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Gurugram News: दीवार नहीं, सात मजदूरों पर गिरी थी लापरवाही की गाज

Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 23 Mar 2026 04:41 PM IST
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The blame for negligence fell on seven workers, not the wall.
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एसटीपी साइट हादसे में एचएचआरसी ने शुरू की जांच, नोटिस जारी कर अधिकारियों से जवाब तलब
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नंबर गेम - 13 मई को मामले में होगी अगली सुनवाई
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। दिल्ली-जयपुर हाईवे पर स्थित सिधरावली गांव में एक निर्माणाधीन सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की दीवार गिरने से हुई सात मजदूरों की दर्दनाक मौत के मामले में हरियाणा मानवाधिकार आयोग (एचएचआरसी) ने कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने मीडिया रिपोर्टों के आधार पर घटना का स्वतः संज्ञान लेते हुए इसे जीवन के अधिकार का गंभीर उल्लंघन माना है। हादसे में मजदूरों पर दीवार नहीं प्रशासनिक लापरवाही की गाज गिरी थी।
आयोग ने टाउन एंड कंट्री प्लानिंग, श्रम विभाग, पुलिस और नगर निगम गुरुग्राम के वरिष्ठ अधिकारियों को नोटिस जारी कर इस लापरवाही पर जवाब तलब किया है। रिपोर्ट में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और दोषियों पर की गई कार्रवाई का ब्यौरा मांगा गया है। इस हादसे ने निर्माण स्थलों पर श्रमिकों की सुरक्षा और बिल्डरों की जवाबदेही पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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एचएचआरसी के अनुसार, प्राप्त हुई रिपोर्ट एवं प्रारंभिक जानकारी से ज्ञात होता है कि एक कंक्रीट की रिटेनिंग वॉल (सहारा दीवार) के ढहने से मिट्टी धंस गई, जिसके कारण कई मजदूर मलबे के नीचे दब गए। एचएचआरसी के अध्यक्ष जस्टिस ललित बत्रा व सदस्य कुलदीप जैन और दीप भाटिया को मिलाकर बने पूर्ण आयोग ने इस घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की। आयोग ने श्रमिक सुरक्षा, पर्याप्त सुरक्षा उपायों की कमी तथा निर्माण स्थल पर संभावित लापरवाही जैसे गंभीर मुद्दों को उजागर किया है।
ऐसे हादसों को सिर्फ दुर्घटना नहीं माना जा सकता : आयोग
आयोग ने स्पष्ट किया कि सुरक्षित एवं मानवीय कार्य परिस्थितियों का अधिकार, भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के अंतर्गत जीवन के अधिकार का अभिन्न हिस्सा है। आयोग ने यह भी कहा कि ऐसे हादसों को मात्र दुर्घटना मानकर नहीं छोड़ा जा सकता, बल्कि ये लापरवाही के कारण उत्पन्न गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन हो सकते हैं। मामले की अगली सुनवाई 13 मई निर्धारित की गई है। सिधरावली के पास सिग्नेचर ग्लोबल कंपनी के निर्माणधीन साइट पर 9 मार्च की रात को एसटीपी प्लांट के लिए खोदे गए गहरे गड्ढे में मिट्टी धंसने से सात मजूदरों की मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
बिना सुरक्षा उपकरण के काम कर रहे थे मजदूर


पुलिस की जांच में सामने आया कि सिग्नेचर ग्लोबल कंपनी में एसटीपी प्लांट निर्माण का कार्य बालाजी कंस्ट्रक्शन कंपनी (बीआईसीपीएल) द्वारा करवाया जा रहा है। यहां पर गहरा कच्चा गड्ढा खोदकर मजदूरों से पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम व सेफ्टी उपकरण के बिना ही काम करवाया जा रहा था। मामले में खुलासा हुआ है कि बिल्डर व ठेकेदार ने प्रशासनिक मदद लेने की बजाय घटना को दबाने की कोशिश की और गुरुग्राम के जिला प्रशासन व पुलिस को सूचना नहीं दी। बताया जा रहा है कि मौके पर 40-50 बाउंसर तैनात कर दिए गए, ताकि कोई भी अंदर न जा सके।
यह जानकारी मांगी
- घटना की वास्तविक स्थिति, हताहतों की संख्या एवं बचाव कार्य
- वैधानिक अनुमतियों एवं सुरक्षा मानकों का अनुपालन

- स्थल पर सुरक्षा उपाय एवं सुरक्षात्मक व्यवस्थाएं

- जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध की गई कार्रवाई

- पीड़ितों एवं उनके परिवारों के लिए मुआवजा एवं पुनर्वास उपाय

- श्रम सुरक्षा कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु उठाए गए कदम
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