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Gurugram News: डीएलएफ में अवैध निर्माण और कमर्शियल गतिविधियों के दो चार्ट हाईकोर्ट में किए पेश
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याचिकाकर्ताओं के घरों के नक्शे और कब्जे समेत सारी जानकारी हाईकोर्ट की पीठ के सामने रखी
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। डीएलएफ क्षेत्र में भवन निर्माण नियमों से अलग निर्माण करने के मामले में जिला नगर एवं ग्राम योजनाकार (डीटीपी ) ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की पीठ के सामने दो चार्ट पेश किए हैं। दोनों चार्ट में याचिकाकर्ता को निर्माण की मिली अनुमति और मौजूदा समय में उन निर्माण स्थिति के बारे में बताया गया है। पीठ ने दोनों चार्ट को रिकॉर्ड पर लेते हुए संबंधित जानकारी डीटीपी की वेबसाइट पर अपलोड करने का निर्देश दिया है। इस मामले की सुनवाई कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश अश्विनी कुमार मिश्रा और रोहित कपूर की पीठ कर रही है। इस मामले में अगली सुनवाई 24 अगस्त को होगी।
विभाग की तरफ से दिए गए दोनों चार्ट में याचिकाकर्ताओं के संबंधित प्लॉट का नंबर, सर्वे रिपोर्ट में दर्ज सीरियल नंबर, डीएलएफ फेज, भवन निर्माण योजना को मंजूरी मिलने की तारीख और ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (ओसी) जारी होने की तारीख समेत कई अहम जानकारियां शामिल हैं। इसके साथ ही ओसी के अनुसार भवन का विवरण, स्वीकृत सीमा से अधिक बनाई गई मंजिलों की संख्या, निर्धारित सीमा से अधिक ग्राउंड कवरेज, फ्रंट और रियर सेटबैक को कवर करने की स्थिति व प्लॉट लाइन से बाहर निकली गई छज्जे के बारे में बताया गया है। चार्ट में प्लॉट के गलत इस्तेमाल जैसे कमर्शियल गतिविधि, पीजी या गेस्ट हाउस के रूप में उपयोग, स्टिल्ट में निर्माण और अन्य संभावित उल्लंघनों के बारे में भी बताया गया है।
विभाग की तरफ से जारी किए गए कारण बताओ नोटिस की तारीख, रेस्टोरेशन ऑर्डर भी दर्ज है। पीठ ने निर्देश दिया है कि चार्ट को जिला नगर एवं ग्राम योजनाकार के कार्यालय की वेबसाइट पर अपलोड किया जाए और इसकी जानकारी मामले में पेश होने वाले संबंधित वकीलों को भी उपलब्ध कराई जाए। यदि किसी पक्ष को चार्ट में कोई भी तथ्यात्मक गलती नजर आती है तो वह एक सप्ताह के भीतर आपत्ति दर्ज करा सकता है। यह जानकारी डीटीपी को भी देनी होगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। डीएलएफ क्षेत्र में भवन निर्माण नियमों से अलग निर्माण करने के मामले में जिला नगर एवं ग्राम योजनाकार (डीटीपी ) ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की पीठ के सामने दो चार्ट पेश किए हैं। दोनों चार्ट में याचिकाकर्ता को निर्माण की मिली अनुमति और मौजूदा समय में उन निर्माण स्थिति के बारे में बताया गया है। पीठ ने दोनों चार्ट को रिकॉर्ड पर लेते हुए संबंधित जानकारी डीटीपी की वेबसाइट पर अपलोड करने का निर्देश दिया है। इस मामले की सुनवाई कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश अश्विनी कुमार मिश्रा और रोहित कपूर की पीठ कर रही है। इस मामले में अगली सुनवाई 24 अगस्त को होगी।
विभाग की तरफ से दिए गए दोनों चार्ट में याचिकाकर्ताओं के संबंधित प्लॉट का नंबर, सर्वे रिपोर्ट में दर्ज सीरियल नंबर, डीएलएफ फेज, भवन निर्माण योजना को मंजूरी मिलने की तारीख और ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (ओसी) जारी होने की तारीख समेत कई अहम जानकारियां शामिल हैं। इसके साथ ही ओसी के अनुसार भवन का विवरण, स्वीकृत सीमा से अधिक बनाई गई मंजिलों की संख्या, निर्धारित सीमा से अधिक ग्राउंड कवरेज, फ्रंट और रियर सेटबैक को कवर करने की स्थिति व प्लॉट लाइन से बाहर निकली गई छज्जे के बारे में बताया गया है। चार्ट में प्लॉट के गलत इस्तेमाल जैसे कमर्शियल गतिविधि, पीजी या गेस्ट हाउस के रूप में उपयोग, स्टिल्ट में निर्माण और अन्य संभावित उल्लंघनों के बारे में भी बताया गया है।
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विभाग की तरफ से जारी किए गए कारण बताओ नोटिस की तारीख, रेस्टोरेशन ऑर्डर भी दर्ज है। पीठ ने निर्देश दिया है कि चार्ट को जिला नगर एवं ग्राम योजनाकार के कार्यालय की वेबसाइट पर अपलोड किया जाए और इसकी जानकारी मामले में पेश होने वाले संबंधित वकीलों को भी उपलब्ध कराई जाए। यदि किसी पक्ष को चार्ट में कोई भी तथ्यात्मक गलती नजर आती है तो वह एक सप्ताह के भीतर आपत्ति दर्ज करा सकता है। यह जानकारी डीटीपी को भी देनी होगी।
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