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Gurugram News: ओवरलोड वाहन बेलगाम, हादसे का खतरा
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फोटो
- नियमों की अनदेखी जारी, ट्रैक्टर-ट्रॉली पर बढ़ते चालान
संवाद न्यूज एजेंसी
बादशाहपुर। ओवरलोड वाहन बेलगाम दौड़ रहे हैं। ऐसे में हादसे का खतरा रहता है। निर्माण सामग्री से लदे ट्रक और ट्रैक्टर-ट्रॉली मुख्य मार्गों पर नियमों को ताक पर रखकर चल रहे हैं। लोगों का कहना है कि सुबह-शाम टहलने या काम पर निकलने के दौरान इन ओवरलोड वाहनों के कारण डर का माहौल बना रहता है। तेज गति और बिना किसी नियंत्रण के चलते ये वाहन कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। कई बार देखा गया है कि ये वाहन बिना नंबर प्लेट या ओवरलोड स्थिति में ही शहर के व्यस्त इलाकों से गुजरते हैं, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था भी प्रभावित होती है।
यह स्थिति तब है जब 2024 में ट्रैक्टर-ट्रॉली के व्यावसायिक उपयोग पर 394 चालान काटे गए थे। 2025 में यह संख्या बढ़कर 503 तक पहुंच गई। 2026 के मार्च तक ही 137 चालान किए जा चुके हैं। लोगों का आरोप है कि कुछ असामाजिक तत्व इन वाहनों से अवैध वसूली कर उन्हें शहर में प्रवेश दिलाते हैं। इसके चलते न केवल नियमों का उल्लंघन हो रहा है बल्कि प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। शहर के प्रमुख मार्गों पर इन वाहनों की लगातार आवाजाही से हादसों का खतरा बना हुआ है।
शहरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि ओवरलोड वाहनों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो। साथ ही नियमित निगरानी और चेकिंग बढ़ाकर इस समस्या पर प्रभावी नियंत्रण किया जाए ताकि शहर की सड़कों को सुरक्षित बनाया जा सके।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बादशाहपुर। ओवरलोड वाहन बेलगाम दौड़ रहे हैं। ऐसे में हादसे का खतरा रहता है। निर्माण सामग्री से लदे ट्रक और ट्रैक्टर-ट्रॉली मुख्य मार्गों पर नियमों को ताक पर रखकर चल रहे हैं। लोगों का कहना है कि सुबह-शाम टहलने या काम पर निकलने के दौरान इन ओवरलोड वाहनों के कारण डर का माहौल बना रहता है। तेज गति और बिना किसी नियंत्रण के चलते ये वाहन कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। कई बार देखा गया है कि ये वाहन बिना नंबर प्लेट या ओवरलोड स्थिति में ही शहर के व्यस्त इलाकों से गुजरते हैं, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था भी प्रभावित होती है।
यह स्थिति तब है जब 2024 में ट्रैक्टर-ट्रॉली के व्यावसायिक उपयोग पर 394 चालान काटे गए थे। 2025 में यह संख्या बढ़कर 503 तक पहुंच गई। 2026 के मार्च तक ही 137 चालान किए जा चुके हैं। लोगों का आरोप है कि कुछ असामाजिक तत्व इन वाहनों से अवैध वसूली कर उन्हें शहर में प्रवेश दिलाते हैं। इसके चलते न केवल नियमों का उल्लंघन हो रहा है बल्कि प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। शहर के प्रमुख मार्गों पर इन वाहनों की लगातार आवाजाही से हादसों का खतरा बना हुआ है।
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शहरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि ओवरलोड वाहनों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो। साथ ही नियमित निगरानी और चेकिंग बढ़ाकर इस समस्या पर प्रभावी नियंत्रण किया जाए ताकि शहर की सड़कों को सुरक्षित बनाया जा सके।

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