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Gurugram News: बारिश ने शहर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोली
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। प्रदेश की आर्थिक राजधानी गुरुग्राम में बारिश ने शहर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी है। मानसून से पहले सरकार पानी निकासी को लेकर काफी दावे करती है लेकिन बारिश होते ही सरकारी दावे पानी में बह जाते हैं। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) और नगर निगम गुरुग्राम के पानी निकासी के दावे हवा-हवाई साबित हुए हैं। मंत्री नरबीर सिंह ने भी गुरुग्राम को दुबई बनाने का दावा किया था पर यह वेनिस सिटी बन गया है। द्वारका एक्सप्रेसवे, सोहना हाईवे समेत कई प्रमुख सड़कों और कॉलोनियों में भारी जलभराव से आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
शहर में पिछले तीन दिन से अच्छी बारिश हो रही है। शुक्रवार रात और शनिवार सुबह 11 बजे तक हुई बारिश से स्थिति और बिगड़ गई। गोल्फ कोर्स रोड, सोहना रोड, दिल्ली रोड, एमजी रोड, बसई रोड और पटौदी रोड पर जलभराव हुआ। द्वारका एक्सप्रेसवे और दिल्ली-जयपुर हाईवे पर भी लोगों को पानी से जूझना पड़ा। कई जगहों पर वाहन पानी में फंस गए, जिससे लोग अपने घरों तक नहीं पहुंच पाए। इफ्को चौक से महावीर चौक तक एमजी रोड पर सेक्टर 14 के पास पानी भर गया। गर्ल्स पीजी कॉलेज के गेट और बिजली निगम के गेट पर भी पानी जमा हो गया। शहर थाने के अंदर पानी भरने से लोगों को अंदर जाने में दिक्कत हुई। महावीर चौक पर दो फीट तक पानी जमा हो गया, जिससे अंडरपास बंद करना पड़ा। राजेंद्र पार्क, सेक्टर चार, सूरत नगर, राजीव नगर, सेक्टर 103, सुशांत लोक और एमार एमरल्ड प्लाजा सेक्टर 65 जैसी कॉलोनियां भी जलमग्न हो गईं।
सरकारी दावों की हकीकत
मानसून से पहले सरकार और संबंधित विभागों ने जलभराव से निपटने की बड़ी-बड़ी तैयारियां की थीं। मंत्री से लेकर विधायक तक ने शहर में जलभराव वाले संवेदनशील स्थानों में कमी लाने का दावा किया था। हालांकि, बारिश होते ही ये सभी दावे पानी में बह गए। जीएमडीए और नगर निगम गुरुग्राम के बीच तालमेल की कमी साफ दिखी। नालों, नालियों और सीवर की सफाई समय पर नहीं हो पाई, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ा। विभागों ने पानी निकासी पर करोड़ों रुपये खर्च किए, लेकिन जमीनी स्तर पर कार्य नाकाफी साबित हुए। इससे सरकार की किरकिरी हो रही है।
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पुरानी समस्या, अधूरे उपाय
शहर में जलभराव की समस्या कोई नई नहीं है, बल्कि यह हर साल मानसून में सामने आती है। ओल्ड दिल्ली रोड, इफ्को चौक से महावीर चौक तक एमजी रोड, बसई रोड, सेक्टर चार से नौ रोड और पटौदी रोड पर हर साल पानी भरता है। जीएमडीए ने सड़कों और नालों पर ध्यान देने की बात कही थी, जबकि नगर निगम पर सेक्टरों और कॉलोनियों की जिम्मेदारी है। निगम ने रेन वाटर हार्वेस्टिंग पर जोर दिया था। बड़ी सोसाइटियों के रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी काम नहीं आए।
अंडरपास के ट्रायल पर भी पानी भरा
जीएमडीए ने संबंधित विभागों के साथ मिलकर कई अंडरपास का ट्रायल कर मशीनरी की जांच की थी ताकि बारिश में जलभराव की समस्या उत्पन्न न होने पाए। इसके बाद भी मेदांता मेडिसिटी, महावीर चौक, धनवापुर अंडरपास में जलभराव से बंद करना पड़ा। द्वारका एक्सप्रेसवे पर बजघेड़ा अंडरपास में भी सड़क का पानी घुस गया, जिसके कारण उसे बंद करना पड़ा।
लोगों से बातचीत
भाजपा सरकार गुरुग्राम में जलभराव की समस्या को लेकर गंभीर नहीं है। मंत्री, विधायक और अधिकारी बैठकों में व्यस्त हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर काम दिखाई नहीं देता।
- सुखबीर कटारिया, पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता
शहर में कई जगह जलभराव होने से लोगों को जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है। पानी निकासी के बेहतर इंतजाम नहीं हैं, जिससे बारिश के दौरान परेशानी बढ़ जाती है।
इंजीनियर ताहिर हुसैन, महासचिव, हेवा-2 सोसाइटी, सेक्टर-56
मंत्री नरबीर सिंह कहते थे कि गुरुग्राम को दुबई बनाएंगे और विधायक मुकेश शर्मा इंदौर बनाने की बात करते थे। अब गुरुग्राम वेनिस सिटी बन गया है।
- वर्धन यादव, अध्यक्ष, ग्रामीण कांग्रेस
गुरुग्राम। प्रदेश की आर्थिक राजधानी गुरुग्राम में बारिश ने शहर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी है। मानसून से पहले सरकार पानी निकासी को लेकर काफी दावे करती है लेकिन बारिश होते ही सरकारी दावे पानी में बह जाते हैं। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) और नगर निगम गुरुग्राम के पानी निकासी के दावे हवा-हवाई साबित हुए हैं। मंत्री नरबीर सिंह ने भी गुरुग्राम को दुबई बनाने का दावा किया था पर यह वेनिस सिटी बन गया है। द्वारका एक्सप्रेसवे, सोहना हाईवे समेत कई प्रमुख सड़कों और कॉलोनियों में भारी जलभराव से आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
शहर में पिछले तीन दिन से अच्छी बारिश हो रही है। शुक्रवार रात और शनिवार सुबह 11 बजे तक हुई बारिश से स्थिति और बिगड़ गई। गोल्फ कोर्स रोड, सोहना रोड, दिल्ली रोड, एमजी रोड, बसई रोड और पटौदी रोड पर जलभराव हुआ। द्वारका एक्सप्रेसवे और दिल्ली-जयपुर हाईवे पर भी लोगों को पानी से जूझना पड़ा। कई जगहों पर वाहन पानी में फंस गए, जिससे लोग अपने घरों तक नहीं पहुंच पाए। इफ्को चौक से महावीर चौक तक एमजी रोड पर सेक्टर 14 के पास पानी भर गया। गर्ल्स पीजी कॉलेज के गेट और बिजली निगम के गेट पर भी पानी जमा हो गया। शहर थाने के अंदर पानी भरने से लोगों को अंदर जाने में दिक्कत हुई। महावीर चौक पर दो फीट तक पानी जमा हो गया, जिससे अंडरपास बंद करना पड़ा। राजेंद्र पार्क, सेक्टर चार, सूरत नगर, राजीव नगर, सेक्टर 103, सुशांत लोक और एमार एमरल्ड प्लाजा सेक्टर 65 जैसी कॉलोनियां भी जलमग्न हो गईं।
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सरकारी दावों की हकीकत
मानसून से पहले सरकार और संबंधित विभागों ने जलभराव से निपटने की बड़ी-बड़ी तैयारियां की थीं। मंत्री से लेकर विधायक तक ने शहर में जलभराव वाले संवेदनशील स्थानों में कमी लाने का दावा किया था। हालांकि, बारिश होते ही ये सभी दावे पानी में बह गए। जीएमडीए और नगर निगम गुरुग्राम के बीच तालमेल की कमी साफ दिखी। नालों, नालियों और सीवर की सफाई समय पर नहीं हो पाई, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ा। विभागों ने पानी निकासी पर करोड़ों रुपये खर्च किए, लेकिन जमीनी स्तर पर कार्य नाकाफी साबित हुए। इससे सरकार की किरकिरी हो रही है।
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पुरानी समस्या, अधूरे उपाय
शहर में जलभराव की समस्या कोई नई नहीं है, बल्कि यह हर साल मानसून में सामने आती है। ओल्ड दिल्ली रोड, इफ्को चौक से महावीर चौक तक एमजी रोड, बसई रोड, सेक्टर चार से नौ रोड और पटौदी रोड पर हर साल पानी भरता है। जीएमडीए ने सड़कों और नालों पर ध्यान देने की बात कही थी, जबकि नगर निगम पर सेक्टरों और कॉलोनियों की जिम्मेदारी है। निगम ने रेन वाटर हार्वेस्टिंग पर जोर दिया था। बड़ी सोसाइटियों के रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी काम नहीं आए।
अंडरपास के ट्रायल पर भी पानी भरा
जीएमडीए ने संबंधित विभागों के साथ मिलकर कई अंडरपास का ट्रायल कर मशीनरी की जांच की थी ताकि बारिश में जलभराव की समस्या उत्पन्न न होने पाए। इसके बाद भी मेदांता मेडिसिटी, महावीर चौक, धनवापुर अंडरपास में जलभराव से बंद करना पड़ा। द्वारका एक्सप्रेसवे पर बजघेड़ा अंडरपास में भी सड़क का पानी घुस गया, जिसके कारण उसे बंद करना पड़ा।
लोगों से बातचीत
भाजपा सरकार गुरुग्राम में जलभराव की समस्या को लेकर गंभीर नहीं है। मंत्री, विधायक और अधिकारी बैठकों में व्यस्त हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर काम दिखाई नहीं देता।
- सुखबीर कटारिया, पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता
शहर में कई जगह जलभराव होने से लोगों को जाम की समस्या से जूझना पड़ रहा है। पानी निकासी के बेहतर इंतजाम नहीं हैं, जिससे बारिश के दौरान परेशानी बढ़ जाती है।
इंजीनियर ताहिर हुसैन, महासचिव, हेवा-2 सोसाइटी, सेक्टर-56
मंत्री नरबीर सिंह कहते थे कि गुरुग्राम को दुबई बनाएंगे और विधायक मुकेश शर्मा इंदौर बनाने की बात करते थे। अब गुरुग्राम वेनिस सिटी बन गया है।
- वर्धन यादव, अध्यक्ष, ग्रामीण कांग्रेस