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Gurugram News: पत्नी पर हत्या का आरोप होने पर खारिज किया क्लेम, अब मृतक के मां व बेटे को देना होगा 37.16 लाख का मुआवजा
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उपभोक्ता आयोग से
-पत्नी पर प्रेमी के साथ मिलकर हत्या करने का आरोप लगने पर कंपनी ने रोकी थी बीमा राशि
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। वर्ष 2022 में सेक्टर-21 में पति की गोली मारकर हत्या करने के मामले में आरोपी होने पर कंपनी ने 37.16 लाख रुपये का क्लेम खारिज कर दिया था। मृतक धर्मेश यादव की बीमा पॉलिसी में पत्नी नॉमिनी थी और पत्नी पर ही अपने प्रेमी के साथ साजिश रचकर पति की हत्या का आरोप है। इसके चलते कंपनी ने क्लेम रोक दिया था। अब यह क्लेम राशि मृतक की मां और दोनों बच्चों को नौ प्रतिशत की ब्याज दर से दिया जाएगा। यह आदेश जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के अध्यक्ष संजीव जिंदल ने दिया है। इस दौरान शिकायतकर्ता को हुई मानसिक परेशानी पर दो लाख रुपये का मुआवजा और कानूनी प्रक्रिया पर खर्च होने पर 55 हजार रुपये का देने होंगे।
सेक्टर-21 निवासी हेमलता ने आयोग में दायर की याचिका में बताया कि उनकी बहू ने बबूल खान के साथ मिलकर उनके बेटे की 30 अक्तूबर 2022 को गोली मारकर हत्या करा दी थी। इस मामले में पत्नी समेत तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। अभी मामला अदालत में विचाराधीन है। मृतक के नाम पर दो एलआईसी थी। आयोग में कंपनी की तरफ से दलील दी कि पॉलिसी में नॉमिनी आरोपी पत्नी है। अभी मामला अदालत में विचाराधीन है। ऐसे में क्लेम नहीं दिया जा सकता। आयोग ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद अपने आदेश में कहा कि हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम के तहत अगर कोई परिवार के सदस्य की हत्या में शामिल है तो वह मृतक की संपत्ति का उत्तराधिकारी नहीं हो सकता।आयोग ने कंपनी को आदेश दिया है कि वह 37.16 लाख रुपये नौ प्रतिशत की दर से मृतक की मां और दोनों बच्चों को दें।
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-पत्नी पर प्रेमी के साथ मिलकर हत्या करने का आरोप लगने पर कंपनी ने रोकी थी बीमा राशि
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। वर्ष 2022 में सेक्टर-21 में पति की गोली मारकर हत्या करने के मामले में आरोपी होने पर कंपनी ने 37.16 लाख रुपये का क्लेम खारिज कर दिया था। मृतक धर्मेश यादव की बीमा पॉलिसी में पत्नी नॉमिनी थी और पत्नी पर ही अपने प्रेमी के साथ साजिश रचकर पति की हत्या का आरोप है। इसके चलते कंपनी ने क्लेम रोक दिया था। अब यह क्लेम राशि मृतक की मां और दोनों बच्चों को नौ प्रतिशत की ब्याज दर से दिया जाएगा। यह आदेश जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के अध्यक्ष संजीव जिंदल ने दिया है। इस दौरान शिकायतकर्ता को हुई मानसिक परेशानी पर दो लाख रुपये का मुआवजा और कानूनी प्रक्रिया पर खर्च होने पर 55 हजार रुपये का देने होंगे।
सेक्टर-21 निवासी हेमलता ने आयोग में दायर की याचिका में बताया कि उनकी बहू ने बबूल खान के साथ मिलकर उनके बेटे की 30 अक्तूबर 2022 को गोली मारकर हत्या करा दी थी। इस मामले में पत्नी समेत तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। अभी मामला अदालत में विचाराधीन है। मृतक के नाम पर दो एलआईसी थी। आयोग में कंपनी की तरफ से दलील दी कि पॉलिसी में नॉमिनी आरोपी पत्नी है। अभी मामला अदालत में विचाराधीन है। ऐसे में क्लेम नहीं दिया जा सकता। आयोग ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद अपने आदेश में कहा कि हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम के तहत अगर कोई परिवार के सदस्य की हत्या में शामिल है तो वह मृतक की संपत्ति का उत्तराधिकारी नहीं हो सकता।आयोग ने कंपनी को आदेश दिया है कि वह 37.16 लाख रुपये नौ प्रतिशत की दर से मृतक की मां और दोनों बच्चों को दें।
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