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Gurugram News: प्रदूषण पर सख्ती, कूड़ा फेंकने वालों पर ड्रोन से नजर
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नगर निगम मानेसर ने शहर की हवा को साफ करने के लिए शुरू की तैयारी
संवाद न्यूज एजेंसी
मानेसर। नगर निगम मानेसर ने शहर की हवा को साफ करने के लिए नई तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए विस्तृत योजना बनाई गई है। इस योजना का मकसद वायु प्रदूषण कम करना, वाहनों से निकलने वाले धुएं को घटाना और कचरे का सही तरीके से निपटान करना है।
नगर निगम अब खुले में कूड़ा फेंकने वालों पर नजर रखने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल करेगा। ड्रोन के जरिए शहर में बने सभी डंपिंग प्वाइंट्स की पहचान की जाएगी। इसके बाद रिपोर्ट के आधार पर कचरे को हटाया जाएगा और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाएगी। निर्माण कार्य से निकलने वाले मलबे के वैज्ञानिक निपटान के लिए निगम ने एचएसआईआईडीसी और होंडा कंपनी के साथ समझौता किया है। फिलहाल बसई प्लांट के जरिए करीब 96 प्रतिशत मलबे का सही तरीके से निपटान किया जा रहा है। नगर निगम की योजना है कि साल 2027 तक मानेसर में अपना मलबा निस्तारण प्लांट शुरू कर दिया जाए। इसके लिए 100 टन प्रतिदिन (टीपीडी) क्षमता का प्लांट लगाया जाएगा। इस पूरी योजना का उद्देश्य मानेसर को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाना है, ताकि लोगों को बेहतर और स्वस्थ वातावरण मिल सके।
मानेसर में प्रदूषण कम करने के लिए एक बड़ा एक्शन प्लान तैयार किया गया है। इसके तहत एक टीपीडी (टन प्रतिदिन) क्षमता का प्लांट लगाया जाएगा। साथ ही पूरे क्षेत्र में ईवी चार्जिंग स्टेशन और बैटरी स्वैपिंग सुविधा बढ़ाई जाएगी, ताकि लोग इलेक्ट्रिक वाहन का उपयोग ज्यादा करे और पेट्रोल-डीजल गाड़ियों का प्रयोग कम करे। वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए शहर में बस सेवा का विस्तार भी प्रस्तावित है, जिससे लोग निजी गाड़ियों की जगह सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करें। ट्रैफिक जाम से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए स्मार्ट पार्किंग सिस्टम लागू किया जाएगा।
सड़कों से उड़ने वाली धूल रोकने के लिए अगले छह महीनों में प्रमुख सड़कों को गड्ढामुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। धूल कम करने के लिए एंटी-स्मॉग गन से पानी का छिड़काव किया जाएगा। प्रदूषण कम करने के लिए गांव कासन में 50 एकड़ जमीन पर बड़े स्तर पर पौधारोपण किया गया है। यहां 2,000 पेड़ और 28,000 झाड़ियां लगाई जा चुकी हैं। यह क्षेत्र मानेसर के लिए ग्रीन लंग्स का काम करेगा और हवा को शुद्ध बनाने में मदद करेगा।
वर्जन
कचरे पर नजर रखने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि जहां-जहां गंदगी है उसकी पहचान की जा सके और तुरंत सफाई करवाई जा सके। इसके साथ ही इलेक्ट्रिक गाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए चार्जिंग स्टेशनों की संख्या बढ़ाई जाएगी। -हितेंद्र कुमार, संयुक्त आयुक्त, नगर निगम मानेसर
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संवाद न्यूज एजेंसी
मानेसर। नगर निगम मानेसर ने शहर की हवा को साफ करने के लिए नई तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए विस्तृत योजना बनाई गई है। इस योजना का मकसद वायु प्रदूषण कम करना, वाहनों से निकलने वाले धुएं को घटाना और कचरे का सही तरीके से निपटान करना है।
नगर निगम अब खुले में कूड़ा फेंकने वालों पर नजर रखने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल करेगा। ड्रोन के जरिए शहर में बने सभी डंपिंग प्वाइंट्स की पहचान की जाएगी। इसके बाद रिपोर्ट के आधार पर कचरे को हटाया जाएगा और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाएगी। निर्माण कार्य से निकलने वाले मलबे के वैज्ञानिक निपटान के लिए निगम ने एचएसआईआईडीसी और होंडा कंपनी के साथ समझौता किया है। फिलहाल बसई प्लांट के जरिए करीब 96 प्रतिशत मलबे का सही तरीके से निपटान किया जा रहा है। नगर निगम की योजना है कि साल 2027 तक मानेसर में अपना मलबा निस्तारण प्लांट शुरू कर दिया जाए। इसके लिए 100 टन प्रतिदिन (टीपीडी) क्षमता का प्लांट लगाया जाएगा। इस पूरी योजना का उद्देश्य मानेसर को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाना है, ताकि लोगों को बेहतर और स्वस्थ वातावरण मिल सके।
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मानेसर में प्रदूषण कम करने के लिए एक बड़ा एक्शन प्लान तैयार किया गया है। इसके तहत एक टीपीडी (टन प्रतिदिन) क्षमता का प्लांट लगाया जाएगा। साथ ही पूरे क्षेत्र में ईवी चार्जिंग स्टेशन और बैटरी स्वैपिंग सुविधा बढ़ाई जाएगी, ताकि लोग इलेक्ट्रिक वाहन का उपयोग ज्यादा करे और पेट्रोल-डीजल गाड़ियों का प्रयोग कम करे। वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए शहर में बस सेवा का विस्तार भी प्रस्तावित है, जिससे लोग निजी गाड़ियों की जगह सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करें। ट्रैफिक जाम से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए स्मार्ट पार्किंग सिस्टम लागू किया जाएगा।
सड़कों से उड़ने वाली धूल रोकने के लिए अगले छह महीनों में प्रमुख सड़कों को गड्ढामुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। धूल कम करने के लिए एंटी-स्मॉग गन से पानी का छिड़काव किया जाएगा। प्रदूषण कम करने के लिए गांव कासन में 50 एकड़ जमीन पर बड़े स्तर पर पौधारोपण किया गया है। यहां 2,000 पेड़ और 28,000 झाड़ियां लगाई जा चुकी हैं। यह क्षेत्र मानेसर के लिए ग्रीन लंग्स का काम करेगा और हवा को शुद्ध बनाने में मदद करेगा।
वर्जन
कचरे पर नजर रखने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि जहां-जहां गंदगी है उसकी पहचान की जा सके और तुरंत सफाई करवाई जा सके। इसके साथ ही इलेक्ट्रिक गाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए चार्जिंग स्टेशनों की संख्या बढ़ाई जाएगी। -हितेंद्र कुमार, संयुक्त आयुक्त, नगर निगम मानेसर