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Gurugram News: जनहित से जुड़े संस्थानों को स्वतंत्र फीडर से ड्यूल सोर्स सप्लाई की अनुमति
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डीएचबीवीएन ने अलग-अलग स्रोतों से बिजली आपूर्ति का नया सेल्स सर्कुलर किया जारी
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) ने हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (एचईआरसी) के आदेश के अनुपालन में एक से अधिक स्रोतों से बिजली आपूर्ति (ड्यूल सोर्स सप्लाई) को लेकर नया सेल्स सर्कुलर जारी किया है। यह आदेश आयोग द्वारा 13 मई 2025 को पारित किया गया था।
प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह के निर्देशानुसार जारी निर्देशों के अनुसार, जनहित से जुड़े संस्थानों जैसे सरकारी या निजी अस्पताल, सिंचाई नहर सेवाएं, दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन आदि को तकनीकी व्यवहार्यता के आधार पर 11 केवी या उससे अधिक वोल्टेज स्तर पर स्वतंत्र फीडर से ड्यूल सोर्स सप्लाई की अनुमति दी जा सकती है। यह सुविधा उपभोक्ता के अनुरोध पर और उसके खर्च पर प्रदान की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया गया है कि ड्यूल सप्लाई व्यवस्था में एक स्रोत को प्राथमिक और दूसरे को स्टैंडबाय के रूप में नामित किया जाएगा। दोनों स्रोतों का एक साथ उपयोग प्रतिबंधित रहेगा और लोड को विभाजित नहीं किया जा सकेगा। इसके लिए उपभोक्ता परिसर में इंटरलॉकिंग सिस्टम या ऑटोमैटिक ट्रांसफर स्विच लगाना अनिवार्य होगा, ताकि दोनों सप्लाई आपस में मिश्रित न हों।
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गुरुग्राम। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) ने हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (एचईआरसी) के आदेश के अनुपालन में एक से अधिक स्रोतों से बिजली आपूर्ति (ड्यूल सोर्स सप्लाई) को लेकर नया सेल्स सर्कुलर जारी किया है। यह आदेश आयोग द्वारा 13 मई 2025 को पारित किया गया था।
प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह के निर्देशानुसार जारी निर्देशों के अनुसार, जनहित से जुड़े संस्थानों जैसे सरकारी या निजी अस्पताल, सिंचाई नहर सेवाएं, दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन आदि को तकनीकी व्यवहार्यता के आधार पर 11 केवी या उससे अधिक वोल्टेज स्तर पर स्वतंत्र फीडर से ड्यूल सोर्स सप्लाई की अनुमति दी जा सकती है। यह सुविधा उपभोक्ता के अनुरोध पर और उसके खर्च पर प्रदान की जाएगी।
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उन्होंने स्पष्ट किया गया है कि ड्यूल सप्लाई व्यवस्था में एक स्रोत को प्राथमिक और दूसरे को स्टैंडबाय के रूप में नामित किया जाएगा। दोनों स्रोतों का एक साथ उपयोग प्रतिबंधित रहेगा और लोड को विभाजित नहीं किया जा सकेगा। इसके लिए उपभोक्ता परिसर में इंटरलॉकिंग सिस्टम या ऑटोमैटिक ट्रांसफर स्विच लगाना अनिवार्य होगा, ताकि दोनों सप्लाई आपस में मिश्रित न हों।
