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Gurugram News: ग्रीन बेल्ट विकसित करने के साथ जलभराव रोकने के लिए भूजल रिचार्ज पर जोर
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जीएमडीए सात मास्टर सड़कों के किनारे हरित क्षेत्र विकसित करेगा
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। शहर में बारिश के पानी की निकासी बेहतर करने और भूजल रिचार्ज बढ़ाने के लिए गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण सात प्रमुख सेक्टर डिवाइडिंग सड़कों के किनारे ग्रीन एरिया विकसित और अपग्रेड करेगा। इन ग्रीन बेल्ट को इस तरह तैयार किया जाएगा कि बारिश का पानी सड़कों पर जमा होने के बजाय प्राकृतिक रूप से जमीन में समा सके।
जीएमडीए के सीईओ पीसी मीणा ने बताया कि सेक्टर-47/49, 47/50, 43/53, 43/52ए, 44/52, 45/52 और 46/51 के बीच सेक्टर डिवाइडिंग सड़कों के किनारे ग्रीन एरिया विकसित किए जाएंगे। यह योजना शहर के ग्रीन कवर को बढ़ाने के साथ मानसून के दौरान स्टॉर्मवॉटर मैनेजमेंट को बेहतर करने की पहल का हिस्सा है।
जीएमडीए ने इन सड़कों के किनारे मौजूद कई ग्रीन बेल्ट की सफाई और तैयारी का काम शुरू कर दिया है। यहां से मलबा और जमा सामग्री हटाने के बाद जरूरत के अनुसार जमीन का स्तर कम किया जा रहा है। इसके अलावा ग्रीन बेल्ट की ओर ढलान विकसित की जाएगी, ताकि बारिश का पानी सड़क पर जमा होने के बजाय हरित क्षेत्र में पहुंच सके। अधिकारी के अनुसार, इससे भारी बारिश के दौरान सड़कों पर जलभराव कम करने में मदद मिलेगी। ग्रीन बेल्ट में जमा पानी धीरे-धीरे जमीन में रिसकर भूजल स्तर को रिचार्ज करने में भी सहायक होगा।
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ग्रीन लंग्स की तरह काम करेंगे हरित क्षेत्र
जीएमडीए के अनुसार, विकसित किए जाने वाले ग्रीन एरिया आसपास के शहरी क्षेत्रों के लिए ‘ग्रीन लंग्स’ की तरह काम करेंगे। लैंडस्केपिंग और नियमित रखरखाव के बाद इन क्षेत्रों से शहर के ग्रीन कवर में वृद्धि होगी और सड़क कॉरिडोर की सुंदरता भी बढ़ेगी। साथ ही बढ़ते निर्माण क्षेत्र के बीच लोगों को अतिरिक्त हरित स्थान उपलब्ध होगा। जीएमडीए का कहना है कि ग्रीन बेल्ट का विकास केवल सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं रहेगा। इन्हें बारिश के पानी को सोखने वाले प्राकृतिक जोन के रूप में विकसित किया जाएगा।
ग्रीन और इंजीनियर्ड इंफ्रास्ट्रक्चर को जोड़ेगा जीएमडीए
अथॉरिटी मानसून के मद्देनजर स्टॉर्मवॉटर ड्रेनेज और जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने के साथ प्राकृतिक जल प्रबंधन प्रणालियों को भी सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर से जोड़ने पर जोर दे रही है। जीएमडीए के मुताबिक, सातों सड़क कॉरिडोर पर ग्रीन एरिया का विकास पूरा होने के बाद इनका नियमित रखरखाव भी किया जाएगा। इससे शहर का हरित क्षेत्र बढ़ेगा, वहीं दूसरी ओर बारिश के पानी का स्थानीय स्तर पर प्रबंधन और भूजल रिचार्ज भी बेहतर होने की उम्मीद है।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। शहर में बारिश के पानी की निकासी बेहतर करने और भूजल रिचार्ज बढ़ाने के लिए गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण सात प्रमुख सेक्टर डिवाइडिंग सड़कों के किनारे ग्रीन एरिया विकसित और अपग्रेड करेगा। इन ग्रीन बेल्ट को इस तरह तैयार किया जाएगा कि बारिश का पानी सड़कों पर जमा होने के बजाय प्राकृतिक रूप से जमीन में समा सके।
जीएमडीए के सीईओ पीसी मीणा ने बताया कि सेक्टर-47/49, 47/50, 43/53, 43/52ए, 44/52, 45/52 और 46/51 के बीच सेक्टर डिवाइडिंग सड़कों के किनारे ग्रीन एरिया विकसित किए जाएंगे। यह योजना शहर के ग्रीन कवर को बढ़ाने के साथ मानसून के दौरान स्टॉर्मवॉटर मैनेजमेंट को बेहतर करने की पहल का हिस्सा है।
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जीएमडीए ने इन सड़कों के किनारे मौजूद कई ग्रीन बेल्ट की सफाई और तैयारी का काम शुरू कर दिया है। यहां से मलबा और जमा सामग्री हटाने के बाद जरूरत के अनुसार जमीन का स्तर कम किया जा रहा है। इसके अलावा ग्रीन बेल्ट की ओर ढलान विकसित की जाएगी, ताकि बारिश का पानी सड़क पर जमा होने के बजाय हरित क्षेत्र में पहुंच सके। अधिकारी के अनुसार, इससे भारी बारिश के दौरान सड़कों पर जलभराव कम करने में मदद मिलेगी। ग्रीन बेल्ट में जमा पानी धीरे-धीरे जमीन में रिसकर भूजल स्तर को रिचार्ज करने में भी सहायक होगा।
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ग्रीन लंग्स की तरह काम करेंगे हरित क्षेत्र
जीएमडीए के अनुसार, विकसित किए जाने वाले ग्रीन एरिया आसपास के शहरी क्षेत्रों के लिए ‘ग्रीन लंग्स’ की तरह काम करेंगे। लैंडस्केपिंग और नियमित रखरखाव के बाद इन क्षेत्रों से शहर के ग्रीन कवर में वृद्धि होगी और सड़क कॉरिडोर की सुंदरता भी बढ़ेगी। साथ ही बढ़ते निर्माण क्षेत्र के बीच लोगों को अतिरिक्त हरित स्थान उपलब्ध होगा। जीएमडीए का कहना है कि ग्रीन बेल्ट का विकास केवल सौंदर्यीकरण तक सीमित नहीं रहेगा। इन्हें बारिश के पानी को सोखने वाले प्राकृतिक जोन के रूप में विकसित किया जाएगा।
ग्रीन और इंजीनियर्ड इंफ्रास्ट्रक्चर को जोड़ेगा जीएमडीए
अथॉरिटी मानसून के मद्देनजर स्टॉर्मवॉटर ड्रेनेज और जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने के साथ प्राकृतिक जल प्रबंधन प्रणालियों को भी सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर से जोड़ने पर जोर दे रही है। जीएमडीए के मुताबिक, सातों सड़क कॉरिडोर पर ग्रीन एरिया का विकास पूरा होने के बाद इनका नियमित रखरखाव भी किया जाएगा। इससे शहर का हरित क्षेत्र बढ़ेगा, वहीं दूसरी ओर बारिश के पानी का स्थानीय स्तर पर प्रबंधन और भूजल रिचार्ज भी बेहतर होने की उम्मीद है।