की महक से सराबोर रहती थीं, वहां आज सन्नाटा पसरा है। सिलिंडर न मिलने के कारण सैकड़ों लोगों का रोजगार ठप हो गया है।
गैस एजेंसियों पर बुकिंग नहीं हो पा रही है और अगर कहीं सिलिंडर उपलब्ध है तो उसकी कीमत 3000 रुपये से अधिक तक वसूली जा रही है। एक आम रेहड़ी वाला जो दिन भर में 500-700 रुपये कमाता है, उसके लिए इतनी भारी रकम चुकाना मुश्किल है। दुकानों पर भट्ठी ठंडी पड़ी हैं। ग्राहक खाली हाथ लौट कर जा रहे हैं तो वहीं दुकानदार उदास बैठा है। दफ्तरोें में काम करने वाले कर्मचारियों ने बताया कि इन टपरी और ठेलों के बंद होने से महंगे रेस्तरां में ज्यादा पैसे खर्च कर खाना खरीदना पड़ रहा है, जिससे जेब पर सीधा असर पड़ रहा है।
-- --
ब्लैक में सिलिंडर का मतलब मुनाफा गंवाना
चार दिन से चूल्हा नहीं जला है। ग्राहक आकर लौट जाते हैं। एजेंसी वाले कहते हैं स्टॉक नहीं है और बाहर वही सिलिंडर ब्लैक में तीन हजार रुपये में बेचा जा रहा है। - जय नारायण
बुकिंग कराए पांच दिन हो गए लेकिन कोई जवाब नहीं मिल पाया है। ब्लैक में सिलिंडर लेने का मतलब है पूरे महीने का मुनाफा एक झटके में खत्म कर देना। - राम सिंह
गैस के बिना हमारा काम एक कदम भी नहीं चल सकता। पिछले तीन दिन से ठेला खली खड़ा है। अगर यही हाल रहा तो हम कर्जदार हो जाएंगे। समझ नहीं आ रहा कि गैस की यह कमी अचानक कैसे हो गई। - चिंटू कुमार
सिलिंडर न मिलने की वजह से आज काम बंद करना पड़ा। ब्लैक में गैस खरीदना घाटे का सौदा है और सरकारी रेट पर गैस मिल नहीं रही। हमारा तो धंधा ही चौपट हो गया है। - प्रमोद
Trending Videos
कुशाल रंगा
बादशाहपुर। पिछले कई दिन से गैस सिलिंडर की भारी किल्लत ने शहर के छोटे व्यापारियों, ठेले वालों और टपरी संचालकों की कमर तोड़ दी है। जो सड़कें शाम होते ही चाय की खुशबू और खाने की महक से सराबोर रहती थीं, वहां आज सन्नाटा पसरा है। सिलिंडर न मिलने के कारण सैकड़ों लोगों का रोजगार ठप हो गया है।
गैस एजेंसियों पर बुकिंग नहीं हो पा रही है और अगर कहीं सिलिंडर उपलब्ध है तो उसकी कीमत 3000 रुपये से अधिक तक वसूली जा रही है। एक आम रेहड़ी वाला जो दिन भर में 500-700 रुपये कमाता है, उसके लिए इतनी भारी रकम चुकाना मुश्किल है। दुकानों पर भट्ठी ठंडी पड़ी हैं। ग्राहक खाली हाथ लौट कर जा रहे हैं तो वहीं दुकानदार उदास बैठा है। दफ्तरोें में काम करने वाले कर्मचारियों ने बताया कि इन टपरी और ठेलों के बंद होने से महंगे रेस्तरां में ज्यादा पैसे खर्च कर खाना खरीदना पड़ रहा है, जिससे जेब पर सीधा असर पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
ब्लैक में सिलिंडर का मतलब मुनाफा गंवाना
चार दिन से चूल्हा नहीं जला है। ग्राहक आकर लौट जाते हैं। एजेंसी वाले कहते हैं स्टॉक नहीं है और बाहर वही सिलिंडर ब्लैक में तीन हजार रुपये में बेचा जा रहा है। - जय नारायण
बुकिंग कराए पांच दिन हो गए लेकिन कोई जवाब नहीं मिल पाया है। ब्लैक में सिलिंडर लेने का मतलब है पूरे महीने का मुनाफा एक झटके में खत्म कर देना। - राम सिंह
गैस के बिना हमारा काम एक कदम भी नहीं चल सकता। पिछले तीन दिन से ठेला खली खड़ा है। अगर यही हाल रहा तो हम कर्जदार हो जाएंगे। समझ नहीं आ रहा कि गैस की यह कमी अचानक कैसे हो गई। - चिंटू कुमार
सिलिंडर न मिलने की वजह से आज काम बंद करना पड़ा। ब्लैक में गैस खरीदना घाटे का सौदा है और सरकारी रेट पर गैस मिल नहीं रही। हमारा तो धंधा ही चौपट हो गया है। - प्रमोद