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जलभराव के समाधान के लिए किए जा रहे कार्य समय सीमा के भीतर हो पूरे : निगमायुक्त
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परखा ग्राउंड जीरो...निगम आयुक्त ने जलभराव वाले स्थानों का किया दौरा, अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। आगामी मानसून के मद्देनजर नगर निगम गुरुग्राम (एमसीजी) और जीएमडीए की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसी क्रम में नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त प्रदीप दहिया ने बृहस्पतिवार को अधिकारियों की टीम के साथ जोन-2 क्षेत्र के विभिन्न जलभराव संभावित स्थानों का निरीक्षण किया। साथ ही मौके पर चल रहे जलनिकासी कार्यों की समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त ने सेक्टर-10ए, सेक्टर-9, सेक्टर-9ए, सेक्टर-4, सूर्या विहार और रेलवे लाइन के आसपास के क्षेत्रों का दौरा कर मानसून के दौरान जलभराव की संभावनाओं और उनके समाधान के लिए किए जा रहे कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण किए जाएं ताकि बारिश के दौरान नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त ने नगर निगम गुरुग्राम एवं गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) द्वारा संयुक्त रूप से किए जा रहे जलनिकासी और ड्रेनेज सुधार कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से प्रत्येक परियोजना की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली और कार्यों की गुणवत्ता और गति पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। नगर निगम गुरुग्राम द्वारा सेक्टर-9 क्षेत्र में संपवेल का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही जीएमडीए द्वारा रेलवे लाइन के साथ कच्ची ड्रेन की सफाई का कार्य जोरों पर है। इन कार्यों से क्षेत्र में जलनिकासी और अधिक तेज होगी तथा नागरिकों को राहत मिलेगी।
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संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष फोकस
निगमायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जलभराव संभावित क्षेत्रों में नालों की सफाई, जल निकासी मार्गों की बाधाओं को दूर करने और पंपिंग व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के कार्यों में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि रेलवे लाइन के आसपास तथा निचले इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जाए, क्योंकि इन क्षेत्रों में बारिश के दौरान जलभराव की संभावना अधिक रहती है।
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। आगामी मानसून के मद्देनजर नगर निगम गुरुग्राम (एमसीजी) और जीएमडीए की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसी क्रम में नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त प्रदीप दहिया ने बृहस्पतिवार को अधिकारियों की टीम के साथ जोन-2 क्षेत्र के विभिन्न जलभराव संभावित स्थानों का निरीक्षण किया। साथ ही मौके पर चल रहे जलनिकासी कार्यों की समीक्षा की।
निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त ने सेक्टर-10ए, सेक्टर-9, सेक्टर-9ए, सेक्टर-4, सूर्या विहार और रेलवे लाइन के आसपास के क्षेत्रों का दौरा कर मानसून के दौरान जलभराव की संभावनाओं और उनके समाधान के लिए किए जा रहे कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण किए जाएं ताकि बारिश के दौरान नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त ने नगर निगम गुरुग्राम एवं गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) द्वारा संयुक्त रूप से किए जा रहे जलनिकासी और ड्रेनेज सुधार कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से प्रत्येक परियोजना की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली और कार्यों की गुणवत्ता और गति पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। नगर निगम गुरुग्राम द्वारा सेक्टर-9 क्षेत्र में संपवेल का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही जीएमडीए द्वारा रेलवे लाइन के साथ कच्ची ड्रेन की सफाई का कार्य जोरों पर है। इन कार्यों से क्षेत्र में जलनिकासी और अधिक तेज होगी तथा नागरिकों को राहत मिलेगी।
संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष फोकस
निगमायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जलभराव संभावित क्षेत्रों में नालों की सफाई, जल निकासी मार्गों की बाधाओं को दूर करने और पंपिंग व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के कार्यों में तेजी लाई जाए। उन्होंने कहा कि रेलवे लाइन के आसपास तथा निचले इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जाए, क्योंकि इन क्षेत्रों में बारिश के दौरान जलभराव की संभावना अधिक रहती है।