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Gurugram News: छांयसा में दो दिन में हुई दो मौतें, स्वास्थ्य विभाग सतर्क
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हथीन छांयसा गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम सर्वेक्षण करते हुए
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-एक युवक की काला पीलिया तो दूसरे की बुखार से गई जान, गांव में दहशत,
संवाद न्यूज एजेंसी
हथीन। उपमंडल के गांव छांयसा में अस्वाभाविक परिस्थितियों में मौतों का सिलसिला थम नहीं पा रहा है। मंगलवार एवं बुधवार को पिछले दो दिनों में दो युवकों की मौतें हो गई हैं। दो मौतें होने से गांव में एक बार फिर भय का माहौल बन गया है। दो मौतें होने के बाद स्वास्थ्य विभाग भी अब पुनः अलर्ट मोड़ पर है।
गांव के सरपंच इस्लाम ने बताया कि 23 वर्षीय युवक शहीदा की मौत काला पीलिया से हो गई। वह उत्तरप्रदेश के सहारनपुर में वेल्डिंग का काम करता था। उसकी तबीयत कई दिनों से खराब थी। मंगलवार को उसकी मौत हो गई। दूसरी मौत 30 वर्षीय सुरेश की हुई है। उसको तीन दिनों पूर्व बुखार आया था। उसको पलवल के निजी अस्पताल में भर्ती किया गया था। वहां से उसको दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। जहां मंगलवार की रात्रि को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
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पुत्री के सदमे से उबरा नहीं था परिवार कि पिता भी चल बसा
इससे पूर्व सुरेश की पुत्री पायल की भी अस्वाभाविक परिस्थितियों में मौत हो गई थी। अभी परिवार मासूम बच्ची की मौत से उबर भी नहीं पाया था की पायल के पिता सुरेश की भी मौत हो गई। दोनों मौतों की सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग भी सतर्क हो गया है।
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पीएचसी इंचार्ज ने किया गांव का दौरा
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र छांयसा के इंचार्ज देवेंद्र जाखड़ ने मौतों की सूचना मिलते ही गांव का दौरा किया। उन्होंने संबंधित परिवारों से बात की। मौतों के कारणों को जानने का प्रयास किया। उनके इलाज की रिपोर्ट ली। डॉक्टर जाखड़ ने बताया कि शाहिद सहारनपुर रहता था। वह हेपिटाइटिस बी पॉजिटिव बताया गया है। वहीं दूसरे मृतक सुरेश के बारे में पता चला है। उसको बुखार आया था। सफदरजंग अस्पताल से मौत के कारणों का पता किया जा रहा है।
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आठ मार्च को मृत महिला की नहीं आई रिपोर्ट :
इससे पूर्व आठ मार्च को गांव की महिला आर्शीदा की मौत हुई थी। उसके शव का पोस्टमार्टम भी कराया गया था। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने सैम्पल भी लिए थे। जोकि कई प्रयोगशालाओं को भेजा गए। आज तक उनकी रिपोर्ट नहीं आई है। गांव में फरवरी एवं मार्च के महीनों में 40 दिनों के अंदर 17 लोगों की मौतें अस्वाभाविक परिस्थितियों में हुई थीं। अब एक महीना बाद दो मौतें हो गई हैं।
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स्वास्थ्य टीमों ने फिर शुरू किया सर्वे :
स्वास्थ्य विभाग की कई टीमों ने गांव छांयसा पहुंचकर पुनः सर्वेक्षण शुरू कर दिया है। मेडिकल अफसर डॉक्टर देवेंद्र जाखड़ ने बताया कि सैम्पल लेकर लोगों की जांच की जा रही है। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया है कि ग्रामीणों के हर रोग का इलाज किया जाएगा। लोग भयभीत न हों।
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विधायक ने सीएमओ को दी हिदायत :
छांयसा में हुई दो मौतों के बाद स्थानीय विधायक मोहम्मद इसराइल चौधरी ने सीएमओ सतिंदर वशिष्ठ से बात की। विधायक ने सीएमओ को कहा कि गांव छांयसा में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार किया जाए। हर मरीज का इलाज तसल्ली बक्श तरीके से किया जाए। विधायक ने बताया कि इस बारे में स्वास्थ्य मंत्री आरती राव से भेंट कर छांयसा गांव के लोगों को विशेष स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का अनुरोध किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मृतकों के आश्रितों को आर्थिक सहायता भी दिलाई जाएगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
हथीन। उपमंडल के गांव छांयसा में अस्वाभाविक परिस्थितियों में मौतों का सिलसिला थम नहीं पा रहा है। मंगलवार एवं बुधवार को पिछले दो दिनों में दो युवकों की मौतें हो गई हैं। दो मौतें होने से गांव में एक बार फिर भय का माहौल बन गया है। दो मौतें होने के बाद स्वास्थ्य विभाग भी अब पुनः अलर्ट मोड़ पर है।
गांव के सरपंच इस्लाम ने बताया कि 23 वर्षीय युवक शहीदा की मौत काला पीलिया से हो गई। वह उत्तरप्रदेश के सहारनपुर में वेल्डिंग का काम करता था। उसकी तबीयत कई दिनों से खराब थी। मंगलवार को उसकी मौत हो गई। दूसरी मौत 30 वर्षीय सुरेश की हुई है। उसको तीन दिनों पूर्व बुखार आया था। उसको पलवल के निजी अस्पताल में भर्ती किया गया था। वहां से उसको दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। जहां मंगलवार की रात्रि को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
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पुत्री के सदमे से उबरा नहीं था परिवार कि पिता भी चल बसा
इससे पूर्व सुरेश की पुत्री पायल की भी अस्वाभाविक परिस्थितियों में मौत हो गई थी। अभी परिवार मासूम बच्ची की मौत से उबर भी नहीं पाया था की पायल के पिता सुरेश की भी मौत हो गई। दोनों मौतों की सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग भी सतर्क हो गया है।
पीएचसी इंचार्ज ने किया गांव का दौरा
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र छांयसा के इंचार्ज देवेंद्र जाखड़ ने मौतों की सूचना मिलते ही गांव का दौरा किया। उन्होंने संबंधित परिवारों से बात की। मौतों के कारणों को जानने का प्रयास किया। उनके इलाज की रिपोर्ट ली। डॉक्टर जाखड़ ने बताया कि शाहिद सहारनपुर रहता था। वह हेपिटाइटिस बी पॉजिटिव बताया गया है। वहीं दूसरे मृतक सुरेश के बारे में पता चला है। उसको बुखार आया था। सफदरजंग अस्पताल से मौत के कारणों का पता किया जा रहा है।
आठ मार्च को मृत महिला की नहीं आई रिपोर्ट :
इससे पूर्व आठ मार्च को गांव की महिला आर्शीदा की मौत हुई थी। उसके शव का पोस्टमार्टम भी कराया गया था। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने सैम्पल भी लिए थे। जोकि कई प्रयोगशालाओं को भेजा गए। आज तक उनकी रिपोर्ट नहीं आई है। गांव में फरवरी एवं मार्च के महीनों में 40 दिनों के अंदर 17 लोगों की मौतें अस्वाभाविक परिस्थितियों में हुई थीं। अब एक महीना बाद दो मौतें हो गई हैं।
स्वास्थ्य टीमों ने फिर शुरू किया सर्वे :
स्वास्थ्य विभाग की कई टीमों ने गांव छांयसा पहुंचकर पुनः सर्वेक्षण शुरू कर दिया है। मेडिकल अफसर डॉक्टर देवेंद्र जाखड़ ने बताया कि सैम्पल लेकर लोगों की जांच की जा रही है। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया है कि ग्रामीणों के हर रोग का इलाज किया जाएगा। लोग भयभीत न हों।
विधायक ने सीएमओ को दी हिदायत :
छांयसा में हुई दो मौतों के बाद स्थानीय विधायक मोहम्मद इसराइल चौधरी ने सीएमओ सतिंदर वशिष्ठ से बात की। विधायक ने सीएमओ को कहा कि गांव छांयसा में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार किया जाए। हर मरीज का इलाज तसल्ली बक्श तरीके से किया जाए। विधायक ने बताया कि इस बारे में स्वास्थ्य मंत्री आरती राव से भेंट कर छांयसा गांव के लोगों को विशेष स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का अनुरोध किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मृतकों के आश्रितों को आर्थिक सहायता भी दिलाई जाएगी।