{"_id":"69da584a99604462e30fb976","slug":"handbook-for-computational-thinking-and-ai-ready-delhi-ncr-news-c-340-1-del1004-131902-2026-04-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: कम्प्यूटेशनल थिकिंग और एआई के लिए हैंडबुक तैयार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: कम्प्यूटेशनल थिकिंग और एआई के लिए हैंडबुक तैयार
विज्ञापन
विज्ञापन
सीबीएसई ने हैंडबुक को वेबसाइट पर उपलब्ध कराया
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने तीसरी से आठवीं तक के कंप्यूटेशनल थिंकिंग और एआई कोर्स के लिए एक हैंडबुक तैयार किया है। छात्रों व शिक्षकों के लिए इसे वेबसाइट पर उपलब्ध भी करा दिया गया है। इसे रिसोर्स पाठ्यपुस्तक के तौर पर नहीं, बल्कि गणित के सहायक संसाधन के रूप में प्रयोग किया जाएगा।
हैंडबुक में दिए गए प्रश्न सोच आधारित हैं, जो छात्रों में विश्लेषण, तर्क और समस्या समाधान की क्षमता को विकसित करेंगे। इसके आधार पर शिक्षक छात्रों को सीधे उत्तर देने के बजाय उन्हें सोचने, चर्चा करने और विभिन्न समाधान खोजने के लिए प्रेरित करेंगे।
समझ को गहरा करने पर रहेगा जोर
इस हैंडबुक का इस्तेमाल समझ को गहरा करने और एप्लीकेशन को बढ़ावा देने के लिए किया जा सकता है। बोर्ड के अनुसार शिक्षकों को यह किताब इस सोच के साथ पढ़नी चाहिए कि सोचने की प्रक्रिया सही जवाब तक पहुंचने से ज्यादा जरूरी है।
Trending Videos
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने तीसरी से आठवीं तक के कंप्यूटेशनल थिंकिंग और एआई कोर्स के लिए एक हैंडबुक तैयार किया है। छात्रों व शिक्षकों के लिए इसे वेबसाइट पर उपलब्ध भी करा दिया गया है। इसे रिसोर्स पाठ्यपुस्तक के तौर पर नहीं, बल्कि गणित के सहायक संसाधन के रूप में प्रयोग किया जाएगा।
हैंडबुक में दिए गए प्रश्न सोच आधारित हैं, जो छात्रों में विश्लेषण, तर्क और समस्या समाधान की क्षमता को विकसित करेंगे। इसके आधार पर शिक्षक छात्रों को सीधे उत्तर देने के बजाय उन्हें सोचने, चर्चा करने और विभिन्न समाधान खोजने के लिए प्रेरित करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
समझ को गहरा करने पर रहेगा जोर
इस हैंडबुक का इस्तेमाल समझ को गहरा करने और एप्लीकेशन को बढ़ावा देने के लिए किया जा सकता है। बोर्ड के अनुसार शिक्षकों को यह किताब इस सोच के साथ पढ़नी चाहिए कि सोचने की प्रक्रिया सही जवाब तक पहुंचने से ज्यादा जरूरी है।