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Gurugram News: मेरठ में भ्रूण लिंग जांच गिरोह का खुलासा, दो गिरफ्तार
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गुरुग्राम की पीसीपीएनडीटी और मेरठ स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने मारा छापा
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाने के लिए गुरुग्राम की पीसीपीएनडीटी टीम ने मेरठ में बड़ी कार्रवाई करते हुए लिंग जांच गिरोह का पर्दाफाश किया है। सिविल सर्जन डॉ. लोकवीर को मिली गुप्त सूचना के आधार पर गुरुग्राम स्वास्थ्य विभाग ने डिकॉय ऑपरेशन चलाया। इसके लिए एक गर्भवती को ग्राहक बनाकर सरधना स्थित केयर डायग्नोस्टिक सेंटर भेजा गया और फिर आरोपियों को रंगेहाथ पकड़ा।
25 जून को गुरुग्राम की पीसीपीएनडीटी टीम के डॉ. देवेंद्र सिंह सोलंकी व मेडिकल अधिकारी डॉ. हरीश कुमार और मेरठ स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम की मौजूदगी में गर्भवती ने डिकॉय ग्राहक बनकर दलाल नदीम से संपर्क किया। आरोप है कि नदीम ने 15 हजार रुपये लेकर भ्रूण के लिंग की जानकारी देने का सौदा किया। इसके बाद महिला का अल्ट्रासाउंड कराया और उसे गर्भ में लड़का होने की जानकारी दी गई। महिला के संकेत पर टीम ने केंद्र पर छापा मार दिया।
जांच के दौरान नदीम और डॉ. कृष्ण कबीर को मौके से पकड़ा गया। टीम ने 14,500 रुपये भी बरामद किए। अधिकारियों के अनुसार, अल्ट्रासाउंड करने वाले चिकित्सक के पास संबंधित कार्य की मान्यता नहीं थी और न ही अल्ट्रासाउंड मशीन पीसीपीएनडीटी अधिनियम के तहत पंजीकृत पाई गई। जांच में यह भी सामने आया कि केंद्र संचालक की ओर से संस्थान बंद करने की सूचना पहले ही स्वास्थ्य विभाग को दी जा चुकी थी। स्वास्थ्य विभाग ने नदीम, डॉ. कृष्ण कबीर, योगेश, डॉ. शैला रहमान और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ पीसीपीएनडीटी अधिनियम व अन्य कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की सिफारिश की है। मामले की जांच जारी है।
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गुरुग्राम। कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाने के लिए गुरुग्राम की पीसीपीएनडीटी टीम ने मेरठ में बड़ी कार्रवाई करते हुए लिंग जांच गिरोह का पर्दाफाश किया है। सिविल सर्जन डॉ. लोकवीर को मिली गुप्त सूचना के आधार पर गुरुग्राम स्वास्थ्य विभाग ने डिकॉय ऑपरेशन चलाया। इसके लिए एक गर्भवती को ग्राहक बनाकर सरधना स्थित केयर डायग्नोस्टिक सेंटर भेजा गया और फिर आरोपियों को रंगेहाथ पकड़ा।
25 जून को गुरुग्राम की पीसीपीएनडीटी टीम के डॉ. देवेंद्र सिंह सोलंकी व मेडिकल अधिकारी डॉ. हरीश कुमार और मेरठ स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम की मौजूदगी में गर्भवती ने डिकॉय ग्राहक बनकर दलाल नदीम से संपर्क किया। आरोप है कि नदीम ने 15 हजार रुपये लेकर भ्रूण के लिंग की जानकारी देने का सौदा किया। इसके बाद महिला का अल्ट्रासाउंड कराया और उसे गर्भ में लड़का होने की जानकारी दी गई। महिला के संकेत पर टीम ने केंद्र पर छापा मार दिया।
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जांच के दौरान नदीम और डॉ. कृष्ण कबीर को मौके से पकड़ा गया। टीम ने 14,500 रुपये भी बरामद किए। अधिकारियों के अनुसार, अल्ट्रासाउंड करने वाले चिकित्सक के पास संबंधित कार्य की मान्यता नहीं थी और न ही अल्ट्रासाउंड मशीन पीसीपीएनडीटी अधिनियम के तहत पंजीकृत पाई गई। जांच में यह भी सामने आया कि केंद्र संचालक की ओर से संस्थान बंद करने की सूचना पहले ही स्वास्थ्य विभाग को दी जा चुकी थी। स्वास्थ्य विभाग ने नदीम, डॉ. कृष्ण कबीर, योगेश, डॉ. शैला रहमान और अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ पीसीपीएनडीटी अधिनियम व अन्य कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की सिफारिश की है। मामले की जांच जारी है।
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