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Gurugram News: भुगतान नहीं होने से आयुष्मान कार्डधारकों की जांच सेवाओं पर लगी रोक
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अस्पताल प्रशासन ने 2.65 लाख रुपये का किया भुगतान, सेवाएं बहाल करने के लिए भेजा पत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। नागरिक अस्पताल में आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों के लिए सीटी स्कैन और एमआरआई जांच सेवाएं पिछले दो दिन से प्रभावित हैं। अस्पताल में पीपीपी मॉडल पर संचालित डाइग्नोस्टिक सेंटर में यह सेवाएं निजी संस्था मनिपाल हेल्थमैप डायग्नोस्टिक प्राइवेट लिमिटेड की ओर से उपलब्ध कराई जा रही हैं। आयुष्मान योजना के तहत किए गए परीक्षणों का आठ लाख रुपये से अधिक भुगतान पिछले छह माह से लंबित है। इसी कारण आयुष्मान कार्डधारकों की जांच सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी गई हैं।
मामले को गंभीरता से लेते हुए अस्पताल प्रशासन ने बकाया राशि में से दो लाख 65 हजार रुपये का भुगतान कर दिया है, ताकि मरीजों के उपचार पर असर न पड़े। साथ ही सेवाएं जल्द बहाल करने के लिए कंपनी प्रबंधन को पत्र भी भेजा गया है। प्रशासन का कहना है कि शेष भुगतान की प्रक्रिया भी जारी है और जल्द समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है।
सेवाएं प्रभावित होने से आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों की परेशानियां बढ़ गई हैं। कई मरीजों को जांच के लिए इंतजार करना पड़ रहा है, जबकि कुछ को मजबूरी में निजी केंद्रों का रुख करना पड़ रहा है, जहां सीटी स्कैन और एमआरआई जांच पर अधिक खर्च करना पड़ता है। जिला नागरिक अस्पताल का डाइग्नोस्टिक सेंटर निजी अस्पतालों की तुलना में काफी कम दरों पर जांच सुविधा उपलब्ध कराता है, जबकि आयुष्मान योजना के लाभार्थियों को यह सुविधा निशुल्क मिलती है।
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हालांकि बीपीएल, एचजीएस और एससी-एसटी सहित अन्य सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों के लिए जांच सेवाएं फिलहाल सामान्य रूप से जारी हैं। गंभीर बीमारियों के उपचार में सीटी स्कैन और एमआरआई महत्वपूर्ण जांच हैं। ऐसे में सेवाओं में देरी मरीजों के इलाज और निदान की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है।
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पीपीपी मॉडल पर संचालित सीटी स्कैन और एमआरआई सेवाएं प्रभावित नहीं होने दी जाएंगी। बकाया राशि में से 2.65 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया है, जबकि शेष राशि भी जल्द जारी करने की प्रक्रिया चल रही है। -डाॅ. लोकवीर, सीएमओ, स्वास्थ्य विभाग
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। नागरिक अस्पताल में आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों के लिए सीटी स्कैन और एमआरआई जांच सेवाएं पिछले दो दिन से प्रभावित हैं। अस्पताल में पीपीपी मॉडल पर संचालित डाइग्नोस्टिक सेंटर में यह सेवाएं निजी संस्था मनिपाल हेल्थमैप डायग्नोस्टिक प्राइवेट लिमिटेड की ओर से उपलब्ध कराई जा रही हैं। आयुष्मान योजना के तहत किए गए परीक्षणों का आठ लाख रुपये से अधिक भुगतान पिछले छह माह से लंबित है। इसी कारण आयुष्मान कार्डधारकों की जांच सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी गई हैं।
मामले को गंभीरता से लेते हुए अस्पताल प्रशासन ने बकाया राशि में से दो लाख 65 हजार रुपये का भुगतान कर दिया है, ताकि मरीजों के उपचार पर असर न पड़े। साथ ही सेवाएं जल्द बहाल करने के लिए कंपनी प्रबंधन को पत्र भी भेजा गया है। प्रशासन का कहना है कि शेष भुगतान की प्रक्रिया भी जारी है और जल्द समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है।
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सेवाएं प्रभावित होने से आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों की परेशानियां बढ़ गई हैं। कई मरीजों को जांच के लिए इंतजार करना पड़ रहा है, जबकि कुछ को मजबूरी में निजी केंद्रों का रुख करना पड़ रहा है, जहां सीटी स्कैन और एमआरआई जांच पर अधिक खर्च करना पड़ता है। जिला नागरिक अस्पताल का डाइग्नोस्टिक सेंटर निजी अस्पतालों की तुलना में काफी कम दरों पर जांच सुविधा उपलब्ध कराता है, जबकि आयुष्मान योजना के लाभार्थियों को यह सुविधा निशुल्क मिलती है।
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हालांकि बीपीएल, एचजीएस और एससी-एसटी सहित अन्य सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों के लिए जांच सेवाएं फिलहाल सामान्य रूप से जारी हैं। गंभीर बीमारियों के उपचार में सीटी स्कैन और एमआरआई महत्वपूर्ण जांच हैं। ऐसे में सेवाओं में देरी मरीजों के इलाज और निदान की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है।
पीपीपी मॉडल पर संचालित सीटी स्कैन और एमआरआई सेवाएं प्रभावित नहीं होने दी जाएंगी। बकाया राशि में से 2.65 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया है, जबकि शेष राशि भी जल्द जारी करने की प्रक्रिया चल रही है। -डाॅ. लोकवीर, सीएमओ, स्वास्थ्य विभाग