{"_id":"696e120e15ea0106db09fcdf","slug":"irrigation-of-parks-will-be-done-with-treated-water-from-stp-gurgaon-news-c-24-1-gur1002-77500-2026-01-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gurugram News: एसटीपी के ट्रीटेड पानी से होगी पार्कों की सिंचाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gurugram News: एसटीपी के ट्रीटेड पानी से होगी पार्कों की सिंचाई
विज्ञापन
विज्ञापन
नगर निगम गुरुग्राम की बड़ी पहल, उपचारित पानी के लिए बिछाई जाएगी पाइपलाइन
नंबर गेम - 1.98 करोड़ रुपये का अनुमानित बजट स्वीकृत
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। नगर निगम गुरुग्राम (एमसीजी) की ओर से शहर में जल संरक्षण और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी कदम उठाया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य पार्कों की सिंचाई में पेयजल की निर्भरता को कम करना और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से उपचारित पानी (ट्रीटेड पानी) के उपयोग को सुनिश्चित करना है।
इस परियोजना के तहत, जोन-3 के विभिन्न क्षेत्रों में एसटीपी से ट्रीटेड पानी की आपूर्ति के लिए एक वितरण पाइपलाइन नेटवर्क बिछाने का प्रस्ताव है। इस कार्य के लिए कुल 1.98 करोड़ रुपये का अनुमानित बजट स्वीकृत किया गया है। योजना से सीधे तौर पर सेक्टर-39, मोहयाल कॉलोनी, साउथ सिटी-1 (ए ब्लॉक से के ब्लॉक तक) और ग्रीनवुड सिटी (वार्ड नंबर 12 एवं 13) के पार्क लाभान्वित होंगे। इन क्षेत्रों में ट्रीटेड पानी की नियमित आपूर्ति से हरियाली बनाए रखने में मदद मिलेगी।
इस पहल का सबसे बड़ा लाभ प्रतिदिन बड़ी मात्रा में पेयजल की बचत है, जिसे अन्य आवश्यक कार्यों के लिए उपयोग किया जा सकेगा। यह कदम न केवल गुरुग्राम के बहुमूल्य जल संसाधनों के संरक्षण में सहायक होगा, बल्कि अपशिष्ट जल के प्रभावी पुनर्चक्रण के माध्यम से शहर के पर्यावरणीय लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।
झाड़सा तालाब भरने की भी व्यवस्था
परियोजना के तहत झाड़सा तालाब को भरने की व्यवस्था भी शामिल की गई है, जो वर्तमान में पूरी तरह सूखा हुआ है। ट्रीटेड पानी से तालाब को भरने से न केवल जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि आसपास के क्षेत्र के भूजल स्तर में भी सुधार होने की संभावना है।
माइक्रो एसटीपी से पार्कों की सिंचाई
योजना के तहत सेक्टर-39 स्थित पार्क संख्या (एच. नंबर-198 के सामने) स्थापित माइक्रो एसटीपी से तीन पार्कों की सिंचाई की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त, सेक्टर-39 मार्केट स्थित एक पार्क में भी माइक्रो एसटीपी के ट्रीटेड पानी का उपयोग किया जाएगा, ताकि उपचारित जल का अधिकतम और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।
Trending Videos
नंबर गेम - 1.98 करोड़ रुपये का अनुमानित बजट स्वीकृत
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। नगर निगम गुरुग्राम (एमसीजी) की ओर से शहर में जल संरक्षण और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण और दूरदर्शी कदम उठाया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य पार्कों की सिंचाई में पेयजल की निर्भरता को कम करना और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से उपचारित पानी (ट्रीटेड पानी) के उपयोग को सुनिश्चित करना है।
इस परियोजना के तहत, जोन-3 के विभिन्न क्षेत्रों में एसटीपी से ट्रीटेड पानी की आपूर्ति के लिए एक वितरण पाइपलाइन नेटवर्क बिछाने का प्रस्ताव है। इस कार्य के लिए कुल 1.98 करोड़ रुपये का अनुमानित बजट स्वीकृत किया गया है। योजना से सीधे तौर पर सेक्टर-39, मोहयाल कॉलोनी, साउथ सिटी-1 (ए ब्लॉक से के ब्लॉक तक) और ग्रीनवुड सिटी (वार्ड नंबर 12 एवं 13) के पार्क लाभान्वित होंगे। इन क्षेत्रों में ट्रीटेड पानी की नियमित आपूर्ति से हरियाली बनाए रखने में मदद मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस पहल का सबसे बड़ा लाभ प्रतिदिन बड़ी मात्रा में पेयजल की बचत है, जिसे अन्य आवश्यक कार्यों के लिए उपयोग किया जा सकेगा। यह कदम न केवल गुरुग्राम के बहुमूल्य जल संसाधनों के संरक्षण में सहायक होगा, बल्कि अपशिष्ट जल के प्रभावी पुनर्चक्रण के माध्यम से शहर के पर्यावरणीय लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।
झाड़सा तालाब भरने की भी व्यवस्था
परियोजना के तहत झाड़सा तालाब को भरने की व्यवस्था भी शामिल की गई है, जो वर्तमान में पूरी तरह सूखा हुआ है। ट्रीटेड पानी से तालाब को भरने से न केवल जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि आसपास के क्षेत्र के भूजल स्तर में भी सुधार होने की संभावना है।
माइक्रो एसटीपी से पार्कों की सिंचाई
योजना के तहत सेक्टर-39 स्थित पार्क संख्या (एच. नंबर-198 के सामने) स्थापित माइक्रो एसटीपी से तीन पार्कों की सिंचाई की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त, सेक्टर-39 मार्केट स्थित एक पार्क में भी माइक्रो एसटीपी के ट्रीटेड पानी का उपयोग किया जाएगा, ताकि उपचारित जल का अधिकतम और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।