सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Malviya Nagar Fire: 22 deaths and dozens of lapses, yet many government departments remain unscathed

Malviya Nagar Fire: 22 मौतें और दर्जनों खामियां, फिर भी कई सरकारी विभाग बेदाग; क्या करता है निगरानी तंत्र

धनंजय मिश्रा, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 08 Jun 2026 03:24 AM IST
विज्ञापन
सार

राजधानी में हर बड़े हादसे के बाद यही सवाल उठता है, लेकिन जवाबदेही अक्सर निजी संचालकों तक सिमट कर रह जाती है और निगरानी तंत्र फिर बेदाग बच निकलता है।

Malviya Nagar Fire: 22 deaths and dozens of lapses, yet many government departments remain unscathed
सवाल यह है कि जब अवैध निर्माण, क्षमता से अधिक कमरे और सुरक्षा संबंधी कमियां वर्षों से मौजूद थीं, तो - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार

मालवीय नगर अग्निकांड में 22 लोगों की मौत के बाद होटल मालिक और रसोइये की गिरफ्तारी तो हो गई, लेकिन लाइसेंस जारी करने, भवन नियमों का पालन सुनिश्चित करने, फायर एनओसी की निगरानी करने और समय-समय पर निरीक्षण की जिम्मेदारी निभाने वाले सरकारी विभाग अब भी कार्रवाई के दायरे से बाहर हैं।



सवाल यह है कि जब अवैध निर्माण, क्षमता से अधिक कमरे और सुरक्षा संबंधी कमियां वर्षों से मौजूद थीं, तो संबंधित विभाग क्या कर रहे थे। उपहार, अनाज मंडी, मुंडका, विवेक विहार, सैदुलाजाब और अब मालवीय नगर... राजधानी में हर बड़े हादसे के बाद यही सवाल उठता है, लेकिन जवाबदेही अक्सर निजी संचालकों तक सिमट कर रह जाती है और निगरानी तंत्र फिर बेदाग बच निकलता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पुलिस ने मामले में होटल मालिक लवकेश बजाज और एक रसोइए को गिरफ्तार किया है। दिल्ली सरकार ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश भी दे दिए हैं। इसके बावजूद घटना के पांच दिन बाद भी स्पष्ट नहीं किया गया है कि लाइसेंस देने, संचालन की निगरानी करने और सुरक्षा मानकों की जांच करने वाले विभागों में किस स्तर पर चूक हुई।
विज्ञापन
Trending Videos


सरकार की ओर से जारी ताजा निरीक्षण रिपोर्टें यह दिखाती हैं कि राजधानी के कई इलाकों में बड़ी संख्या में होटल और गेस्ट हाउस बिना पर्याप्त अग्नि सुरक्षा इंतजामों के संचालित हो रहे थे। सात जून को जारी राजस्व विभाग की रिपोर्ट में विभिन्न जिलों में 130 से अधिक परिसरों का निरीक्षण किया गया, जिनमें अनेक जगहों पर फायर एनओसी, भवन स्वीकृति, सार्वजनिक लाइसेंस और सुरक्षा उपकरणों से जुड़ी गंभीर कमियां पाई गईं। कई प्रतिष्ठानों को नोटिस दिए गए, कुछ को सील किया गया और कुछ के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई।

रोजाना मिल रही खामियां, जिम्मेदारों का पता नहीं...
रिपोर्ट के अनुसार नई दिल्ली, दक्षिण-पश्चिम, उत्तर-पश्चिम, उत्तर-पूर्व, मध्य और पश्चिमी जिलों में होटलों और गेस्ट हाउसों में फायर एनओसी की नहीं मिली है। कई मामलों में अधिकारियों ने पाया कि लाइसेंस में स्वीकृत कमरों की संख्या से अधिक कमरे संचालित करने के अलावा यहां कई खामियां हैं। यहीं खामियां प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े कर रही हैं।

पूर्व प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि किसी भी व्यावसायिक आवासीय प्रतिष्ठान के संचालन में कई एजेंसियां प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ी होती हैं। इनमें स्थानीय निकाय, अग्निशमन विभाग, पुलिस, राजस्व प्रशासन और अन्य लाइसेंसिंग एजेंसियां शामिल हो सकती हैं। ऐसे में केवल होटल संचालक की भूमिका की जांच पर्याप्त नहीं मानी जा सकती। जांच का विषय है कि जिन विभागों की जिम्मेदारी निगरानी और नियमों का पालन सुनिश्चित करने की थी, उन्होंने अपना काम ठीक से किया था या नहीं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed