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Gurugram News: गर्भवतियों के लिए जननी सुरक्षा योजना बनी सहारा
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गुरुग्राम। नवरात्र में सरकार की ओर से मिलने वाली कई योजनाओं के बारे में बताएंगे, जिनसे महिलाओं को लाभ मिला है। यह सरकारी स्वास्थ्य योजनाएं महिलाओं के लिए वरदान साबित हो रही हैं। इलाज से लेकर मां बनने के बाद तक स्वास्थ्य विभाग की सुविधाएं लगातार लाभ पहुंचा रही हैं। जहां निजी अस्पतालों में इलाज महंगा और मुश्किल-सा लगता है। वहीं, जननी सुरक्षा योजना महिलाओं को सुरक्षित प्रसव के लिए प्रेरित कर रही है।
सीएचसी, पीएचसी और एएनएम केंद्रों पर प्रसव के दौरान आर्थिक सहायता भी दी जाती है। इसके अलावा मुफ्त जांच, दवाएं, इलाज और पोषणयुक्त भोजन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इन सेवाओं के कारण ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं के लिए इलाज सुलभ और आसान हो गया है, जिससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार देखा जा रहा है। संवाद
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सरकारी अस्पताल में सभी सुविधाएं मुफ्त मिलीं
मेरे दो बच्चे हैं। डिलीवरी से पहले और बाद का इलाज पूरी तरह आसान रहा। सरकारी अस्पताल में सभी सुविधाएं मुफ्त मिलीं। साथ ही सरकार की ओर से 1400 रुपये की सहायता राशि भी दी गई, जिससे काफी मदद मिली। - योगिता
मेरी डिलीवरी सरकारी अस्पताल में हुई। आशा वर्कर दीदियों की मदद से पूरी प्रक्रिया आसान हो गई। समय पर देखभाल, मार्गदर्शन और सहयोग मिलने से किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई, जिससे सुरक्षित प्रसव संभव हो पाया। - संगीता शाह
मेरे परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है, इसलिए प्रसव का इलाज कराना मुश्किल था। आंगनबाड़ी और सरकारी योजना की मदद से नौ महीने तक दवाएं और इलाज आसानी से मिल पाया, जिससे बहुत राहत मिली और स्वास्थ्य में सुधार हुआ।- अनीता
मेरे दो बच्चे हैं, दोनों की डिलीवरी मुफ्त में हुई। घर के पास आंगनबाड़ी की आशा दीदी ने इलाज कराने में मदद की और डिलीवरी के बाद भी पूरा सहयोग दिया, जिससे मुझे बहुत सहारा और सुविधा मिली।
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सीएचसी, पीएचसी और एएनएम केंद्रों पर प्रसव के दौरान आर्थिक सहायता भी दी जाती है। इसके अलावा मुफ्त जांच, दवाएं, इलाज और पोषणयुक्त भोजन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इन सेवाओं के कारण ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं के लिए इलाज सुलभ और आसान हो गया है, जिससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार देखा जा रहा है। संवाद
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सरकारी अस्पताल में सभी सुविधाएं मुफ्त मिलीं
मेरे दो बच्चे हैं। डिलीवरी से पहले और बाद का इलाज पूरी तरह आसान रहा। सरकारी अस्पताल में सभी सुविधाएं मुफ्त मिलीं। साथ ही सरकार की ओर से 1400 रुपये की सहायता राशि भी दी गई, जिससे काफी मदद मिली। - योगिता
मेरी डिलीवरी सरकारी अस्पताल में हुई। आशा वर्कर दीदियों की मदद से पूरी प्रक्रिया आसान हो गई। समय पर देखभाल, मार्गदर्शन और सहयोग मिलने से किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई, जिससे सुरक्षित प्रसव संभव हो पाया। - संगीता शाह
मेरे परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है, इसलिए प्रसव का इलाज कराना मुश्किल था। आंगनबाड़ी और सरकारी योजना की मदद से नौ महीने तक दवाएं और इलाज आसानी से मिल पाया, जिससे बहुत राहत मिली और स्वास्थ्य में सुधार हुआ।- अनीता
मेरे दो बच्चे हैं, दोनों की डिलीवरी मुफ्त में हुई। घर के पास आंगनबाड़ी की आशा दीदी ने इलाज कराने में मदद की और डिलीवरी के बाद भी पूरा सहयोग दिया, जिससे मुझे बहुत सहारा और सुविधा मिली।