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Gurugram News: डिजिटल निगाहें करेंगी अरावली की सुरक्षा
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निगरानी अब हुई हाईटेक, ई-नेत्र एप से अवैध कटाई और अतिक्रमण पर लगेगी लगाम
सौम्या गुप्ता
गुरुग्राम। जिले के वन परिक्षेत्र में अवैध कटाई और अतिक्रमण के बढ़ते मामलों पर अब सख्ती से लगाम लगाने की तैयारी शुरू हो गई है। वन विभाग हाईटेक होते हुए डिजिटल प्रणाली अपनाने जा रहा है, जिससे जंगलों की निगरानी पहले से अधिक प्रभावी हो सकेगी। विभाग जल्द ही ई-नेत्र एप को अरावली क्षेत्र से जोड़ने की योजना पर काम कर रहा है। इसके बाद डिजिटल निगाहें अरावली का सुरक्षा करेंगी।
अवैध कब्जा की मिलेगी तुरंत जानकारी
इस एप के माध्यम से जंगल में होने वाली किसी भी संदिग्ध गतिविधि जैसे पेड़ों की कटाई, अवैध कब्जा या निर्माण की जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों तक पहुंच जाएगी। खास बात यह है कि यह सूचना लाइव लोकेशन और समय के साथ मिलेगी, जिससे मौके पर त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी। ताकि अरावली की सुरक्षा अधिक मजबूत हो पाएगी।
यह प्रणाली सेटेलाइट तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित होगी, जो किसी भी असामान्य हलचल को पहचानकर गूगल मैप या फोटो के जरिये वन विभाग की टीम उस जगह पर कार्रवाई करेगी। अलर्ट मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर जांच करेगी और नियमों के अनुसार कार्रवाई करेगी। इस नई व्यवस्था से वन संपदा की सुरक्षा मजबूत होगी और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा। कई बार पता ही नहीं चल पाता है अरावली क्षेत्र में अवैध कब्जा या निर्माण होने लगता है, एप की मदद से ऐसी गतिविधि पर रोक लग सकेगी।
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वन परिक्षेत्र में अवैध कटाई और अतिक्रमण पर रोक लगाने के लिए ई-नेत्र एप लागू किया जा रहा है। अरावली क्षेत्र में बढ़ती शिकायतों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। एप के जरिये संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत जानकारी अधिकारियों तक पहुंचेगी, जिससे समय रहते कार्रवाई संभव हो सकेगी। - राजकुमार, जिला वन अधिकारी
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गुरुग्राम। जिले के वन परिक्षेत्र में अवैध कटाई और अतिक्रमण के बढ़ते मामलों पर अब सख्ती से लगाम लगाने की तैयारी शुरू हो गई है। वन विभाग हाईटेक होते हुए डिजिटल प्रणाली अपनाने जा रहा है, जिससे जंगलों की निगरानी पहले से अधिक प्रभावी हो सकेगी। विभाग जल्द ही ई-नेत्र एप को अरावली क्षेत्र से जोड़ने की योजना पर काम कर रहा है। इसके बाद डिजिटल निगाहें अरावली का सुरक्षा करेंगी।
अवैध कब्जा की मिलेगी तुरंत जानकारी
इस एप के माध्यम से जंगल में होने वाली किसी भी संदिग्ध गतिविधि जैसे पेड़ों की कटाई, अवैध कब्जा या निर्माण की जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों तक पहुंच जाएगी। खास बात यह है कि यह सूचना लाइव लोकेशन और समय के साथ मिलेगी, जिससे मौके पर त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी। ताकि अरावली की सुरक्षा अधिक मजबूत हो पाएगी।
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यह प्रणाली सेटेलाइट तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित होगी, जो किसी भी असामान्य हलचल को पहचानकर गूगल मैप या फोटो के जरिये वन विभाग की टीम उस जगह पर कार्रवाई करेगी। अलर्ट मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर जांच करेगी और नियमों के अनुसार कार्रवाई करेगी। इस नई व्यवस्था से वन संपदा की सुरक्षा मजबूत होगी और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा। कई बार पता ही नहीं चल पाता है अरावली क्षेत्र में अवैध कब्जा या निर्माण होने लगता है, एप की मदद से ऐसी गतिविधि पर रोक लग सकेगी।
वन परिक्षेत्र में अवैध कटाई और अतिक्रमण पर रोक लगाने के लिए ई-नेत्र एप लागू किया जा रहा है। अरावली क्षेत्र में बढ़ती शिकायतों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। एप के जरिये संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत जानकारी अधिकारियों तक पहुंचेगी, जिससे समय रहते कार्रवाई संभव हो सकेगी। - राजकुमार, जिला वन अधिकारी