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Gurugram News: स्पाइसजेट की लापरवाही से यात्री का बैग दुबई पुलिस ने किया था सीज
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उपभोक्ता आयोग से
कंपनी मुआवजे के साथ देगी दो लाख रुपये, आयोग ने बैग संभालने में कंपनी की मानी चूक
विराट त्यागी
गुरुग्राम। स्पाइसजेट की लापरवाही से बैग में रखी दो शराब की बोतलें टूटने पर दुबई पुलिस द्वारा बैग सीज करने पर कंपनी यात्री को मुआवजे के साथ दो लाख रुपये देगी। इसमें से एक लाख रुपये बैग में रखे सामान की है। यात्री को दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचने पर पता चला था कि उनका एक बैग दुबई ही रह गया है। कंपनी ने यह आदेश जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के अध्यक्ष संजीव जिंदल ने दिया है।
सेक्टर-12 के मियांवाली कॉलोनी निवासी लोकेश मंगला ने आयोग में दायर याचिका में बताया कि वह पत्नी के साथ 13 फरवरी 2023 को दुबई से स्पाइसजेट की फ्लाइट से दिल्ली एयरपोर्ट पर आए थे। उन्होंने दुबई में कंपनी को चार बैग दिए थे। जब वह दिल्ली पहुंचे तो उन्हें सिर्फ तीन ही बैग वापस दिए गए। उन्हें बैग नहीं मिला तो उन्होंने आयोग में शिकायत की।
कंपनी की तरफ से आयोग को बताया गया कि यात्री के एक बैग में दो शराब की बोतलें रखी हुई थीं। शराब की बोतलें टूटने पर शराब बैग के अंदर फैल गई थी। इसके चलते दुबई पुलिस ने बैग को सीज कर लिया। शिकायतकर्ता ने अपनी याचिका में बताया कि बैग में दो महंगी शराब की बोतलें, जूते, आभूषण के साथ ही अन्य सामान था।
इस पर आयोग ने माना कि बैग में रखा सामान सही सलामत पहुंचाने की जिम्मेदारी स्पाइसजेट की थी। बैग में रखी शराब की बोतल टूटना कंपनी की चूक है। अगर दुबई पुलिस ने बैग सीज किया था तो यह कंपनी की जिम्मेदारी थी उस बैग को वहां से छुड़वाकर लाना था। शिकायतकर्ता तय नियमों के अनुसार शराब की बोतलें लेकर आ रहा था। कंपनी की तरफ से आयोग में कहा गया कि शिकायतकर्ता के बैग का वजन करीब 12 किलो था। ऐसे में उन्हें सिर्फ 18 हजार रुपये का ही मुआवजा दिया जा सकता है।
आयोग ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद फैसला सुनाया कि बैग न मिलने से शिकायतकर्ता को नुकसान होने पर एक लाख रुपये नौ प्रतिशत की दर से देना पड़ेगा। इस राशि पर ब्याज कंपनी को बैग सौंपने वाले दिन से माना जाएगा। इस दौरान शिकायतकर्ता को हुई मानसिक परेशानी पर एक लाख रुपये का मुआवजा और कानूनी प्रक्रिया पर हुए खर्च के लिए 22 हजार रुपये देने होंगे।
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सेक्टर-12 के मियांवाली कॉलोनी निवासी लोकेश मंगला ने आयोग में दायर याचिका में बताया कि वह पत्नी के साथ 13 फरवरी 2023 को दुबई से स्पाइसजेट की फ्लाइट से दिल्ली एयरपोर्ट पर आए थे। उन्होंने दुबई में कंपनी को चार बैग दिए थे। जब वह दिल्ली पहुंचे तो उन्हें सिर्फ तीन ही बैग वापस दिए गए। उन्हें बैग नहीं मिला तो उन्होंने आयोग में शिकायत की।
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कंपनी की तरफ से आयोग को बताया गया कि यात्री के एक बैग में दो शराब की बोतलें रखी हुई थीं। शराब की बोतलें टूटने पर शराब बैग के अंदर फैल गई थी। इसके चलते दुबई पुलिस ने बैग को सीज कर लिया। शिकायतकर्ता ने अपनी याचिका में बताया कि बैग में दो महंगी शराब की बोतलें, जूते, आभूषण के साथ ही अन्य सामान था।
इस पर आयोग ने माना कि बैग में रखा सामान सही सलामत पहुंचाने की जिम्मेदारी स्पाइसजेट की थी। बैग में रखी शराब की बोतल टूटना कंपनी की चूक है। अगर दुबई पुलिस ने बैग सीज किया था तो यह कंपनी की जिम्मेदारी थी उस बैग को वहां से छुड़वाकर लाना था। शिकायतकर्ता तय नियमों के अनुसार शराब की बोतलें लेकर आ रहा था। कंपनी की तरफ से आयोग में कहा गया कि शिकायतकर्ता के बैग का वजन करीब 12 किलो था। ऐसे में उन्हें सिर्फ 18 हजार रुपये का ही मुआवजा दिया जा सकता है।
आयोग ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद फैसला सुनाया कि बैग न मिलने से शिकायतकर्ता को नुकसान होने पर एक लाख रुपये नौ प्रतिशत की दर से देना पड़ेगा। इस राशि पर ब्याज कंपनी को बैग सौंपने वाले दिन से माना जाएगा। इस दौरान शिकायतकर्ता को हुई मानसिक परेशानी पर एक लाख रुपये का मुआवजा और कानूनी प्रक्रिया पर हुए खर्च के लिए 22 हजार रुपये देने होंगे।