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Delhi NCR News: नवंबर तक दूर हों सरकारी मंजूरी के नियमों की अड़चनेंः एलजी
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कारोबार करना और सरकारी मंजूरी लेना आसान बनाने के लिए नियमों में बदलाव की समीक्षा
निजी स्कूलों के नियमों में ढील और लाइसेंस की प्रक्रिया सरल करने के निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली में कारोबार करने, दुकान चलाने और भवन निर्माण से जुड़ी सरकारी मंजूरियों में आ रही अड़चनें नवंबर के अंत तक दूर करनी होंगी। उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने बृहस्पतिवार को अधिकारियों को लंबित सुधार जल्द पूरे करने के निर्देश दिए। उन्होंने उद्योग विभाग को फटकार लगाते हुए कहा कि जिन समस्याओं का समाधान बैठक में ही हो सकता है, उन्हें बार-बार लंबित नहीं रखा जाना चाहिए। उन्होंने सभी विभागों को तय समयसीमा में सुधार पूरे करने को कहा।
दिल्ली में कारोबार करना आसान बनाने और आम लोगों को नियमों के बोझ से राहत देने के लिए कई स्तरों पर काम चल रहा है। इसके तहत 48 गांवों के शहरीकरण की अधिसूचना जारी हो चुकी है। वहीं, दुकानों के लाइसेंस, बिजली कनेक्शन, भवन निर्माण और निजी स्कूलों से जुड़े नियमों को सरल बनाया जा रहा है। समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव, एमसीडी आयुक्त, गृह विभाग के प्रधान सचिव, डीडीए उपाध्यक्ष और शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
पहले चरण में 23 में से 22 सुधार पूरे
अधिकारियों ने बताया कि नियमों को सरल बनाने के पहले चरण में 23 में से 22 सुधार पूरे किए जा चुके हैं। अगस्त में हुई समीक्षा के दौरान केवल 17 सुधार पूरे हुए थे। अब ग्रामीण क्षेत्रों में उद्योग स्थापित करने के लिए सड़कों की न्यूनतम चौड़ाई से संबंधित नियम में बदलाव बाकी है। दूसरे चरण में 23 अनिवार्य और पांच वैकल्पिक क्षेत्रों में सुधार किए जा रहे हैं।
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दुकानों और भवन निर्माण में मिलेगी राहत
दुकानों के पंजीकरण को स्थायी बनाने और नगर निगम के दोहरे लाइसेंस की व्यवस्था खत्म करने पर काम चल रहा है। 200 किलोवाट तक के बिजली कनेक्शन के लिए अनिवार्य निरीक्षण हटाने का प्रस्ताव है। भवन निर्माण योजना की मंजूरी के लिए जल बोर्ड, अग्निशमन सेवा, वन विभाग और प्रदूषण नियंत्रण समिति से अलग-अलग अनापत्ति प्रमाणपत्र लेने की प्रक्रिया को सरल बनाने पर डीडीए और एमसीडी काम कर रहे हैं।
कारोबार संबंधी मंजूरियों के लिए बनेगी एकल एजेंसी
दिल्ली ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक, 2026 को कैबिनेट की मंजूरी के बाद गृह मंत्रालय भेज दिया गया है। इसका उद्देश्य कारोबार से जुड़ी सरकारी मंजूरियों को आसान बनाना है। इसमें एकल नोडल एजेंसी की व्यवस्था का भी प्रावधान है। इसके अलावा, 48 गांवों के शहरीकरण की अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित हो चुकी है।
स्कूलों, विश्वविद्यालयों और स्वास्थ्य सेवाओं पर भी जोर
निजी स्कूलों की आधारभूत सुविधाओं से जुड़े नए नियम अधिसूचित किए जा चुके हैं। स्कूलों के जरूरी प्रमाणपत्र ऑनलाइन उपलब्ध हैं। निर्माण संबंधी नियमों को और सरल बनाने पर विचार हो रहा है। निजी विश्वविद्यालय विधेयक को भी कैबिनेट की मंजूरी मिल चुकी है। इसमें जमीन, निधि और आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी शर्तों में बदलाव का प्रावधान है।
भूमि उपयोग के नियमों को सरल बनाने का प्रस्ताव अभी लंबित है। इसके अलावा, डॉक्टरों के पंजीकरण और स्वास्थ्य सेवाओं के लाइसेंस की प्रक्रिया आसान करने पर काम चल रहा है। बेड एंड ब्रेकफास्ट प्रतिष्ठान अधिनियम को समाप्त करने का विधेयक विधानसभा से पारित हो चुका है।
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निजी स्कूलों के नियमों में ढील और लाइसेंस की प्रक्रिया सरल करने के निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली में कारोबार करने, दुकान चलाने और भवन निर्माण से जुड़ी सरकारी मंजूरियों में आ रही अड़चनें नवंबर के अंत तक दूर करनी होंगी। उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने बृहस्पतिवार को अधिकारियों को लंबित सुधार जल्द पूरे करने के निर्देश दिए। उन्होंने उद्योग विभाग को फटकार लगाते हुए कहा कि जिन समस्याओं का समाधान बैठक में ही हो सकता है, उन्हें बार-बार लंबित नहीं रखा जाना चाहिए। उन्होंने सभी विभागों को तय समयसीमा में सुधार पूरे करने को कहा।
दिल्ली में कारोबार करना आसान बनाने और आम लोगों को नियमों के बोझ से राहत देने के लिए कई स्तरों पर काम चल रहा है। इसके तहत 48 गांवों के शहरीकरण की अधिसूचना जारी हो चुकी है। वहीं, दुकानों के लाइसेंस, बिजली कनेक्शन, भवन निर्माण और निजी स्कूलों से जुड़े नियमों को सरल बनाया जा रहा है। समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव, एमसीडी आयुक्त, गृह विभाग के प्रधान सचिव, डीडीए उपाध्यक्ष और शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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पहले चरण में 23 में से 22 सुधार पूरे
अधिकारियों ने बताया कि नियमों को सरल बनाने के पहले चरण में 23 में से 22 सुधार पूरे किए जा चुके हैं। अगस्त में हुई समीक्षा के दौरान केवल 17 सुधार पूरे हुए थे। अब ग्रामीण क्षेत्रों में उद्योग स्थापित करने के लिए सड़कों की न्यूनतम चौड़ाई से संबंधित नियम में बदलाव बाकी है। दूसरे चरण में 23 अनिवार्य और पांच वैकल्पिक क्षेत्रों में सुधार किए जा रहे हैं।
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दुकानों और भवन निर्माण में मिलेगी राहत
दुकानों के पंजीकरण को स्थायी बनाने और नगर निगम के दोहरे लाइसेंस की व्यवस्था खत्म करने पर काम चल रहा है। 200 किलोवाट तक के बिजली कनेक्शन के लिए अनिवार्य निरीक्षण हटाने का प्रस्ताव है। भवन निर्माण योजना की मंजूरी के लिए जल बोर्ड, अग्निशमन सेवा, वन विभाग और प्रदूषण नियंत्रण समिति से अलग-अलग अनापत्ति प्रमाणपत्र लेने की प्रक्रिया को सरल बनाने पर डीडीए और एमसीडी काम कर रहे हैं।
कारोबार संबंधी मंजूरियों के लिए बनेगी एकल एजेंसी
दिल्ली ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक, 2026 को कैबिनेट की मंजूरी के बाद गृह मंत्रालय भेज दिया गया है। इसका उद्देश्य कारोबार से जुड़ी सरकारी मंजूरियों को आसान बनाना है। इसमें एकल नोडल एजेंसी की व्यवस्था का भी प्रावधान है। इसके अलावा, 48 गांवों के शहरीकरण की अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित हो चुकी है।
स्कूलों, विश्वविद्यालयों और स्वास्थ्य सेवाओं पर भी जोर
निजी स्कूलों की आधारभूत सुविधाओं से जुड़े नए नियम अधिसूचित किए जा चुके हैं। स्कूलों के जरूरी प्रमाणपत्र ऑनलाइन उपलब्ध हैं। निर्माण संबंधी नियमों को और सरल बनाने पर विचार हो रहा है। निजी विश्वविद्यालय विधेयक को भी कैबिनेट की मंजूरी मिल चुकी है। इसमें जमीन, निधि और आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी शर्तों में बदलाव का प्रावधान है।
भूमि उपयोग के नियमों को सरल बनाने का प्रस्ताव अभी लंबित है। इसके अलावा, डॉक्टरों के पंजीकरण और स्वास्थ्य सेवाओं के लाइसेंस की प्रक्रिया आसान करने पर काम चल रहा है। बेड एंड ब्रेकफास्ट प्रतिष्ठान अधिनियम को समाप्त करने का विधेयक विधानसभा से पारित हो चुका है।