{"_id":"69f20ec6d51ad45a910aa03a","slug":"ambedkar-university-pg-admissions-from-the-first-week-of-may-gurgaon-news-c-340-1-del1004-134337-2026-04-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gurugram News: अंबेडकर विश्वविद्यालय में पीजी दाखिले मई के पहले सप्ताह से","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gurugram News: अंबेडकर विश्वविद्यालय में पीजी दाखिले मई के पहले सप्ताह से
विज्ञापन
विज्ञापन
-पीजी स्तर पर क्रिएटिव राइटिंग, परफॉर्मिंग आर्ट्स (थियेटर) व यूजी स्तर म्यूजियोलॉजी कल्चर और हेरिटेज मैनेजमेंट कोर्स शुरू होंगे
-गणित के कोर्स में डेटा साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे नए विषय जोड़े गए हैं, अब बीए ऑनर्स मैथमेटिक्स बीएससी ऑनर्स मैथमेटिक्स कहलाएगा
-कुलपति प्रो अनु सिंह लाठर ने प्रेस कांफ्रेंस में यूजी-पीजी दाखिले के लिए दाखिला ब्रोशर को जारी किया
-इस बार सात प्रोग्राम में एक वर्षीय पीजी प्रोग्राम कर सकेंगे
-सीयूईटी यूजी के रिजल्ट के बाद स्नातक प्रोग्राम की दाखिला प्रक्रिया शुरू की जाएगी
-यूजी के लिए 1194 सीटों, पीजी की 1375 सीटों, एक वर्षीय पीजी प्रोग्राम की 238 सीटों पर व पीएचडी प्रोग्राम की 220 सीटों पर होंगे दाखिले
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। डॉ. बी आर अंबेडकर विश्वविद्यालय (एयूडी) में शैक्षणिक सत्र 2026-27 में स्नातकोत्तर (पीजी) प्रोग्राम में दाखिले की शुरुआत अगले सप्ताह से होने जा रही है। पीजी प्रोग्राम के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया मई के पहले सप्ताह से शुरू हो जाएगी। विश्वविद्यालय के दाखिला पोर्टल से आवेदक पंजीकरण कर सकेंगे। जबकि यूजी प्रोग्राम में प्रवेश राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी द्वारा आयोजित सीयूईटी यूजी परीक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद प्रारंभ होगी। वहीं जिन छात्रों ने नए ढांचे के अनुसार चार वर्षीय स्नातक डिग्री कार्यक्रम को पूरा किया है, वे केवल एक वर्ष में पीजी कोर्स पूरा कर सकेंगे।
एक वर्षीय पीजी प्रोग्राम को इस साल केवल सात प्रोग्राम ( साइकोलॉजी, अंग्रेजी, हिंदी, इकोनॉमिक्स, सोशियोलॉजी, इतिहास, पॉलिटिकल साइंस) में लागू किया जा रहा है। इस बार 3,99,010 आवेदकों ने सीयूईटी आवेदन प्रक्रिया में अंबेडकर विश्वविद्यालय का चयन किया है। कुलपति प्रो. अनु सिंह लाठर ने प्रेस कांफ्रेंस में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए दाखिला ब्रोशर जारी करते हुए कहा बताया कि यूजी के लिए 1194 सीटों, पीजी की 1375 सीटों, पीएचडी (अगले चरण) प्रोग्राम की 238 सीटों पर दाखिले होंगे। जबकि एक वर्षीय पीजी प्रोग्राम की 238 सीटों पर दाखिले होंगे। इस वर्ष विश्वविद्यालय ने यूजी-पीजी स्तर पर नए कार्यक्रमों की घोषणा की है। इनमें बीए विजुअल आर्ट्स, एमए क्रिएटिव राइटिंग, मास्टर ऑफ आर्ट्स (थियेटर) व यूजी स्तर म्यूजियोलॉजी कल्चर और हेरिटेज मैनेजमेंट कोर्स शुरू होंगे। गणित के कोर्स में डेटा साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे नए विषय जोड़े गए हैं, अब बीए ऑनर्स मैथमेटिक्स बीएससी ऑनर्स मैथमेटिक्स कहलाएगा।
आवेदन शुल्क में हुई बढ़ोतरी
इस बार आवेदकों को विभिन्न प्रोग्राम के लिए अलग-अलग आवेदन नहीं करना है। एक ही आवेदन शुल्क से कई प्रोग्राम के लिए आवेदन हो जाएगा। इस बार विश्वविद्यालय ने पंजीकरण शुल्क में बढ़ोतरी की है। पीजी प्रोग्राम के लिए सामान्य और ओबीसी श्रेणी के आवेदकों के लिए पंजीकरण शुल्क 800 रुपये व एससी, एसटी, पीडब्लयूबीडी, ईडब्लयूएस श्रेणी के आवेदकों को 400 रुपये प्रति प्रोग्राम का भुगतान करना होगा। यूजी प्रोग्राम के लिए सामान्य और ओबीसी श्रेणी के लिए 650 रुपये प्रति प्रोग्राम तय किया गया है। जबकि एससी, एसटी, पीडबल्यूबीडी, ईडब्लयूएस श्रेणी के आवेदकों को 300 रुपये प्रति प्रोग्राम शुल्क का भुगतान करना होगा।
शिक्षा को ज्यादा प्रैक्टिकल और स्किल बेस्ड बनाने पर काम
कुलपति प्रो अनु सिंह लाठर ने बताया कि विश्वविद्यालय शिक्षा को ज्यादा प्रैक्टिकल और स्किल बेस्ड बनाने पर काम कर रहा है। भविष्य में विश्वविद्यालय धीरपुर और रोहिणी में नए कैंपस विकसित करने की योजना पर काम कर रहा है। धीरपुर कैंपस के लिए जल्द ही आधारशिला रखी जाएगी।
Trending Videos
-गणित के कोर्स में डेटा साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे नए विषय जोड़े गए हैं, अब बीए ऑनर्स मैथमेटिक्स बीएससी ऑनर्स मैथमेटिक्स कहलाएगा
-कुलपति प्रो अनु सिंह लाठर ने प्रेस कांफ्रेंस में यूजी-पीजी दाखिले के लिए दाखिला ब्रोशर को जारी किया
-इस बार सात प्रोग्राम में एक वर्षीय पीजी प्रोग्राम कर सकेंगे
-सीयूईटी यूजी के रिजल्ट के बाद स्नातक प्रोग्राम की दाखिला प्रक्रिया शुरू की जाएगी
-यूजी के लिए 1194 सीटों, पीजी की 1375 सीटों, एक वर्षीय पीजी प्रोग्राम की 238 सीटों पर व पीएचडी प्रोग्राम की 220 सीटों पर होंगे दाखिले
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। डॉ. बी आर अंबेडकर विश्वविद्यालय (एयूडी) में शैक्षणिक सत्र 2026-27 में स्नातकोत्तर (पीजी) प्रोग्राम में दाखिले की शुरुआत अगले सप्ताह से होने जा रही है। पीजी प्रोग्राम के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया मई के पहले सप्ताह से शुरू हो जाएगी। विश्वविद्यालय के दाखिला पोर्टल से आवेदक पंजीकरण कर सकेंगे। जबकि यूजी प्रोग्राम में प्रवेश राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी द्वारा आयोजित सीयूईटी यूजी परीक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद प्रारंभ होगी। वहीं जिन छात्रों ने नए ढांचे के अनुसार चार वर्षीय स्नातक डिग्री कार्यक्रम को पूरा किया है, वे केवल एक वर्ष में पीजी कोर्स पूरा कर सकेंगे।
एक वर्षीय पीजी प्रोग्राम को इस साल केवल सात प्रोग्राम ( साइकोलॉजी, अंग्रेजी, हिंदी, इकोनॉमिक्स, सोशियोलॉजी, इतिहास, पॉलिटिकल साइंस) में लागू किया जा रहा है। इस बार 3,99,010 आवेदकों ने सीयूईटी आवेदन प्रक्रिया में अंबेडकर विश्वविद्यालय का चयन किया है। कुलपति प्रो. अनु सिंह लाठर ने प्रेस कांफ्रेंस में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए दाखिला ब्रोशर जारी करते हुए कहा बताया कि यूजी के लिए 1194 सीटों, पीजी की 1375 सीटों, पीएचडी (अगले चरण) प्रोग्राम की 238 सीटों पर दाखिले होंगे। जबकि एक वर्षीय पीजी प्रोग्राम की 238 सीटों पर दाखिले होंगे। इस वर्ष विश्वविद्यालय ने यूजी-पीजी स्तर पर नए कार्यक्रमों की घोषणा की है। इनमें बीए विजुअल आर्ट्स, एमए क्रिएटिव राइटिंग, मास्टर ऑफ आर्ट्स (थियेटर) व यूजी स्तर म्यूजियोलॉजी कल्चर और हेरिटेज मैनेजमेंट कोर्स शुरू होंगे। गणित के कोर्स में डेटा साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे नए विषय जोड़े गए हैं, अब बीए ऑनर्स मैथमेटिक्स बीएससी ऑनर्स मैथमेटिक्स कहलाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
आवेदन शुल्क में हुई बढ़ोतरी
इस बार आवेदकों को विभिन्न प्रोग्राम के लिए अलग-अलग आवेदन नहीं करना है। एक ही आवेदन शुल्क से कई प्रोग्राम के लिए आवेदन हो जाएगा। इस बार विश्वविद्यालय ने पंजीकरण शुल्क में बढ़ोतरी की है। पीजी प्रोग्राम के लिए सामान्य और ओबीसी श्रेणी के आवेदकों के लिए पंजीकरण शुल्क 800 रुपये व एससी, एसटी, पीडब्लयूबीडी, ईडब्लयूएस श्रेणी के आवेदकों को 400 रुपये प्रति प्रोग्राम का भुगतान करना होगा। यूजी प्रोग्राम के लिए सामान्य और ओबीसी श्रेणी के लिए 650 रुपये प्रति प्रोग्राम तय किया गया है। जबकि एससी, एसटी, पीडबल्यूबीडी, ईडब्लयूएस श्रेणी के आवेदकों को 300 रुपये प्रति प्रोग्राम शुल्क का भुगतान करना होगा।
शिक्षा को ज्यादा प्रैक्टिकल और स्किल बेस्ड बनाने पर काम
कुलपति प्रो अनु सिंह लाठर ने बताया कि विश्वविद्यालय शिक्षा को ज्यादा प्रैक्टिकल और स्किल बेस्ड बनाने पर काम कर रहा है। भविष्य में विश्वविद्यालय धीरपुर और रोहिणी में नए कैंपस विकसित करने की योजना पर काम कर रहा है। धीरपुर कैंपस के लिए जल्द ही आधारशिला रखी जाएगी।
