सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Gurugram News ›   Green belt ignored, DXP-GDA demands action

Gurugram News: ग्रीन बेल्ट की अनदेखी, डीएक्सपी-जीडीए ने की कार्रवाई की मांग

Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 03 Apr 2026 01:14 AM IST
विज्ञापन
Green belt ignored, DXP-GDA demands action
न्यू गुरुग्राम का बदहाल ग्रीन बेल्ट , आरडब्ल्यूए द्वारा पत्र की खबर के साथ । आरडब्ल्यूए
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
Trending Videos

न्यू गुरुग्राम। द्वारका एक्सप्रेसवे गुरुग्राम डेवलपमेंट एसोसिएशन (डीएक्सपी-जीडीए) ने सेक्टर-103 से 107 के बीच मास्टर रोड पर ग्रीन बेल्ट और सेंट्रल वर्ज के रखरखाव में लापरवाही को लेकर गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (जीएमडीए) को ज्ञापन सौंपा है। एसोसिएशन ने इस मामले में संबंधित डेवलपर की जवाब देही तय करने की मांग की है।
शिकायत में बताया गया कि एसेट आईडी-183 के तहत हुए समझौते का सही तरीके से पालन नहीं किया जा रहा है। आरोप है कि आवंटित एजेंसी एआईपीएल ने सेंट्रल वर्ज पर अपने विज्ञापन बोर्ड तो लगा दिए हैं लेकिन ग्रीन बेल्ट के रखरखाव और बागवानी कार्य पूरी तरह से नजर अंदाज किए गए हैं। इससे क्षेत्र के पर्यावरण और सौंदर्यीकरण पर बुरा असर पड़ रहा है
विज्ञापन
विज्ञापन


डीएक्सपी-जीडीए के अनुसार, डेवलपर को करीब 3,000 मीटर क्षेत्र में पौधरोपण और लैंडस्केपिंग करनी थी जबकि लगभग 84,000 वर्ग मीटर ग्रीन बेल्ट और 7,500 वर्ग मीटर सेंट्रल वर्ज का रखरखाव भी जिम्मेदारी में शामिल था। इसके बावजूद मौके पर हरियाली और देखरेख का अभाव साफ दिखाई दे रहा है।

एसोसिएशन ने जीएमडीए से मांग की है कि तुरंत हस्तक्षेप कर डेवलपर को निर्देश दिए जाएं, साइट का निरीक्षण कराया जाए और विज्ञापन की अनुमति को रखरखाव से जोड़ा जाए। उनका कहना है कि शहर के हरित ढांचे की अनदेखी किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।
----------------
अतिक्रमण ग्रस्त है ग्रीन बेल्ट
पत्र में बताया गया है कि न्यू गुरुग्राम का 75 प्रतिशत ग्रीन एरिया में न तो पौधरोपण किया गया है और न ही वहां की देखरेख होती है। हरित क्षेत्र का करीब 40 प्रतिशत हिस्सा अतिक्रमण का शिकार है। जहां ढाबे, रेहड़ियां, दुकानें खुली हैं। खास तौर पर सेक्टर 90-91, 92-95, 86-90, 89-93, 89- 90, 102-99 के को अलग करने वाले रास्तों की हरित पट्टी बुरी तरह अतिक्रमण की शिकार है। सीएसआर के तहत जिन ग्रीन बेल्ट की देखरेख का दावा किया जा रहा है। वास्तव में उनमें 57 प्रतिशत ग्रीन बेल्ट विकसित ही नहीं किए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed