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Gurugram News: खेल के मैदान से परीक्षा तक की फतह
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10वीं बोर्ड परीक्षा में हासिल किए शानदार अंक
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। जिले के खिलाड़ी अब केवल खेल मैदान में ही नहीं, बल्कि पढ़ाई में भी अपनी प्रतिभा का दम दिखा रहे हैं। 10वीं बोर्ड परीक्षा के घोषित परिणामों में खिलाड़ियों ने शानदार अंक हासिल कर यह साबित कर दिया है कि मेहनत और अनुशासन के दम पर खेल और शिक्षा दोनों को साथ लेकर चला जा सकता है। क्रिकेट और खो-खो जैसे खेलों से जुड़े खिलाड़ियों ने अच्छे अंक प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया है। खिलाड़ियों का कहना है कि खेल उन्हें अनुशासन, समय प्रबंधन और आत्मविश्वास सिखाता है, जिसका फायदा पढ़ाई में भी मिलता है। वहीं, अभिभावकों और कोचों ने भी खिलाड़ियों की इस उपलब्धि पर खुशी जताई है।
सुबह क्रिकेट अभ्यास और शाम को पढ़ाई का शेड्यूल बनाया था, जिस कारण 80 प्रतिशत अंक आए हैं। शुरुआत में मुश्किलें हुईं, लेकिन धीरे-धीरे दोनों चीजों को संभालना आसान हो गया।-आदर्श कुमार, क्रिकेट खिलाड़ी
खेल की वजह से मेरा फोकस मजबूत हुआ। मैच के दबाव ने परीक्षा का तनाव कम करने में मदद की। 88 प्रतिशत अंक पाकर मैं बहुत खुश हूं और आगे भी खेल और पढ़ाई दोनों जारी रखूंगा। -ट्रॉय, क्रिकेट खिलाड़ी
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लोग अक्सर मानते हैं कि खिलाड़ी पढ़ाई पर ध्यान नहीं दे पाते, लेकिन यह सोच गलत है। अगर समय का सही इस्तेमाल किया जाए तो दोनों क्षेत्रों में सफलता मिल सकती है। दोनों पर ध्यान देकर मैंने 82 प्रतिशत हासिल किया। -कृतज्ञ, क्रिकेट खिलाड़ी
जूजीत्सू खेलने से मेरी फिटनेस और मानसिक ताकत बढ़ी है। परीक्षा के दौरान भी मैंने अभ्यास नहीं छोड़ा। 81.4 प्रतिशत अंक आने से मेरे परिवार वाले काफी खुश है। मैं आगे राष्ट्रीय स्तर पर खेलना चाहता हूं। - एकांश, जूजीत्सू खिलाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। जिले के खिलाड़ी अब केवल खेल मैदान में ही नहीं, बल्कि पढ़ाई में भी अपनी प्रतिभा का दम दिखा रहे हैं। 10वीं बोर्ड परीक्षा के घोषित परिणामों में खिलाड़ियों ने शानदार अंक हासिल कर यह साबित कर दिया है कि मेहनत और अनुशासन के दम पर खेल और शिक्षा दोनों को साथ लेकर चला जा सकता है। क्रिकेट और खो-खो जैसे खेलों से जुड़े खिलाड़ियों ने अच्छे अंक प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया है। खिलाड़ियों का कहना है कि खेल उन्हें अनुशासन, समय प्रबंधन और आत्मविश्वास सिखाता है, जिसका फायदा पढ़ाई में भी मिलता है। वहीं, अभिभावकों और कोचों ने भी खिलाड़ियों की इस उपलब्धि पर खुशी जताई है।
सुबह क्रिकेट अभ्यास और शाम को पढ़ाई का शेड्यूल बनाया था, जिस कारण 80 प्रतिशत अंक आए हैं। शुरुआत में मुश्किलें हुईं, लेकिन धीरे-धीरे दोनों चीजों को संभालना आसान हो गया।-आदर्श कुमार, क्रिकेट खिलाड़ी
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खेल की वजह से मेरा फोकस मजबूत हुआ। मैच के दबाव ने परीक्षा का तनाव कम करने में मदद की। 88 प्रतिशत अंक पाकर मैं बहुत खुश हूं और आगे भी खेल और पढ़ाई दोनों जारी रखूंगा। -ट्रॉय, क्रिकेट खिलाड़ी
लोग अक्सर मानते हैं कि खिलाड़ी पढ़ाई पर ध्यान नहीं दे पाते, लेकिन यह सोच गलत है। अगर समय का सही इस्तेमाल किया जाए तो दोनों क्षेत्रों में सफलता मिल सकती है। दोनों पर ध्यान देकर मैंने 82 प्रतिशत हासिल किया। -कृतज्ञ, क्रिकेट खिलाड़ी
जूजीत्सू खेलने से मेरी फिटनेस और मानसिक ताकत बढ़ी है। परीक्षा के दौरान भी मैंने अभ्यास नहीं छोड़ा। 81.4 प्रतिशत अंक आने से मेरे परिवार वाले काफी खुश है। मैं आगे राष्ट्रीय स्तर पर खेलना चाहता हूं। - एकांश, जूजीत्सू खिलाड़ी