'दिल्ली रहने लायक नहीं..गांव चले जाएंगे': बेटे की मौत पर रोते-रोते बोले पिता- सेहरा सजाना था, अर्थी सजानी पड़ी
पिता लक्ष्मण ने रोते हुए कहा कि दिल्ली अब रहने लायक नहीं बची है। बवाना जेजे कॉलोनी में आए दिन इस तरह के वारदातें हो रही हैं। हम यहां नहीं रहेंगे, वापस अपने गांव चले जाएंगे।
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दिल्ली के नरेला औद्योगिक क्षेत्र में रंजन की मौत से उसके परिवार के साथ इलाके में रहने वाले लोग गमजदा हैं। पिता लक्ष्मण महतो का रो-रोककर बुरा हाल है। उन्होंने बताया कि हम बेटे के लिए रिश्ते तलाश कर रहे थे। इसी साल उसकी शादी करनी थी। बेटे की शादी के लिए गांव में रहने वाले कई रिश्तेदारों से बात भी हुई थी। उन लोगों ने कई रिश्ते भी दिए थे। बेटा का सेहरा सजाना था लेकिन अर्थी सजानी पड़ी।
बहुत समझदार था रंजन
उन्होंने बताया कि रंजन काफी समझदार था और अपनी जिम्मेदारी समझता था। वह अपने काम को लेकर काफी गंभीर रहता था। एक एक पैसा वह उनको लाकर देता था। उसे भी इस बात की जानकारी थी कि उसकी शादी की बात हो रही है। इसलिए वह अपने काम पर ज्यादा ध्यान देता था। उसका किसी से कोई विवाद नहीं था। उन्होंने कहा कि वह पुलिस से मांग करते हैं कि उनके बेटे के हत्यारे को सख्त से सख्त सजा मिले।
दिल्ली अब रहने लायक नहीं
पिता लक्ष्मण ने रोते हुए कहा कि दिल्ली अब रहने लायक नहीं बची है। बवाना जेजे कॉलोनी में आए दिन इस तरह के वारदातें हो रही हैं। उन्होंने बताया कि वारदात से पहले बेटा उनसे मिलकर गया था। किसी ने उन्हें बताया कि रंजन को हमलावरों ने चाकू मार दिया है। उन्हें विश्वास नहीं हो पा रहा था। अस्पताल पहुंचने पर पता चलता है कि उसकी मौत हो चुकी है। घटना के बाद से उसकी मां सुदामा बेसुध है। होश में आते ही अपने बेटी की तलाश करने लगती है और फिर जोर से चीखती है कि बदमाशों ने बेटे को मार दिया।
दिल्ली छोड़ देगा परिवार
रंजन के बड़े भाई राजा ने बताया कि ऐसे हालत में अब उनका परिवार दिल्ली छोड़ देगा। वह अपना घर बेचकर गांव चले जाएंगे। बवाना जेजे कॉलोनी अब रहने लायक नहीं है। लेकिन उन्होंने कहा कि वह अपने भाई के कातिल को सजा दिलाकर रहेंगे।