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Delhi NCR News: केजरीवाल ने नीट पेपर लीक पर युवाओं से आंदोलन की अपील की, उठाए कई सवाल
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केजरीवाल ने कहा, पेपर लीक से करोड़ों युवाओं का भविष्य हो रहा प्रभावित
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर देश के युवाओं से शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लगातार हो रहे पेपर लीक से करोड़ों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है और अब युवाओं को इस मुद्दे पर संगठित होकर आगे आना चाहिए।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यदि अब भी चुप्पी बनी रही तो आने वाले समय में हर साल पेपर लीक जैसी घटनाएं देखने को मिल सकती हैं। उन्होंने नेपाल और बांग्लादेश के युवाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां युवाओं ने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद की थी। भारत के युवाओं को भी अपने भविष्य के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करना चाहिए। केजरीवाल ने कहा कि देश के लाखों परिवार अपने बच्चों की पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए वर्षों मेहनत करते हैं। ऐसे में बार-बार पेपर लीक होना युवाओं के मनोबल को तोड़ने वाला है। उन्होंने कहा कि देश के नेताओं और सरकारों को युवाओं के भविष्य को प्राथमिकता देनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि हर बार पेपर लीक के बाद जांच सीबीआई को सौंप दी जाती है, कुछ गिरफ्तारियां होती हैं, लेकिन बाद में आरोपी जमानत पर बाहर आ जाते हैं और फिर अगली परीक्षाओं में भी ऐसी घटनाएं सामने आती हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अब भी युवाओं को उम्मीद है कि केवल जांच एजेंसियों के भरोसे इस समस्या का समाधान हो जाएगा। उन्होंने कहा कि 2017, 2021, 2024 और अब 2026 में भी नीट परीक्षा से जुड़े पेपर लीक के मामले सामने आए हैं। उनके मुताबिक, इन घटनाओं के कारण लाखों नहीं, बल्कि करोड़ों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने दावा किया कि 2014 के बाद से देशभर में 90 से अधिक पेपर लीक की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। केजरीवाल ने कहा कि राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और गुजरात जैसे राज्यों में सबसे अधिक पेपर लीक के मामले सामने आए हैं। उन्होंने सवाल किया कि आखिर बार-बार ऐसी घटनाएं क्यों हो रही हैं और इन मामलों में जिम्मेदारी तय क्यों नहीं हो पा रही है। उन्होंने कहा कि कई लोग इसे केवल सिस्टम फेल कहकर छोड़ देते हैं, जबकि इस पूरे नेटवर्क में शामिल लोगों तक पहुंचना जरूरी है।
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नई दिल्ली।
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर देश के युवाओं से शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लगातार हो रहे पेपर लीक से करोड़ों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है और अब युवाओं को इस मुद्दे पर संगठित होकर आगे आना चाहिए।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यदि अब भी चुप्पी बनी रही तो आने वाले समय में हर साल पेपर लीक जैसी घटनाएं देखने को मिल सकती हैं। उन्होंने नेपाल और बांग्लादेश के युवाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां युवाओं ने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद की थी। भारत के युवाओं को भी अपने भविष्य के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करना चाहिए। केजरीवाल ने कहा कि देश के लाखों परिवार अपने बच्चों की पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए वर्षों मेहनत करते हैं। ऐसे में बार-बार पेपर लीक होना युवाओं के मनोबल को तोड़ने वाला है। उन्होंने कहा कि देश के नेताओं और सरकारों को युवाओं के भविष्य को प्राथमिकता देनी चाहिए।
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उन्होंने कहा कि हर बार पेपर लीक के बाद जांच सीबीआई को सौंप दी जाती है, कुछ गिरफ्तारियां होती हैं, लेकिन बाद में आरोपी जमानत पर बाहर आ जाते हैं और फिर अगली परीक्षाओं में भी ऐसी घटनाएं सामने आती हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अब भी युवाओं को उम्मीद है कि केवल जांच एजेंसियों के भरोसे इस समस्या का समाधान हो जाएगा। उन्होंने कहा कि 2017, 2021, 2024 और अब 2026 में भी नीट परीक्षा से जुड़े पेपर लीक के मामले सामने आए हैं। उनके मुताबिक, इन घटनाओं के कारण लाखों नहीं, बल्कि करोड़ों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने दावा किया कि 2014 के बाद से देशभर में 90 से अधिक पेपर लीक की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। केजरीवाल ने कहा कि राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और गुजरात जैसे राज्यों में सबसे अधिक पेपर लीक के मामले सामने आए हैं। उन्होंने सवाल किया कि आखिर बार-बार ऐसी घटनाएं क्यों हो रही हैं और इन मामलों में जिम्मेदारी तय क्यों नहीं हो पा रही है। उन्होंने कहा कि कई लोग इसे केवल सिस्टम फेल कहकर छोड़ देते हैं, जबकि इस पूरे नेटवर्क में शामिल लोगों तक पहुंचना जरूरी है।