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Gurugram News: मौजाबाद जोहड़ के सौंदर्यीकरण पर उठे सवाल
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ग्रामीणों ने रखरखाव पर जताई नाराजगी, बोले- आज भी बदहाल अवस्था में है जोहड़
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रेमचंद पालमी
पटौदी। खंड के गांव मौजाबाद में अमृत सरोवर मिशन के तहत किए गए जोहड़ सौंदर्यीकरण कार्य पर ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार द्वारा जोहड़ के सौंदर्यीकरण के नाम पर शुरू किया गया मिशन धरातल पर अपेक्षित परिणाम नहीं दे पाया और आज भी जोहड़ बदहाल स्थिति में है।
ग्रामीणों के अनुसार, सरकार ने अमृत सरोवर मिशन के तहत जोहड़ों के संरक्षण और सौंदर्यीकरण का अभियान चलाया था, लेकिन मौजाबाद गांव में यह योजना केवल औपचारिकता बनकर रह गई। जोहड़ की स्थिति अब भी खराब बनी हुई है और रखरखाव के अभाव में समस्या लगातार बढ़ रही है।
गांव निवासी शेर सिंह सैनी ने बताया कि 15 अगस्त 2020 में जोहड़ के सौंदर्यीकरण के तहत वाटर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया था, लेकिन उसका नियमित रखरखाव नहीं हो सका। उनका कहना है कि प्लांट बार-बार ब्लॉक हो जाता है, जिससे गंदे पानी का फिल्टर सही ढंग से नहीं हो पा रहा और पूरी व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
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ग्रामीण बोले- जोहड़ में जा रहा गंदा पानी
योजना शुरू होने के समय कुछ काम जरूर हुआ था, लेकिन बाद में अधिकांश कार्य अधूरा छोड़ दिया गया। उनका आरोप है कि जोहड़ के समुचित विकास और संरक्षण के लिए जो दावे किए गए थे, वे पूरे नहीं हुए। -बदलूराम, पंच
जोहड़ में नहरी पानी और गंदा पानी दोनों एक साथ मिल रहे हैं, जबकि नियमों के अनुसार एक ही प्रकार का पानी होना चाहिए। उनका कहना है कि सौंदर्यीकरण के बजाय जोहड़ में गंदगी और बदबू की समस्या बढ़ गई है। -ओमप्रकाश, ग्रामीण
जोहड़ के किनारों पर भारी कटाव हो चुका है, जिससे पशु अक्सर उसमें गिर जाते हैं। हाल ही में दो नीलगाय जोहड़ में गिरने से मर चुकी हैं। जोहड़ के तीन ओर चहारदीवारी या तारबंदी कराने की मांग है। -सपना देवी, सरपंच
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रेमचंद पालमी
पटौदी। खंड के गांव मौजाबाद में अमृत सरोवर मिशन के तहत किए गए जोहड़ सौंदर्यीकरण कार्य पर ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार द्वारा जोहड़ के सौंदर्यीकरण के नाम पर शुरू किया गया मिशन धरातल पर अपेक्षित परिणाम नहीं दे पाया और आज भी जोहड़ बदहाल स्थिति में है।
ग्रामीणों के अनुसार, सरकार ने अमृत सरोवर मिशन के तहत जोहड़ों के संरक्षण और सौंदर्यीकरण का अभियान चलाया था, लेकिन मौजाबाद गांव में यह योजना केवल औपचारिकता बनकर रह गई। जोहड़ की स्थिति अब भी खराब बनी हुई है और रखरखाव के अभाव में समस्या लगातार बढ़ रही है।
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गांव निवासी शेर सिंह सैनी ने बताया कि 15 अगस्त 2020 में जोहड़ के सौंदर्यीकरण के तहत वाटर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया था, लेकिन उसका नियमित रखरखाव नहीं हो सका। उनका कहना है कि प्लांट बार-बार ब्लॉक हो जाता है, जिससे गंदे पानी का फिल्टर सही ढंग से नहीं हो पा रहा और पूरी व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
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योजना शुरू होने के समय कुछ काम जरूर हुआ था, लेकिन बाद में अधिकांश कार्य अधूरा छोड़ दिया गया। उनका आरोप है कि जोहड़ के समुचित विकास और संरक्षण के लिए जो दावे किए गए थे, वे पूरे नहीं हुए। -बदलूराम, पंच
जोहड़ में नहरी पानी और गंदा पानी दोनों एक साथ मिल रहे हैं, जबकि नियमों के अनुसार एक ही प्रकार का पानी होना चाहिए। उनका कहना है कि सौंदर्यीकरण के बजाय जोहड़ में गंदगी और बदबू की समस्या बढ़ गई है। -ओमप्रकाश, ग्रामीण
जोहड़ के किनारों पर भारी कटाव हो चुका है, जिससे पशु अक्सर उसमें गिर जाते हैं। हाल ही में दो नीलगाय जोहड़ में गिरने से मर चुकी हैं। जोहड़ के तीन ओर चहारदीवारी या तारबंदी कराने की मांग है। -सपना देवी, सरपंच