Baghpat Double Murder: दो किलोमीटर दूर दबे थे शव, 200 किमी दूर तक तलाशते रहे परिजन; चौंकाने वाले हुए खुलासे
सिंगौली तगा गांव के अंकित प्रजापति और पेंटर इसरार के शव श्रीगणेश मंदिर परिसर में दबे मिले। परिजनों ने 18 दिन तक तलाश में पुलिस पर लापरवाही और साधु को बचाने का आरोप लगाया।
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यूपी के बागपत जिले के सिंगौली तगा गांव के अंकित प्रजापति और उसके दोस्त पेंटर इसरार के शव घर से दो किलोमीटर दूर रटौल मार्ग पर स्थित श्रीगणेश मंदिर परिसर में दबे हुए थे और परिवार वाले उन्हें 200 किलोमीटर दूर तक तलाशते रहे। बुधवार देर रात शव मिलने के बाद दोनों के परिजनों पुलिस पर तलाशने में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया।
सिंगौली तगा गांव निवासी शेखर ने बताया कि उसके कुनबे के भाई अंकित और उसके दोस्त इसरार के लापता होने की शिकायत चांदीनगर पुलिस से की। उन्होंने पुलिसकर्मियों को दोनों को तलाशने के लिए कहा तो पुलिसकर्मी उनके खुद ही वापस आने की बात कहने लगे। पुलिसकर्मियों के कार्रवाई नहीं करने पर उन्होंने इसरार के परिवार वालों के साथ मिलकर खुद भी तलाश शुरू कर दी थी।
उन्होंने दिल्ली, हरिद्वार, ऋषिकेश, मेरठ, बुलंदशहर समेत अन्य जगहों पर तलाश की। 18 दिन तक तलाशने के बाद थककर बैठ गए थे। आरोप लगाया कि उन्होंने साधु पर हत्या करने का शक भी जताया, लेकिन पुलिस ने सख्ती से पूछताछ नहीं की, जिसकी वजह से साधु बचकर भाग गया। उन्होंने बताया कि अगर पुलिस सख्ती से पूछताछ करती तो दोनों के शव पहले ही मिल जाते।
साधु का नाम लेते ही धमकाने लगते थे पुलिस वाले
इसरार की बहन सायरा ने बताया कि दोनों के लापता होने के बाद पुलिस वाले उसके घर बड़ागांव में गए और अंकित को छिपाकर रखने की बात कहकर तलाशी लेने लगे। इस दौरान तीन-चार बार उसके घर की तलाशी ली गई और पूछताछ की। उसने जानकारी नहीं होने की बात कही तो महिला पुलिसकर्मियों को बुलाकर पिटाई कराकर सच उगलवाने की धमकी भी दी गई। इसरार की भाभी समीना ने बताया कि इसरार और अंकित के मोबाइल की आखिरी लोकेशन मंदिर के पास मिली थी। उन्होंने साधु पर दोनों को लापता करने का शक भी जताया। आरोप लगाया कि जब भी उन्होंने साधु का नाम लिया, तभी पुलिस वालों ने उन्हें धमकाकर चुप करा दिया। बार-बार मांग करने के बाद भी पुलिस ने मदद नहीं की, उल्टा उन्हें धमकाकर चुप करा दिया गया।