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Gurugram News: बिजली की अधिकतम दरें देने को विवश है सोसाइटियों के उपभोक्ता
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यूनिफाइड बिलिंग सिस्टम में डाटा छुपाने की शिकायत, लोगों को देना पड़ रहा ज्यादा बिल
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। शहर की सोसाइटियों में यूनिफाइड बिलिंग सिस्टम को प्रभावी तरीके से नहीं लागू किए जाने के कारण लोगों ज्यादा बिल चुकाना पड़ रहा है। डीएचबीवीएन के अनुसार, मुख्य समस्या बिल्डरों द्वारा सॉफ्टवेयर का उपयोग न करना और बिजली निगम को कॉमन एरिया का डाटा नहीं देना है। इस कारण यह लोगों के बिल में ही जोड़कर दिया जा रहा है। यूनिफाइड बिलिंग का सॉफ्टवेयर बिल में पारदर्शिता के लिए बनाया गया था, जांच के अभाव में यह फेल हो रहा है। जबकि डीएचबीवीएन ने सभी सोसाइटियों को बिजली बिल पर 4 प्रतिशत की छूट दी है ताकि किसी भी मामूली त्रुटि या अप्रत्याशित परिस्थितियों के कारण हुए नुकसान की भरपाई की जा सके।
बिजली निगम की दर से 30 प्रतिशत ज्यादा आ रहा बिल
अभी जो बिल आ रहा है, वह बिजली निगम की दरों से करीब 30 प्रतिशत ज्यादा है। बिल्डर प्रबंधन ने कॉमन एरिया में जानकारी बिजली निगम को उपलब्ध नहीं कराई। जो दरें पास के अस्पताल और व्यवसायिक प्रतिष्ठान के लिए हैं, वहीं दरें बिल्डर हम लोगों ले रहे हैं। - ग्रुप कैप्टन संदीप शर्मा, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष पार्क सेरेन, सेक्टर-37
हमारे यहां कॉमन एरिया के बिजली का डाटा सॉफ्टवेयर में नहीं डाला गया। यह सॉफ्टवेयर यूनिफाइड बिलिंग सिस्टम शुरू करने के उद्देश्य से लागू किया गया था, लेकिन यह यहां नियमानुसार लागू नहीं हो पाया है। इस कारण लोगों को बिजली की उच्चतम दरें देनी पड़ रही हैं। - नवदीप सिंह, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष एटीएस ट्रायंफ, सेक्टर-104
बिल्डर या आरडब्ल्यूए जानबूझकर साझा क्षेत्रों में मीटर नहीं लगाते (एचईआरसी के आदेशों के विपरीत) और इस प्रकार कॉमन एरिया का बिजली का बिल लोगों के घरों के बिल के साथ जुड़ रहे। इस कारण उपभोक्ता ज्यादा बिल देने को विवश हैं। - ग्रुप कैप्टन राज सिंघल, एटीएस ककून, सेक्टर-109
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यूनिफाइड बिलिंग सिस्टम पारदर्शिता के लिए ही बनाया गया है। डाटा छुपाने संबंधित कोई शिकायत आती है तो बिजली निगम इसकी जांच करेगा। - श्यामवीर सैनी, एसई सर्किल वन
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गुरुग्राम। शहर की सोसाइटियों में यूनिफाइड बिलिंग सिस्टम को प्रभावी तरीके से नहीं लागू किए जाने के कारण लोगों ज्यादा बिल चुकाना पड़ रहा है। डीएचबीवीएन के अनुसार, मुख्य समस्या बिल्डरों द्वारा सॉफ्टवेयर का उपयोग न करना और बिजली निगम को कॉमन एरिया का डाटा नहीं देना है। इस कारण यह लोगों के बिल में ही जोड़कर दिया जा रहा है। यूनिफाइड बिलिंग का सॉफ्टवेयर बिल में पारदर्शिता के लिए बनाया गया था, जांच के अभाव में यह फेल हो रहा है। जबकि डीएचबीवीएन ने सभी सोसाइटियों को बिजली बिल पर 4 प्रतिशत की छूट दी है ताकि किसी भी मामूली त्रुटि या अप्रत्याशित परिस्थितियों के कारण हुए नुकसान की भरपाई की जा सके।
बिजली निगम की दर से 30 प्रतिशत ज्यादा आ रहा बिल
अभी जो बिल आ रहा है, वह बिजली निगम की दरों से करीब 30 प्रतिशत ज्यादा है। बिल्डर प्रबंधन ने कॉमन एरिया में जानकारी बिजली निगम को उपलब्ध नहीं कराई। जो दरें पास के अस्पताल और व्यवसायिक प्रतिष्ठान के लिए हैं, वहीं दरें बिल्डर हम लोगों ले रहे हैं। - ग्रुप कैप्टन संदीप शर्मा, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष पार्क सेरेन, सेक्टर-37
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हमारे यहां कॉमन एरिया के बिजली का डाटा सॉफ्टवेयर में नहीं डाला गया। यह सॉफ्टवेयर यूनिफाइड बिलिंग सिस्टम शुरू करने के उद्देश्य से लागू किया गया था, लेकिन यह यहां नियमानुसार लागू नहीं हो पाया है। इस कारण लोगों को बिजली की उच्चतम दरें देनी पड़ रही हैं। - नवदीप सिंह, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष एटीएस ट्रायंफ, सेक्टर-104
बिल्डर या आरडब्ल्यूए जानबूझकर साझा क्षेत्रों में मीटर नहीं लगाते (एचईआरसी के आदेशों के विपरीत) और इस प्रकार कॉमन एरिया का बिजली का बिल लोगों के घरों के बिल के साथ जुड़ रहे। इस कारण उपभोक्ता ज्यादा बिल देने को विवश हैं। - ग्रुप कैप्टन राज सिंघल, एटीएस ककून, सेक्टर-109
यूनिफाइड बिलिंग सिस्टम पारदर्शिता के लिए ही बनाया गया है। डाटा छुपाने संबंधित कोई शिकायत आती है तो बिजली निगम इसकी जांच करेगा। - श्यामवीर सैनी, एसई सर्किल वन
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