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Gurugram News: मुआवजा जमा करने के बाद ही आरएमसी प्लांट के संचालन की अनुमति
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- सीएलयू समेत अन्य पर्यावरणीय मापदंड भी पूरे करने होंगे
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। रेडी मिक्स कंक्रीट (आरएमसी) प्लांटों में पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी करने वाले संचालकों पर हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सख्ती बढ़ा दी है। जिन प्लांटों पर पर्यावरणीय मुआवजा बकाया है, उन्हें पहले निर्धारित राशि जमा करनी होगी। इसके बाद ही संचालन की अनुमति देने पर विचार किया जाएगा। इसके अलावा सीएलयू समेत अन्य निर्धारित मापदंडों और प्रदूषण नियंत्रण मानकों को भी पूरा करना होगा।
नियमों का उल्लंघन करने वाले कुछ आरएमसी प्लांटों के खिलाफ सीलिंग समेत अन्य कार्रवाई की गई थी। अब इनके संचालकों ने दोबारा संचालन की अनुमति के लिए बोर्ड में आवेदन किया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि केवल आवेदन करने से प्लांट चलाने की अनुमति नहीं मिलेगी। बकाया पर्यावरणीय मुआवजा जमा करने के साथ निर्धारित प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी मुकुल कथूरिया ने बताया कि जिन आरएमसी प्लांटों पर पर्यावरणीय मुआवजा बकाया है, उन्हें पहले राशि जमा करनी होगी। साथ ही संचालन से जुड़ी सभी आवश्यक शर्तें और प्रदूषण नियंत्रण मानक पूरे करने होंगे। इसके बाद ही अनुमति पर निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्लांटों की दोबारा जांच कर प्रदूषण नियंत्रण मानकों के पालन की स्थिति देखी जा रही है। दस्तावेज, संचालन और पर्यावरणीय नियमों के अनुपालन की भी जांच की जा रही है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। रेडी मिक्स कंक्रीट (आरएमसी) प्लांटों में पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी करने वाले संचालकों पर हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सख्ती बढ़ा दी है। जिन प्लांटों पर पर्यावरणीय मुआवजा बकाया है, उन्हें पहले निर्धारित राशि जमा करनी होगी। इसके बाद ही संचालन की अनुमति देने पर विचार किया जाएगा। इसके अलावा सीएलयू समेत अन्य निर्धारित मापदंडों और प्रदूषण नियंत्रण मानकों को भी पूरा करना होगा।
नियमों का उल्लंघन करने वाले कुछ आरएमसी प्लांटों के खिलाफ सीलिंग समेत अन्य कार्रवाई की गई थी। अब इनके संचालकों ने दोबारा संचालन की अनुमति के लिए बोर्ड में आवेदन किया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि केवल आवेदन करने से प्लांट चलाने की अनुमति नहीं मिलेगी। बकाया पर्यावरणीय मुआवजा जमा करने के साथ निर्धारित प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
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हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी मुकुल कथूरिया ने बताया कि जिन आरएमसी प्लांटों पर पर्यावरणीय मुआवजा बकाया है, उन्हें पहले राशि जमा करनी होगी। साथ ही संचालन से जुड़ी सभी आवश्यक शर्तें और प्रदूषण नियंत्रण मानक पूरे करने होंगे। इसके बाद ही अनुमति पर निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्लांटों की दोबारा जांच कर प्रदूषण नियंत्रण मानकों के पालन की स्थिति देखी जा रही है। दस्तावेज, संचालन और पर्यावरणीय नियमों के अनुपालन की भी जांच की जा रही है।
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