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Delhi NCR News: अंकित शर्मा हत्याकांड में उम्रकैद, परिवार बोला फांसी की सजा होनी चाहिए थी
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नई दिल्ली। आईबी अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड में पांच दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। परिवार ने इस फैसले पर थोड़ी संतुष्टि जताई है। हालांकि, उनकी मांग है कि दोषियों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए थी।
अंकित के भाई अंकुर शर्मा ने कहा कि अदालत को मामले को रेयरेस्ट ऑफ द रेयर मानते हुए मिसाल बनने वाली सजा देनी चाहिए थी। उन्होंने कहा, जब यह घटना हुई थी, तभी से परिवार की मांग थी कि दोषियों को कड़ी-से-कड़ी सजा मिलनी चाहिए। अंकित के भाई अंकुर ने कहा, उस वक्त जो चश्मदीद थे, उन्होंने बताया था कि 15 से ज्यादा लोगों ने मिलकर अंकित को मारा था, लेकिन सजा सिर्फ पांच लोगों को ही हुई है। अंकुर ने कहा कि फिलहाल दिल्ली पुलिस की एसआईटी और परिवार के वकील आगे की कानूनी प्रक्रिया पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि मामला आगे जाता है तो परिवार को उम्मीद है कि अंकित को इंसाफ मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि दोषी फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट जा सकते हैं। अंकुर ने भारत सरकार और न्यायपालिका से अपील करते हुए कहा कि मामले को रेयरेस्ट ऑफ द रेयर मानते हुए त्वरित न्यायिक प्रक्रिया अपनायी जाए।
परिवार पर गहरा असर
अंकित की मौत के बाद परिवार की जिंदगी बदल गई है। परिवार ने खजूरी खास स्थित अपना घर छोड़ दिया है। अब वे गाजियाबाद में किराए के मकान में रहते हैं। अंकुर ने कहा कि इन छह सालों में परिवार ने घर, आसपास के लोगों, रिश्तेदारों और भाई को खो दिया। पाया कुछ भी नहीं। पारिवारिक कार्यक्रमों में अंकित की कमी महसूस होती है, खासकर रक्षा बंधन और भाई दूज पर बहन को उसकी याद आती है।
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देश सेवा का सपना
अंकुर ने अपने भाई अंकित को याद करते हुए बताया कि वह बचपन से देश की सेवा करना चाहते थे। उनके गांव के कई युवा सेना में हैं और कुछ शहीद भी हुए हैं। अंकित भी देश के लिए शहीद होना चाहते थे। अंकुर ने कहा कि वह अपने भाई की हत्या को भूल नहीं सकते। उन्होंने उम्मीद जताई कि आज के फैसले से अंकित की आत्मा को शांति मिली होगी।
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अंकित के भाई अंकुर शर्मा ने कहा कि अदालत को मामले को रेयरेस्ट ऑफ द रेयर मानते हुए मिसाल बनने वाली सजा देनी चाहिए थी। उन्होंने कहा, जब यह घटना हुई थी, तभी से परिवार की मांग थी कि दोषियों को कड़ी-से-कड़ी सजा मिलनी चाहिए। अंकित के भाई अंकुर ने कहा, उस वक्त जो चश्मदीद थे, उन्होंने बताया था कि 15 से ज्यादा लोगों ने मिलकर अंकित को मारा था, लेकिन सजा सिर्फ पांच लोगों को ही हुई है। अंकुर ने कहा कि फिलहाल दिल्ली पुलिस की एसआईटी और परिवार के वकील आगे की कानूनी प्रक्रिया पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि मामला आगे जाता है तो परिवार को उम्मीद है कि अंकित को इंसाफ मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि दोषी फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट जा सकते हैं। अंकुर ने भारत सरकार और न्यायपालिका से अपील करते हुए कहा कि मामले को रेयरेस्ट ऑफ द रेयर मानते हुए त्वरित न्यायिक प्रक्रिया अपनायी जाए।
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परिवार पर गहरा असर
अंकित की मौत के बाद परिवार की जिंदगी बदल गई है। परिवार ने खजूरी खास स्थित अपना घर छोड़ दिया है। अब वे गाजियाबाद में किराए के मकान में रहते हैं। अंकुर ने कहा कि इन छह सालों में परिवार ने घर, आसपास के लोगों, रिश्तेदारों और भाई को खो दिया। पाया कुछ भी नहीं। पारिवारिक कार्यक्रमों में अंकित की कमी महसूस होती है, खासकर रक्षा बंधन और भाई दूज पर बहन को उसकी याद आती है।
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देश सेवा का सपना
अंकुर ने अपने भाई अंकित को याद करते हुए बताया कि वह बचपन से देश की सेवा करना चाहते थे। उनके गांव के कई युवा सेना में हैं और कुछ शहीद भी हुए हैं। अंकित भी देश के लिए शहीद होना चाहते थे। अंकुर ने कहा कि वह अपने भाई की हत्या को भूल नहीं सकते। उन्होंने उम्मीद जताई कि आज के फैसले से अंकित की आत्मा को शांति मिली होगी।