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जंतर मंतर प्रदर्शन और हिंसा: कई सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर और यूट्यूबर पर कसेगा शिकंजा, तीन कंपनियां भी रडार पर

Sat, 01 Aug 2026 03:44 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 01 Aug 2026 03:44 AM IST
सार

डिजिटल मार्केटिंग, सोशल मीडिया मैनेजमेंट और कंटेंट प्रमोशन से जुड़ी तीन बड़ी कंपनियों के दस्तावेज भी खंगाले जा रहे हैं। कई पूर्व पत्रकारों पर भी प्रदर्शन के पक्ष में अभियान चलाने का आरोप है।

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Jantar Mantar protest and violence: Preparations underway to crack down on several major influencers and YouTu
कई पूर्व पत्रकारों पर भी प्रदर्शन के पक्ष में अभियान चलाने का आरोप है। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के समर्थन में पोस्ट करने वाले कई बड़े इंफ्लुएंसर और यूट्यूबर पर शिकंजा कसने की तैयारी है। डिजिटल मार्केटिंग, सोशल मीडिया मैनेजमेंट और कंटेंट प्रमोशन से जुड़ी तीन बड़ी कंपनियों के दस्तावेज भी खंगाले जा रहे हैं। कई पूर्व पत्रकारों पर भी प्रदर्शन के पक्ष में अभियान चलाने का आरोप है।

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जांच एजेंसियों के सूत्रों के मुताबिक, इंस्टाग्राम, एक्स और यूट्यूब पर अच्छे खासे फॉलोअर्स वाले कई इंफ्ल्यूएंसर्स को प्रति पोस्ट 40 से 80 हजार रुपये तक का भुगतान किया गया। भुगतान तीनों बड़ी कंपनियों के जरिये ही किया गया। एजेंसियां प्रदर्शन के दौरान सोशल मीडिया पर चलाए गए डिजिटल कैंपेन, वित्तीय लेनदेन और पक्षों के बीच संभावित समन्वय की भी पड़ताल कर रही हैं। एजेंसियां डिजिटल रिकॉर्ड, भुगतान के माध्यमों का मिलान कर रही हैं। 
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दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार के आदेश पर जांच स्पेशल सेल को सौंप दी गई है। 20 जुलाई की हिंसा से जुड़े 20 मामलों में यह एफआईआर 21 जुलाई को संसद मार्ग थाने में दर्ज की गई। थानाध्यक्ष इंद्रजीत की शिकायत पर दर्ज इस एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता, आर्म्स एक्ट व सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान से जुड़े कानून की 15 गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। इनमें दंगा, आपराधिक साजिश, हत्या का प्रयास, पुलिसकर्मियों पर हमला, हथियार छीनने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। 
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आरोप, हिंसा की थी सुनियोजित साजिश
एफआईआर में सुनियोजित साजिश का आरोप लगाते हुए कहा गया है, 20 जुलाई की रात करीब 10ः11 बजे आप नेताओं ने लोगों को संबोधित किया, जिससे भीड़ आक्रामक हो गई। 

  • एफआईआर में दावा है कि सीजेपी प्रमुख के संसद मार्च के आह्वान पर 20 जुलाई की रात 10-11 हजार लोग जंतर-मंतर पहुंचे थे। भीड़ में मौजूद असामाजिक तत्व प्रदर्शनकारियों को लगातार उकसाते रहे। लोगों से पत्थरों व डंडों से सुरक्षाकर्मियों के सिर पर हमला करने के लिए कहा। 
  • प्रदर्शनकारियों ने पथराव शुरू कर दिया। हमले में कई अधिकारी व पुलिसकर्मी घायल हुए। हवलदार मुकुंद पर हमला कर उनका हथियार छीन लिया। अन्य पुलिसकर्मियों के हथियार छीनने की भी कोशिश की गई। 
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