{"_id":"6a7878055881adf525082964","slug":"electricity-theft-case-outside-jurisdiction-petition-dismissed-gurgaon-news-c-24-1-gur1002-97248-2026-08-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gurugram News: बिजली चोरी का मामला अधिकार क्षेत्र से बाहर, याचिका खारिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gurugram News: बिजली चोरी का मामला अधिकार क्षेत्र से बाहर, याचिका खारिज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अदालत से
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। बिजली चोरी के मामले में लगाए गए 86 हजार रुपये के जुर्माने के विरोध में दायर याचिका को जिला अदालत ने खारिज कर दिया है। यह आदेश सिविल जज (जूनियर डिवीजन) रश्मीत कौर की अदालत ने दिया। अदालत ने माना कि बिजली चोरी से जुड़े मामले सिविल अदालत के अधिकार क्षेत्र में नहीं आते।
मामले के अनुसार बिजली निगम की टीम ने सूरज होटल का निरीक्षण किया था। जांच के दौरान होटल परिसर में बिजली चोरी कर इस्तेमाल किए जाने का मामला सामने आया। इसके बाद निगम ने होटल पर 86 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। होटल परिसर में लगा बिजली मीटर भगवती के नाम पर था। उन्होंने जुर्माने के विरोध में अदालत में याचिका दायर करते हुए बिजली चोरी से इनकार किया और खुद को फंसाए जाने का आरोप लगाया। बिजली निगम की ओर से अदालत में बताया गया कि होटल में सीधे बिजली की आपूर्ति की जा रही थी। जांच टीम ने छत से पीवीसी और लाल रंग के लचीले तारों के जरिये सीधी बिजली आपूर्ति किए जाने की बात कही। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने याचिका खारिज कर दी। अदालत ने स्पष्ट किया कि बिजली चोरी से संबंधित विवादों की सुनवाई सिविल अदालत के अधिकार क्षेत्र में नहीं आती है।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। बिजली चोरी के मामले में लगाए गए 86 हजार रुपये के जुर्माने के विरोध में दायर याचिका को जिला अदालत ने खारिज कर दिया है। यह आदेश सिविल जज (जूनियर डिवीजन) रश्मीत कौर की अदालत ने दिया। अदालत ने माना कि बिजली चोरी से जुड़े मामले सिविल अदालत के अधिकार क्षेत्र में नहीं आते।
मामले के अनुसार बिजली निगम की टीम ने सूरज होटल का निरीक्षण किया था। जांच के दौरान होटल परिसर में बिजली चोरी कर इस्तेमाल किए जाने का मामला सामने आया। इसके बाद निगम ने होटल पर 86 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। होटल परिसर में लगा बिजली मीटर भगवती के नाम पर था। उन्होंने जुर्माने के विरोध में अदालत में याचिका दायर करते हुए बिजली चोरी से इनकार किया और खुद को फंसाए जाने का आरोप लगाया। बिजली निगम की ओर से अदालत में बताया गया कि होटल में सीधे बिजली की आपूर्ति की जा रही थी। जांच टीम ने छत से पीवीसी और लाल रंग के लचीले तारों के जरिये सीधी बिजली आपूर्ति किए जाने की बात कही। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने याचिका खारिज कर दी। अदालत ने स्पष्ट किया कि बिजली चोरी से संबंधित विवादों की सुनवाई सिविल अदालत के अधिकार क्षेत्र में नहीं आती है।
विज्ञापन