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Delhi NCR News: ईस्ट-वेस्ट डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर की स्टेकहोल्डर कॉन्फ्रेंस
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सूरत से डंकुनी तक 2,316 किलोमीटर कॉरिडोर के लिए एचएएम मॉडल पर चर्चा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। ईस्ट-वेस्ट डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (ईडब्ल्यूडीएफसी) के वित्त और निर्माण को लेकर इंडिया हैबिटेट सेंटर में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (डीएफसीसीआईएल) ने स्टेकहोल्डर कॉन्फ्रेंस की। इसमें डेवलपर्स, निवेशक, फाइनेंशियल संस्थाएं और संभावित बिडर्स ने हिस्सा लिया।
बैठक में चर्चा का मुख्य विषय हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (एचएएम) के तहत कॉरिडोर का वित्तीय मॉडल, निर्माण की रणनीति और लागू करने की कार्ययोजना रहा। बैठक में डीएफसीसीआईएल के एमडी प्रवीण कुमार, रेलवे बोर्ड के पीईडी इंफ्रास्ट्रक्चर श्याम सुंदर गुप्ता, डीएफसीसीआईएल के निदेशक (फाइनेंस) बी. मुगुन्थन और रेलवे बोर्ड के ईडी (फाइनेंस) राहुल कपूर रहे। प्रस्तावित 2,316 किलोमीटर लंबा ईस्ट-वेस्ट डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर गुजरात के सूरत को पश्चिम बंगाल के डंकुनी से जोड़ेगा। इससे 6 राज्यों की कनेक्टिविटी बढ़ेगी, मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स मजबूत होगा और देश की फ्रेट क्षमता बढ़ेगी। बैठक में प्रवीण कुमार ने कहा कि डीएफसीसीआईएल सहयोग, नवाचार और समयबद्ध क्रियान्वयन से फ्रेट काॅरिडोर को तेजी से आगे बढ़ाएगा।
कॉन्फ्रेंस में एलएंडटी, टाटा प्रोजेक्ट्स समेत प्रमुख ईपीसी कंपनियां शामिल हुईं। लॉजिस्टिक्स सेक्टर से कॉनकोर, डीपी वर्ल्ड, अदानी रोड ट्रांसपोर्ट के प्रतिनिधि, फाइनेंसिंग पर जीका, वर्ल्ड बैंक, एसबीआई और एनआईआईएफ, सीडीपीक्यू, मॉर्गन स्टेनली, ईवाई जैसी निवेश और रेटिंग एजेंसियां मौजूद रहीं।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। ईस्ट-वेस्ट डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (ईडब्ल्यूडीएफसी) के वित्त और निर्माण को लेकर इंडिया हैबिटेट सेंटर में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (डीएफसीसीआईएल) ने स्टेकहोल्डर कॉन्फ्रेंस की। इसमें डेवलपर्स, निवेशक, फाइनेंशियल संस्थाएं और संभावित बिडर्स ने हिस्सा लिया।
बैठक में चर्चा का मुख्य विषय हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (एचएएम) के तहत कॉरिडोर का वित्तीय मॉडल, निर्माण की रणनीति और लागू करने की कार्ययोजना रहा। बैठक में डीएफसीसीआईएल के एमडी प्रवीण कुमार, रेलवे बोर्ड के पीईडी इंफ्रास्ट्रक्चर श्याम सुंदर गुप्ता, डीएफसीसीआईएल के निदेशक (फाइनेंस) बी. मुगुन्थन और रेलवे बोर्ड के ईडी (फाइनेंस) राहुल कपूर रहे। प्रस्तावित 2,316 किलोमीटर लंबा ईस्ट-वेस्ट डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर गुजरात के सूरत को पश्चिम बंगाल के डंकुनी से जोड़ेगा। इससे 6 राज्यों की कनेक्टिविटी बढ़ेगी, मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स मजबूत होगा और देश की फ्रेट क्षमता बढ़ेगी। बैठक में प्रवीण कुमार ने कहा कि डीएफसीसीआईएल सहयोग, नवाचार और समयबद्ध क्रियान्वयन से फ्रेट काॅरिडोर को तेजी से आगे बढ़ाएगा।
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कॉन्फ्रेंस में एलएंडटी, टाटा प्रोजेक्ट्स समेत प्रमुख ईपीसी कंपनियां शामिल हुईं। लॉजिस्टिक्स सेक्टर से कॉनकोर, डीपी वर्ल्ड, अदानी रोड ट्रांसपोर्ट के प्रतिनिधि, फाइनेंसिंग पर जीका, वर्ल्ड बैंक, एसबीआई और एनआईआईएफ, सीडीपीक्यू, मॉर्गन स्टेनली, ईवाई जैसी निवेश और रेटिंग एजेंसियां मौजूद रहीं।
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