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कैच द रेन अभियान से जुड़कर वर्षा जल संचयन को जन-आंदोलन बनाएं : डीसी
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पलवल। बारिश के पानी को संरक्षित करने को अभियान बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा संचालित कैच द रेन अभियान के तहत नागरिकों से बारिश की प्रत्येक बूंद को सहेजने का आह्वान किया है। उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने अभियान के तहत लोगों से अपील किया कि वे अपने घरों, आवासीय सोसायटियों, सरकारी एवं निजी संस्थानों तथा कार्यस्थलों पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली अपनाएं। साथ ही, उपयुक्त स्थानों पर रिचार्ज पिट एवं ट्रेंच बनाकर वर्षा जल को भूमि में समाहित करने की व्यवस्था करें, जिससे भूजल स्तर में सुधार हो सके। इसके अलावा पारंपरिक जल स्रोतों जैसे बावड़ियों, कुओं और तालाबों का संरक्षण एवं पुनर्जीवन करने पर भी विशेष बल दिया है। उपायुक्त ने नागरिकों से अपील की है कि यदि प्रत्येक नागरिक वर्षा जल संचयन को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाए, तो भूजल संकट से काफी हद तक राहत मिल सकती है। यह अभियान न केवल जल संरक्षण को बढ़ावा देगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित जल भविष्य सुनिश्चित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों, सामाजिक संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों एवं उद्योगों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी कर जल संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया
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पलवल। बारिश के पानी को संरक्षित करने को अभियान बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा संचालित कैच द रेन अभियान के तहत नागरिकों से बारिश की प्रत्येक बूंद को सहेजने का आह्वान किया है। उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने अभियान के तहत लोगों से अपील किया कि वे अपने घरों, आवासीय सोसायटियों, सरकारी एवं निजी संस्थानों तथा कार्यस्थलों पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली अपनाएं। साथ ही, उपयुक्त स्थानों पर रिचार्ज पिट एवं ट्रेंच बनाकर वर्षा जल को भूमि में समाहित करने की व्यवस्था करें, जिससे भूजल स्तर में सुधार हो सके। इसके अलावा पारंपरिक जल स्रोतों जैसे बावड़ियों, कुओं और तालाबों का संरक्षण एवं पुनर्जीवन करने पर भी विशेष बल दिया है। उपायुक्त ने नागरिकों से अपील की है कि यदि प्रत्येक नागरिक वर्षा जल संचयन को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाए, तो भूजल संकट से काफी हद तक राहत मिल सकती है। यह अभियान न केवल जल संरक्षण को बढ़ावा देगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित जल भविष्य सुनिश्चित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों, सामाजिक संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों एवं उद्योगों से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी कर जल संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया