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सेवानिवृत मेजर के आरोप बेबुनियाद, नियमानुसार की गई कार्रवाई : डीसीपी
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डीसीपी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पुलिस अधिकारियों का व्यवहार को मर्यादित व सम्मानजनक बताया
कहा- ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के बॉडी वॉर्न कैमरा में दर्ज है पूरी घटना
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। साइबर हब के बाहर 6 मई की रात को ड्रिंक एंड ड्राइव जांच के दौरान सेवानिवृत मेजर द्वारा लगाए गए आरोपों को पुलिस उपायुक्त (यातायात) प्रतीक गहलोत ने बेबुनियाद बताया है। डीसीपी ने मंगलवार की शाम को प्रेेस कॉन्फ्रेंस कर मामले के बारे में पुलिस का पक्ष रखा है। उन्होंने कहा कि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के बॉडी वॉर्न कैमरा में पूरी घटना दर्ज है। रिकॉर्डिंग में ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों व कर्मियों का व्यवहार पूरी तरह मर्यादित और सम्मानजनक मिला है।
शुरुआती जांच में पुलिस अधिकारियों ने सेवानिवृत मेजर के आरोपों को खारिज किया है। पुलिस उपायुक्त ने बताया कि संबंधित पुलिसकर्मियों के बॉडी वॉर्न कैमरा की फुटेज की जांच की गई है। ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों ने संयम व पेशेवर तरीके से बातचीत की थी। मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं व उपलब्ध वीडियो साक्ष्यों की समीक्षा भी की जा रही है। उन्होंने कहा कि एक बार चालान कटने के बाद एल्कोहोलमीटर टेस्ट दोबारा बदलने का कोई कानूनी प्रावधान नहीं है।
6 जून की रात को अल्कोहल जांच के दौरान यातायात पुलिसअधिकारयों व कर्मचारियों ने एल्कोसेंसर मशीन की 91 रीडिंग आने पर वाहन चालक का मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालान किया था। इसके अलावा चालक व उसके परिवार के सदस्यों के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार नहीं होना पाया गया है। शिकायतकर्ता ने बदसलूकी का आरोप लगाया है उन्हें जांच में शामिल किया जाएगा। मामले की जांच एसीपी सत्यपाल यादव द्वारा की जा रही है।
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डीसीपी प्रतीक गहलोत ने कहा कि महिला व बच्चों के साथ रहने पर चालान ऑनलाइन काटा जाएगा, लेकिन ड्रिंक एंड ड्राइव की जांच के दौरान यह नियम लागू नहीं होगा। शराब पीकर अगर कोई परिवार के साथ साथ जा रहा है तो उसका चालान सबसे पहले होगा क्योंकि परिवार के साथ शराब पीकर गाड़ी चलाना कई जिंदगियों को खतरे में डालने जैसा है। अगर चालक ने ज्यादा शराब पीकर गाड़ी चलाई तो पुलिस के पास वाहन को इंपाउंड करने का भी अधिकार है।
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सप्ताह में तीन दिन रात को 10 बजे से एक बजे तक ड्रिंक एंड ड्राइव की जांच की जाएगी। इस दौरान कोई भी व्यक्ति शराब पीकर वाहन चलाते हुए पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। - प्रतीक गहलोत, पुलिस उपायुक्त (यातायात), गुरुग्राम
कहा- ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के बॉडी वॉर्न कैमरा में दर्ज है पूरी घटना
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। साइबर हब के बाहर 6 मई की रात को ड्रिंक एंड ड्राइव जांच के दौरान सेवानिवृत मेजर द्वारा लगाए गए आरोपों को पुलिस उपायुक्त (यातायात) प्रतीक गहलोत ने बेबुनियाद बताया है। डीसीपी ने मंगलवार की शाम को प्रेेस कॉन्फ्रेंस कर मामले के बारे में पुलिस का पक्ष रखा है। उन्होंने कहा कि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के बॉडी वॉर्न कैमरा में पूरी घटना दर्ज है। रिकॉर्डिंग में ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों व कर्मियों का व्यवहार पूरी तरह मर्यादित और सम्मानजनक मिला है।
शुरुआती जांच में पुलिस अधिकारियों ने सेवानिवृत मेजर के आरोपों को खारिज किया है। पुलिस उपायुक्त ने बताया कि संबंधित पुलिसकर्मियों के बॉडी वॉर्न कैमरा की फुटेज की जांच की गई है। ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों ने संयम व पेशेवर तरीके से बातचीत की थी। मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं व उपलब्ध वीडियो साक्ष्यों की समीक्षा भी की जा रही है। उन्होंने कहा कि एक बार चालान कटने के बाद एल्कोहोलमीटर टेस्ट दोबारा बदलने का कोई कानूनी प्रावधान नहीं है।
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6 जून की रात को अल्कोहल जांच के दौरान यातायात पुलिसअधिकारयों व कर्मचारियों ने एल्कोसेंसर मशीन की 91 रीडिंग आने पर वाहन चालक का मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालान किया था। इसके अलावा चालक व उसके परिवार के सदस्यों के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार नहीं होना पाया गया है। शिकायतकर्ता ने बदसलूकी का आरोप लगाया है उन्हें जांच में शामिल किया जाएगा। मामले की जांच एसीपी सत्यपाल यादव द्वारा की जा रही है।
डीसीपी प्रतीक गहलोत ने कहा कि महिला व बच्चों के साथ रहने पर चालान ऑनलाइन काटा जाएगा, लेकिन ड्रिंक एंड ड्राइव की जांच के दौरान यह नियम लागू नहीं होगा। शराब पीकर अगर कोई परिवार के साथ साथ जा रहा है तो उसका चालान सबसे पहले होगा क्योंकि परिवार के साथ शराब पीकर गाड़ी चलाना कई जिंदगियों को खतरे में डालने जैसा है। अगर चालक ने ज्यादा शराब पीकर गाड़ी चलाई तो पुलिस के पास वाहन को इंपाउंड करने का भी अधिकार है।
सप्ताह में तीन दिन रात को 10 बजे से एक बजे तक ड्रिंक एंड ड्राइव की जांच की जाएगी। इस दौरान कोई भी व्यक्ति शराब पीकर वाहन चलाते हुए पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। - प्रतीक गहलोत, पुलिस उपायुक्त (यातायात), गुरुग्राम