{"_id":"6a7ee7ee81b4286fbf074050","slug":"water-supply-from-the-basai-water-treatment-plant-to-sector-16-will-be-increased-gurgaon-news-c-24-1-fbd1020-97792-2026-08-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gurugram News: बसई वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से सेक्टर-16 तक बढ़ेगी पानी की सप्लाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gurugram News: बसई वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से सेक्टर-16 तक बढ़ेगी पानी की सप्लाई
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रस्तावित पाइपलाइन की लंबाई करीब 13.35 किलोमीटर होगी
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण बसई वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (डब्ल्यूटीपी) से सेक्टर-16 बूस्टिंग स्टेशन तक मुख्य पाइपलाइन बदलेगा। करीब 57.41 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाले इस प्रोजेक्ट के तहत 1300 एमएम व्यास की पुरानी पाइपलाइन को अलग-अलग हिस्सों में 1800 एमएम और 1600 एमएम की पाइपलाइन से बदला जाएगा। इसके अलावा राजीव चौक से सेक्टर-16 बूस्टिंग स्टेशन तक 800 एमएम व्यास की अतिरिक्त पाइपलाइन भी डाली जाएगी। कुल 13.35 किलोमीटर की लाइन बदली जानी है। इससे पानी की सप्लाई की क्षमता बढ़ेगी।
जीएमडीए के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्लान-2031 के अनुसार, शहर की भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए मौजूदा 270 एमएलडी के अलावा 200 एमएलडी नई जलशोधन क्षमता विकसित करने की जरूरत है। इसके बाद बसई डब्ल्यूटीपी की कुल क्षमता 470 एमएलडी हो जाएगी।
वर्तमान में बसई डब्ल्यूटीपी से सेक्टर-16 की ओर जाने वाली 1300 एमएम व्यास की पाइपलाइन की डिजाइन क्षमता 170 एमएलडी है, जबकि इससे करीब 200 एमएलडी पानी की आपूर्ति की जा रही है। कई जगहों पर पाइपलाइन पुरानी और जर्जर हो चुकी है, जिससे बार-बार लीकेज और शहर में पेयजल आपूर्ति बाधित हो जाती है।
विज्ञापन
प्रोजेक्ट के तहत बसई डब्ल्यूटीपी से उमंग भारद्वाज चौक तक 4.35 किलोमीटर लंबी 1300 एमएम पाइपलाइन को 1800 एमएम की एमएस पाइपलाइन से बदला जाएगा। उमंग भारद्वाज चौक से हीरो होंडा चौक तक करीब 2 किलोमीटर हिस्से में 1300 एमएम की पाइपलाइन को 1600 एमएम की पाइपलाइन से बदलने का काम एनएचएआई के प्रोजेक्ट के तहत किया जा रहा है। इसके बाद हीरो होंडा चौक से राजीव चौक तक करीब 3.7 किलोमीटर में 1600 एमएम व्यास की नई पाइपलाइन डाली जाएगी।
राजीव चौक से सेक्टर-16 बूस्टिंग स्टेशन तक करीब 3.3 किलोमीटर में मौजूदा 1200 एमएम डीआई पाइपलाइन के साथ अतिरिक्त 800 एमएम व्यास की डीआई पाइपलाइन डाली जाएगी। इस तरह पूरे रूट की प्रस्तावित पाइपलाइन की लंबाई करीब 13.35 किलोमीटर होगी। हालांकि परियोजना के दौरान रूट में मामूली बदलाव भी किया जा सकता है। भविष्य में बसई डब्ल्यूटीपी से सेक्टर-16 बूस्टिंग स्टेशन तक कुल 311 एमएलडी पानी पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें करीब 130 एमएलडी वर्तमान जरूरत और 181 एमएलडी भविष्य की अनुमानित मांग शामिल है। इस स्टेशन से सेक्टर-14 से 43 तक पानी की आपूर्ति की जाती है। इनमें डीएलएफ के विभिन्न सेक्टर और औद्योगिक क्षेत्र भी शामिल हैं। जीएमडीए के मुख्य अभियंता आरएस जांगड़ा ने बताया कि परियोजना को जल्द सिरे चढ़ाया जा रहा है। एक एजेंसी को काम सौंप दिया गया है और वह जल्द कार्य शुरू करेगी। वहीं, कुछ स्थानों पर काम के लिए एनएचएआई से मंजूरी मांगी गई है।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
इन इलाकों को मिलेगा फायदा
मुख्य पाइपलाइन से सेक्टर-9बी, 10, 10ए, 11, 37, 37सी, पेस सिटी, हरिनगर, हंस एन्क्लेव, कादीपुर, खांडसा, राजनगर, शांति नगर, सदर बाजार, रोशनपुरा, सिविल लाइंस, सेक्टर-15, 32, 34 और 38 समेत कई क्षेत्रों को पानी की आपूर्ति होती है। पाइपलाइन बदलने के बाद इन क्षेत्रों में भविष्य की बढ़ती पानी की मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी। परियोजना के दौरान सड़क के नीचे मौजूद फाइबर केबल, गैस पाइपलाइन और एचटी-एलटी बिजली केबल जैसी अन्य यूटिलिटीज भी प्रभावित होंगी। जीएमडीए ने इन यूटिलिटीज को ध्यान में रखते हुए काम करने की योजना तैयार की है।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण बसई वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (डब्ल्यूटीपी) से सेक्टर-16 बूस्टिंग स्टेशन तक मुख्य पाइपलाइन बदलेगा। करीब 57.41 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाले इस प्रोजेक्ट के तहत 1300 एमएम व्यास की पुरानी पाइपलाइन को अलग-अलग हिस्सों में 1800 एमएम और 1600 एमएम की पाइपलाइन से बदला जाएगा। इसके अलावा राजीव चौक से सेक्टर-16 बूस्टिंग स्टेशन तक 800 एमएम व्यास की अतिरिक्त पाइपलाइन भी डाली जाएगी। कुल 13.35 किलोमीटर की लाइन बदली जानी है। इससे पानी की सप्लाई की क्षमता बढ़ेगी।
जीएमडीए के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्लान-2031 के अनुसार, शहर की भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए मौजूदा 270 एमएलडी के अलावा 200 एमएलडी नई जलशोधन क्षमता विकसित करने की जरूरत है। इसके बाद बसई डब्ल्यूटीपी की कुल क्षमता 470 एमएलडी हो जाएगी।
विज्ञापन
वर्तमान में बसई डब्ल्यूटीपी से सेक्टर-16 की ओर जाने वाली 1300 एमएम व्यास की पाइपलाइन की डिजाइन क्षमता 170 एमएलडी है, जबकि इससे करीब 200 एमएलडी पानी की आपूर्ति की जा रही है। कई जगहों पर पाइपलाइन पुरानी और जर्जर हो चुकी है, जिससे बार-बार लीकेज और शहर में पेयजल आपूर्ति बाधित हो जाती है।
विज्ञापन
प्रोजेक्ट के तहत बसई डब्ल्यूटीपी से उमंग भारद्वाज चौक तक 4.35 किलोमीटर लंबी 1300 एमएम पाइपलाइन को 1800 एमएम की एमएस पाइपलाइन से बदला जाएगा। उमंग भारद्वाज चौक से हीरो होंडा चौक तक करीब 2 किलोमीटर हिस्से में 1300 एमएम की पाइपलाइन को 1600 एमएम की पाइपलाइन से बदलने का काम एनएचएआई के प्रोजेक्ट के तहत किया जा रहा है। इसके बाद हीरो होंडा चौक से राजीव चौक तक करीब 3.7 किलोमीटर में 1600 एमएम व्यास की नई पाइपलाइन डाली जाएगी।
राजीव चौक से सेक्टर-16 बूस्टिंग स्टेशन तक करीब 3.3 किलोमीटर में मौजूदा 1200 एमएम डीआई पाइपलाइन के साथ अतिरिक्त 800 एमएम व्यास की डीआई पाइपलाइन डाली जाएगी। इस तरह पूरे रूट की प्रस्तावित पाइपलाइन की लंबाई करीब 13.35 किलोमीटर होगी। हालांकि परियोजना के दौरान रूट में मामूली बदलाव भी किया जा सकता है। भविष्य में बसई डब्ल्यूटीपी से सेक्टर-16 बूस्टिंग स्टेशन तक कुल 311 एमएलडी पानी पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें करीब 130 एमएलडी वर्तमान जरूरत और 181 एमएलडी भविष्य की अनुमानित मांग शामिल है। इस स्टेशन से सेक्टर-14 से 43 तक पानी की आपूर्ति की जाती है। इनमें डीएलएफ के विभिन्न सेक्टर और औद्योगिक क्षेत्र भी शामिल हैं। जीएमडीए के मुख्य अभियंता आरएस जांगड़ा ने बताया कि परियोजना को जल्द सिरे चढ़ाया जा रहा है। एक एजेंसी को काम सौंप दिया गया है और वह जल्द कार्य शुरू करेगी। वहीं, कुछ स्थानों पर काम के लिए एनएचएआई से मंजूरी मांगी गई है।
इन इलाकों को मिलेगा फायदा
मुख्य पाइपलाइन से सेक्टर-9बी, 10, 10ए, 11, 37, 37सी, पेस सिटी, हरिनगर, हंस एन्क्लेव, कादीपुर, खांडसा, राजनगर, शांति नगर, सदर बाजार, रोशनपुरा, सिविल लाइंस, सेक्टर-15, 32, 34 और 38 समेत कई क्षेत्रों को पानी की आपूर्ति होती है। पाइपलाइन बदलने के बाद इन क्षेत्रों में भविष्य की बढ़ती पानी की मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी। परियोजना के दौरान सड़क के नीचे मौजूद फाइबर केबल, गैस पाइपलाइन और एचटी-एलटी बिजली केबल जैसी अन्य यूटिलिटीज भी प्रभावित होंगी। जीएमडीए ने इन यूटिलिटीज को ध्यान में रखते हुए काम करने की योजना तैयार की है।