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Gurugram News: दांतों की स्कैनिंग थ्रीडी इमेजिंग सिस्टम से होगी, रेडिएशन का घटेगा प्रभाव
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-मौलाना आजाद इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने सीबीसीटी मशीन का किया उद्घाटन
-पारंपरिक सीटी स्कैन की तुलना में 10 गुना तक कम होगा रेडिएशन का प्रभाव
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। मौलाना आजाद इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज में आने वाले मरीजों के लिए अच्छी खबर है। कोन बीम कंप्यूटेड टोमोग्राफी (सीबीसीटी) मशीन की मदद से दांतों की अत्याधुनिक थ्री डी इमेज ली जा सकेंगी। इससे उपचार में मदद मिलेगी और रेडिशन का प्रभाव भी कम होगा। इस मशीन का दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने उद्घाटन किया।
उन्होंने बताया कि सीबीसीटी तकनीक से जांच के दो लाभ होंगे। इसमें रेडिएशन का काफी कम प्रभाव (पारंपरिक सीटी स्कैन की तुलना में 10 गुना तक कम) और डॉक्टरों, सर्जनों और दंत विशेषज्ञों को अत्यधिक सटीक निदान की सुविधा मिलेगी। सीबीसीटी के माध्यम से चिकित्सक शरीर के महत्वपूर्ण बनावटों जिसमें नसें भी शामिल हैं उसका आकलन कर सकेंगे। सर्जरी की प्रक्रियाओं की योजना को बेहतर तरीके से बना सकेंगे। इस तकनीक का हाई स्पेशल रिजॉल्यूशन से हड्डियों और दांतों की बनावट की विस्तृत इमेजिंग के लिए खास तौर पर इस्तेमाल किया जाता है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सीबीसीटी प्रणाली दंत इमेजिंग तकनीक में एक महत्वपूर्ण प्रगति है जो तेज स्कैनिंग की सुविधा भी प्रदान करती है। पहले पारंपरिक सीटी स्कैन सिस्टम में अक्सर मरीज को पीठ के बल लेटकर स्कैन करना पड़ता है। इस प्रयास के लिए उन्होंने मौलाना आजाद इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज चिकित्सा अधीक्षक और डॉक्टरों की टीम की सराहना की।
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-पारंपरिक सीटी स्कैन की तुलना में 10 गुना तक कम होगा रेडिएशन का प्रभाव
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नई दिल्ली। मौलाना आजाद इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज में आने वाले मरीजों के लिए अच्छी खबर है। कोन बीम कंप्यूटेड टोमोग्राफी (सीबीसीटी) मशीन की मदद से दांतों की अत्याधुनिक थ्री डी इमेज ली जा सकेंगी। इससे उपचार में मदद मिलेगी और रेडिशन का प्रभाव भी कम होगा। इस मशीन का दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने उद्घाटन किया।
उन्होंने बताया कि सीबीसीटी तकनीक से जांच के दो लाभ होंगे। इसमें रेडिएशन का काफी कम प्रभाव (पारंपरिक सीटी स्कैन की तुलना में 10 गुना तक कम) और डॉक्टरों, सर्जनों और दंत विशेषज्ञों को अत्यधिक सटीक निदान की सुविधा मिलेगी। सीबीसीटी के माध्यम से चिकित्सक शरीर के महत्वपूर्ण बनावटों जिसमें नसें भी शामिल हैं उसका आकलन कर सकेंगे। सर्जरी की प्रक्रियाओं की योजना को बेहतर तरीके से बना सकेंगे। इस तकनीक का हाई स्पेशल रिजॉल्यूशन से हड्डियों और दांतों की बनावट की विस्तृत इमेजिंग के लिए खास तौर पर इस्तेमाल किया जाता है।
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स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सीबीसीटी प्रणाली दंत इमेजिंग तकनीक में एक महत्वपूर्ण प्रगति है जो तेज स्कैनिंग की सुविधा भी प्रदान करती है। पहले पारंपरिक सीटी स्कैन सिस्टम में अक्सर मरीज को पीठ के बल लेटकर स्कैन करना पड़ता है। इस प्रयास के लिए उन्होंने मौलाना आजाद इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज चिकित्सा अधीक्षक और डॉक्टरों की टीम की सराहना की।
