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Gurugram News: बंधवाड़ी लैंडफिल एनजीटी सख्त, एमसीजी से मांगी समय सीमा
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कचरे के उत्पादन और निस्तारण के अंतर को शून्य करने के लिए समय सीमा बताने को कहा
नंबर गेम- 17.21 लाख मीट्रिक टन कचरा अब भी बाकी
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। बंधवाड़ी लैंडफिल साइट पर कचरे के निस्तारण को लेकर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने नगर निगम गुरुग्राम (एमसीजी) से स्पष्ट समयसीमा बताने को कहा है। एमसीजी की तरफ से दी गई रिपोर्ट में बताया गया अभी बंधवाड़ी साइट पर 17.21 लाख मीट्रिक टन कूड़े का निस्तारण करना बाकी है। इस मामले में अगली सुनवाई पांच नवंबर को होगी।
विवेक कंबोज और पूनम यादव की याचिका पर बुधवार को एनजीटी में हुई सुनवाई के मामले में एमसीजी की तरफ से बताया गया कि जनवरी 2023 से 16 अगस्त 2026 तक बंधवाड़ी लैंडफिल पर 57.07 लाख मीट्रिक टन कचरा पहुंचा, जिसमें से 39.86 लाख मीट्रिक टन कचरे का निस्तारण एजेंसी की तरफ से कर दिया गया। एमसीजी ने बताया कि 14 लाख मीट्रिक टन लिगेसी कचरे के निस्तारण के अलावा हाई पावर्ड वर्क्स कमेटी ने अतिरिक्त 2.80 लाख मीट्रिक टन कचरे के निस्तारण की भी मंजूरी दी है।
16.80 लाख मीट्रिक टन कचरे के निस्तारण की योजना बनाई जा रही है। रिपोर्ट में कहा गया है कि फरवरी 2027 तक रोजाना निकलने वाले नए कचरे के लिए वैकल्पिक साइट पर प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित करने की भी योजना है। एमसीजी ने प्रतिदिन उत्पन्न एमएसडब्ल्यू (मिश्रित ठोस अपशिष्ट) के संग्रहण के लिए एक अतिरिक्त वैकल्पिक स्थल की पहचान कर ली है और वैकल्पिक साइट पर फरवरी 2027 तक प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित करने की भी योजना है। ताजे कचरे के प्रोसेसिंग प्लांट के चालू होने तक, प्रतिदिन आने वाले कूड़े एमएसडब्ल्यू को बंधवाड़ी लैंडफिल स्थल पर ले जाया जाएगा। इससे बंधवाड़ी लैंडफिल पर करीब 3.25 लाख मीट्रिक टन ताजा कचरा जमा हो जाएगा।
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मौजूदा समय में वहां पर 17.21 लाख मीट्रिक टन कचरा है और मार्च 2027 तक, समझौते के अनुसार लगभग 13.22 लाख मीट्रिक टन पुराने कचरे का निस्तारण कर दिया जाएगा। एजेंसियां 16.80 लाख मीट्रिक टन कचरे का निस्तारण करेंगी और लगभग 3.99 लाख मीट्रिक टन (मौजूदा पुराना कचरा) बिना संसाधित रह जाएगा। बचे हुए कचरे के निस्तारण की योजना बनाई जा रही है।
इसके लिए प्रस्ताव को प्रशासनिक मंजूरी के लिए सरकार को भेजा जाएगा। एमसीजी बिना किसी रुकावट के शेष अपशिष्ट का निरंतर निस्तारण कर सकेगा। पूरा ठोस कचरा का निस्तारण की स्टीक तिथि सरकार से अनुमति मिलने के बाद ही बताई जा सकेगी।
एनजीटी ने एमसीजी को रोजाना पैदा होने वाले और उपचारित किए जा रहे कचरे के बीच के अंतर को खत्म करने के लिए स्पष्ट समय सीमा देने का निर्देश दिया है। साथ ही बल्क वेस्ट जनरेटर से निकलने वाले कचरे के अलग-अलग करने और प्रबंधन का विवरण अगली रिपोर्ट में देने को कहा है। लीचेट प्रबंधन पर जनवरी 2026 के बाद उठाए गए कदमों की जानकारी भी मांगी गई है।
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नंबर गेम- 17.21 लाख मीट्रिक टन कचरा अब भी बाकी
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। बंधवाड़ी लैंडफिल साइट पर कचरे के निस्तारण को लेकर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने नगर निगम गुरुग्राम (एमसीजी) से स्पष्ट समयसीमा बताने को कहा है। एमसीजी की तरफ से दी गई रिपोर्ट में बताया गया अभी बंधवाड़ी साइट पर 17.21 लाख मीट्रिक टन कूड़े का निस्तारण करना बाकी है। इस मामले में अगली सुनवाई पांच नवंबर को होगी।
विवेक कंबोज और पूनम यादव की याचिका पर बुधवार को एनजीटी में हुई सुनवाई के मामले में एमसीजी की तरफ से बताया गया कि जनवरी 2023 से 16 अगस्त 2026 तक बंधवाड़ी लैंडफिल पर 57.07 लाख मीट्रिक टन कचरा पहुंचा, जिसमें से 39.86 लाख मीट्रिक टन कचरे का निस्तारण एजेंसी की तरफ से कर दिया गया। एमसीजी ने बताया कि 14 लाख मीट्रिक टन लिगेसी कचरे के निस्तारण के अलावा हाई पावर्ड वर्क्स कमेटी ने अतिरिक्त 2.80 लाख मीट्रिक टन कचरे के निस्तारण की भी मंजूरी दी है।
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16.80 लाख मीट्रिक टन कचरे के निस्तारण की योजना बनाई जा रही है। रिपोर्ट में कहा गया है कि फरवरी 2027 तक रोजाना निकलने वाले नए कचरे के लिए वैकल्पिक साइट पर प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित करने की भी योजना है। एमसीजी ने प्रतिदिन उत्पन्न एमएसडब्ल्यू (मिश्रित ठोस अपशिष्ट) के संग्रहण के लिए एक अतिरिक्त वैकल्पिक स्थल की पहचान कर ली है और वैकल्पिक साइट पर फरवरी 2027 तक प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित करने की भी योजना है। ताजे कचरे के प्रोसेसिंग प्लांट के चालू होने तक, प्रतिदिन आने वाले कूड़े एमएसडब्ल्यू को बंधवाड़ी लैंडफिल स्थल पर ले जाया जाएगा। इससे बंधवाड़ी लैंडफिल पर करीब 3.25 लाख मीट्रिक टन ताजा कचरा जमा हो जाएगा।
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मौजूदा समय में वहां पर 17.21 लाख मीट्रिक टन कचरा है और मार्च 2027 तक, समझौते के अनुसार लगभग 13.22 लाख मीट्रिक टन पुराने कचरे का निस्तारण कर दिया जाएगा। एजेंसियां 16.80 लाख मीट्रिक टन कचरे का निस्तारण करेंगी और लगभग 3.99 लाख मीट्रिक टन (मौजूदा पुराना कचरा) बिना संसाधित रह जाएगा। बचे हुए कचरे के निस्तारण की योजना बनाई जा रही है।
इसके लिए प्रस्ताव को प्रशासनिक मंजूरी के लिए सरकार को भेजा जाएगा। एमसीजी बिना किसी रुकावट के शेष अपशिष्ट का निरंतर निस्तारण कर सकेगा। पूरा ठोस कचरा का निस्तारण की स्टीक तिथि सरकार से अनुमति मिलने के बाद ही बताई जा सकेगी।
एनजीटी ने एमसीजी को रोजाना पैदा होने वाले और उपचारित किए जा रहे कचरे के बीच के अंतर को खत्म करने के लिए स्पष्ट समय सीमा देने का निर्देश दिया है। साथ ही बल्क वेस्ट जनरेटर से निकलने वाले कचरे के अलग-अलग करने और प्रबंधन का विवरण अगली रिपोर्ट में देने को कहा है। लीचेट प्रबंधन पर जनवरी 2026 के बाद उठाए गए कदमों की जानकारी भी मांगी गई है।